Chapter 8. गति Class 9 Science CBSE notes in hindi त्वरण - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science All Chapters:
8. गति
2. त्वरण
त्वरण (accelaration):
इकाई समय में किसी वस्तु के वेग परिवर्तन की दर को त्वरण कहते है |
इसको 'a' से सूचित किया जाता है | और इसका SI मात्रक ms-2 होता है |
एकसमान सरल रेखीय गति में वेग में परिवर्तन :
- समय के साथ वेग नियत रहता है |
- इस अवस्था में किसी भी समयान्तराल में वस्तु के वेग में परिवर्तन शून्य है |
असमान गति में वेग में परिवर्तन :
- असमान गति में वेग समय के साथ परिवर्तित होता है |
- इसका मान विभिन्न समयों पर विभिन्न बिन्दुओ पर भिन्न-भिन्न होता है |
- किसी भी समयान्तराल पर वस्तु के वेग में परिवर्तन शून्य नहीं होता है |
त्वरित गति : यदि किसी वस्तु का वेग उसके आरंभिक वेग का मान u से t समय में अंतिम वेग v है और त्वरण a है तो इस प्रकार के गति को त्वरित गति कहते हैं |
सूत्र:

उदाहरण: यदि एक बस विराम अवस्था से शुरू होक 72 km h-1 की चाल 5 सेकंड में प्राप्त करती है जबकि वह एकसमान गति में है तो बस का त्वरण ज्ञात कीजिए |
हल:
समय (t) = 5 मिनट = 5 × 60 = 300 सेकंड
आरंभिक वेग u = 0 [∵ बस विरामावस्था में थी इसलिए आरंभिक वेग शून्य होगा ]
अंतिम वेग v = 72 km h-1


= (20 - 0)/300
= 0.066 ms-2
वस्तु का त्वरण = 0.066 ms-2
त्वरण के प्रकार :
त्वरण के प्रकार त्वरण की दिशा पर आधारित है |
ये निम्न प्रकार के हैं :
(1) धनात्मक त्वरण :
(2) ऋणात्मक त्वरण :
(1) धनात्मक त्वरण : जब किसी वस्तु का वेग वस्तु की गति की दिशा में समय के साथ बढ़ रहा है तो इसे धनात्मक त्वरण कहते है |
- इसमें त्वरण की दिशा वही होती है जो दिशा वस्तु की गति का होता है |
मुख्य बिन्दुएँ :
त्वरण धनात्मक होता है :
- जब त्वरण की दिशा वही होती है जो दिशा वस्तु की गति का होता है |
- जब वेग उसी दिशा में समय के साथ बढ़ता है |
- जब कोई वस्तु विरामावस्था से चलना प्रारंभ करती है |
- जब अंतिम वेग आरंभिक वेग से बड़ा हो (v > u) |
(2) ऋणात्मक त्वरण : यदि किसी वस्तु का वेग समय के साथ वस्तु की गति के विपरीत दिशा में कम हो रहा है तो इस प्रकार के त्वरण को ऋणात्मक त्वरण कहते हैं |
ऋणात्मक त्वरण को मंदन कहते हैं |
मुख्य बिन्दुएँ :
त्वरण ऋणात्मक होता है :
- जब त्वरण की दिशा वस्तु के गति के दिशा की विपरीत दिशा में हो |
- जब वेग समय के साथ कम हो रहा हो |
- जब वस्तु विरामावस्था की ओर जा रही हो |
- जब अंतिम वेग आरंभिक वेग से कम हो |
एकसमान त्वरण :
जब किसी वस्तु का वेग समान समयांतराल में समान त्वरण उत्पन्न कर रही है तो वस्तु के ऐसे त्वरण को एकसमान त्वरण कहते हैं |
एकसमान त्वरित गति : किसी वस्तु की गति से एकसमान त्वरण उत्पन्न हो रहा हो तो इस गति को एकसमान त्वरित गति कहते हैं |
एकसमान त्वरित गति के उदाहरण:
(i) चिकनी सतह पर लुढ़कते हुए गेंद की गति |
(ii) मुक्त रूप से गिरते हुए किसी पिंड की गति |
(iii) सूर्य के चारो ओर पृथ्वी की गति |
(iv) एक बहुमंजिली ईमारत से नीचे आती एक तीव्र गति के लिफ्ट की गति |
(v) पृथ्वी के चारों ओर चन्द्रमा की गति |
असमान त्वरण :
जब किसी वस्तु का वेग समान समयांतराल में असमान त्वरण उत्पन्न कर रही है तो वस्तु के ऐसे त्वरण को एकसमान त्वरण कहते हैं |
असमान त्वरित गति: जब किसी वस्तु की गति से भिन्न-भिन्न त्वरण उत्पन्न हो रहा हो तो ऐसे गति को असमान त्वरित गति कहते हैं |
असमान त्वरित गति के उदाहरण:
(i) एक कार रेस में दौड़ती हुई कार |
(ii) विभिन्न चाल से चलती हुई वाहन की गति |
(iii) ऊपर की दिशा में फेंकी गई गेंद की गति |
(iv) खुरदरे या टूटे फूटे सड़क से गुजरती हुई बस की गति |
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