Chapter Chapter 10. वित्तीय बाज़ार Class 12 Business Study CBSE notes in hindi पेज 3 - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 12 English Medium Business Study All Chapters:
Chapter 10. वित्तीय बाज़ार
3. पेज 3
पूंजी बाज़ार व मुद्रा बाज़ार में अंतर
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अंतर का आधार |
पूंजी बाज़ार |
मुद्रा बाज़ार |
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(i) भागीदारी |
वित्तीय संस्थाएं, कम्पनियाँ, साधारण जनता | |
RBI,वित्तीय संस्थाएं, वित्तीय कम्पनियाँ | |
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(ii) विनियोग राशि |
इन प्रतिभूतियों का अंकित मूल्य रुपए 10, रुपए 100 होता हैं | |
ये प्रपत्र अधिक राशि के होते हैं | रुपए 10 लाख | |
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(iii) अवधि |
इस बाज़ार में एक वर्ष से अधिक की अवधि वाली प्रतिभूतियों में व्यवहार किया जाता हैं | |
इसमें एक वर्ष से कम की अवधि वाली प्रतिभूतियों में व्यवहार किया जाता हैं | |
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(iv) संबंधित प्रपत्र |
समता अंश, पूर्वाधिकार अंश, ऋण-पत्र, बांड आदि | |
अल्पसुचना ऋण, खजाना बिल, वाणिज्यिक बिल, कॉमर्शियल पेपर, जमा प्रमाण-पत्र आदि | |
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(v) तरलता |
कम होती हैं | |
अधिक तरलता होती हैं | |
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(vi) जोखिम तत्व |
अधिक जोखिम |
पूंजी बाज़ार की तुलना में कम जोखिम | |
शेयर बाज़ार पर ट्रेडिंग कार्यविधि एवं सेबी
शेयर बाज़ार :- शेयर बाज़ार से अभिप्राय उस संगठित बाज़ार से हैं जहाँ विभिन्न संस्थायों (सरकारी व गैर-सरकारी दोनों ), कम्पनियों द्वारा प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय किया जाता हैं | जैसे :- अंश, ऋणपत्र, बंधपत्रों आदि |
शेयर बाज़ार की विशेषताएं ;
(1) शेयर बाज़ार विभिन्न प्रतिभूतियों के क्रय-विक्रय आदि का प्रबंध व नियंत्रण करता हैं |
(2) शेयर बाज़ार प्रतिभूतियों में व्यवहार करने के लिए निश्चित शर्तों का पालन करता हैं |
(3) इसमें केवल अधिकृत सदस्यों के माध्यम से ही प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय होता हैं |
शेयर बाज़ार के कार्य
(1) वर्तमान प्रतिभूतियों में तरलता पैदा करना : शेयर बाज़ार नियमित रूप से प्रतिभूतियों का क्रय-विक्रय करता हैं | इसलिए बाज़ार में कभी-भी प्रतिभूतियों में निवेश किया जा सकता हैं और कभी-भी इनको बेचा जा सकता हैं |
(2) मूल्य निर्धारण में मददगार : शेयर बाज़ार प्रतिभूतियों की माँग व पूर्ति को ध्यान में रखकर इसके मूल्य को निर्धारित करने का कार्य करता हैं |
(3) आर्थिक विकास में सहायक : शेयर बाज़ार दो प्रकार से आर्थिक विकास में सहायक हैं ;
पहला, प्रतिभूतियों के मूल्य में परिवर्तन से लाभ द्वारा |
दूसरा, तरलता द्वारा |
(4) व्यवहारों की सुरक्षा : शेयर बाज़ार निवेशकों के हित की रक्षा करता हैं प्रत्येक शेयर बाज़ार अपने नियमों व विनियमों के अनुसार व्यवहार करता हैं |
शेयर बाज़ार पर ट्रेडिंग कार्यविधि
(1) ब्रोकर का चयन : सर्वप्रथम सेबी ब्रोकर का चयन करता हैं क्योंकि प्रतिभूतियों का कार्य ब्रोकर्स के माध्यम से किया जाता हैं | ब्रोकर एक व्यक्ति, साझेदार फर्म, अथवा कंपनी हो सकती हैं |
(2) डिपाजिटरी के पास डीमेट खाता खोलना : प्रतिभूतियों में ऑनलाइन व्यवहार करने के लिए डीमेट खाते की आवश्यकत होती हैं जो कि डिपाजिटरी पार्टिसिपेंट के माध्यम से खोला जाता हैं |
(3) आदेश देना : डीमेट खाता खुल जाने के बाद क्रेता प्रतिभूति क्रय करने का आदेश फोन या ई-मेल के द्वारा देता हैं | प्रतिभूति के मूल्य बताता हैं |
(4) आदेश पूरा करना : निवेशक के आदेशानुसार ब्रोकर प्रतिभुतियों में व्यवहार करता हैं इसके बाद प्रंसविदा नोट जिसमें प्रतिभूतियों का नाम, संख्या, मूल्य आदि जानकारी होती हैं तैयार किया जाता हैं |
(5) निपटारा : यह निपटारे से अभिप्राय प्रतिभूतियों को विक्रेता के डीमेट खाते से क्रेता के डीमेट खाते में हस्तांतरित करने से हैं |