Chapter 7. जीवों में विविधता Class 9 Science CBSE notes in hindi द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science All Chapters:
7. जीवों में विविधता
6. द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल
द्वि-नाम पद्धति : प्रत्येक जीवों को सही पहचान के लिए दो नाम रखे गए है । एक पहला जीनस और दूसरा स्पीशीज का होता है । जिसे वैज्ञानिक नाम से जाना जाता है। जैसे - मनुष्य का वैज्ञानिक नाम होमो सेपियन्स है ।
द्वि-नाम पद्धति के लाभ :
हम जीवों को उनके समान्य नाम से नहीं पहचान नही कर सकते है। क्योंकि हर भाषा और क्षेत्र में जीवों का अलग अलग नाम है। जब हमें किसी जीव की वैज्ञानिक नाम का पता हो तो हम असानी से उसकी पहचान कर सकते है । द्वि-नाम पद्धति में पहला नाम जीनश (वंश) तथा दूसरा नाम स्पिशिज (जाति) का होता है।
बाह्य कंकाल और अंत: कंकाल में अंतर :
बाह्य कंकाल :
1. शरीर के बाहर के कठोर भाग को बहिःकंकाल कहते हैं।
2. यह शरीर को संरचना और सुरक्षा दोनों प्रदान करता है।
3. यह काइटिन और कैल्शियम कार्बोनेट से बना होता है।
4. जैसे: आर्थोपोडा, इचिनोडर्मेटा और मोलस्का आदि।
अंत: कंकाल :
1. शरीर के अंदर के सख्त हिस्से को एंडोस्केलेटन कहा जाता है।
2. यह शरीर को केवल संरचना प्रदान करता है।
3. यह हड्डी और उपास्थि से बना होता है।
4. जैसे: मीन, सरीसृप, एव्स और स्तनधारी आदि।
Topic Lists Page Wise:
- 1. जीवों में विविधता | वर्गीकरण और जैव विकास | वर्गीकरण का आधार
- 2. प्लांटी समूह | वर्गीकरण | प्लांटी जगत के जीवों के लक्षण
- 3. पादप जगत के जीवों के गुण | थैलोफाइटा | ब्रायोफाइटा | टेरिड़ोंफाइटा | जिम्नोंस्पर्म | एन्जियोंस्पर्म
- 4. एनिमेलिया (जन्तु जगत) | जीवों का गुण (features) | वर्गीकरण का आधार | नोटोकॉर्ड
- 5. कशेरुकी (वर्टीब्रेटा) | समान्य लक्षण | वर्गीकरण | जीवों के गुण | पक्षी एवं स्तनधारी में अंतर
- 6. द्वि-नाम पद्धति | द्वि-नाम पद्धति के लाभ | बाह्य कंकाल | अंत: कंकाल
- 7. Assignment