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Chapter 7. जीवों में विविधता Class 9 Science CBSE notes in hindi द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | ​बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल - CBSE Study

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Chapter 7. जीवों में विविधता Class 9 Science CBSE notes in hindi द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | ​बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल - CBSE Study

कक्षा 9 Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 7. जीवों में विविधता को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | ​बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science All Chapters:

7. जीवों में विविधता

6. द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | ​बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल

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द्वि-नाम पद्धति : प्रत्येक जीवों को सही पहचान के लिए दो नाम रखे गए है । एक पहला जीनस और दूसरा स्पीशीज का होता है । जिसे वैज्ञानिक नाम से जाना जाता है। जैसे - मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स है । 

द्वि-नाम पद्धति के लाभ : 

हम जीवों को उनके समान्य नाम से नहीं पहचान नही कर सकते है। क्योंकि हर भाषा और क्षेत्र में जीवों का अलग अलग नाम है। जब हमें किसी जीव की वैज्ञानिक नाम का पता हो तो हम असानी से उसकी पहचान कर सकते है । द्वि-नाम पद्धति में पहला नाम जीनश (वंश) तथा दूसरा नाम स्पिशिज (जाति) का होता है। 

बाह्य कंकाल और अंत: कंकाल में अंतर : 

​बाह्य कंकाल : 

1. शरीर के बाहर के कठोर भाग को बहिःकंकाल कहते हैं।
2. यह शरीर को संरचना और सुरक्षा दोनों प्रदान करता है।
3. यह काइटिन और कैल्शियम कार्बोनेट से बना होता है।
4. जैसे: आर्थोपोडा, इचिनोडर्मेटा और मोलस्का आदि।

अंत: कंकाल : 

1. शरीर के अंदर के सख्त हिस्से को एंडोस्केलेटन कहा जाता है।
2. यह शरीर को केवल संरचना प्रदान करता है।
3. यह हड्डी और उपास्थि से बना होता है।
4. जैसे: मीन, सरीसृप, एव्स और स्तनधारी आदि। 

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