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Chapter 3. परमाणु एवं अणु Class 9 Science CBSE notes in hindi परमाणु द्रव्यमान | डाल्टन के परमाणु सिद्धांत - CBSE Study

Chapter 3. परमाणु एवं अणु Science Class 9 cbse notes परमाणु द्रव्यमान | डाल्टन के परमाणु सिद्धांत in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter 3. परमाणु एवं अणु Class 9 Science CBSE notes in hindi परमाणु द्रव्यमान | डाल्टन के परमाणु सिद्धांत - CBSE Study

कक्षा 9 Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 3. परमाणु एवं अणु को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक परमाणु द्रव्यमान | डाल्टन के परमाणु सिद्धांत को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science All Chapters:

3. परमाणु एवं अणु

2. परमाणु द्रव्यमान | डाल्टन के परमाणु सिद्धांत

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परमाणु द्रव्यमान Atomic Mass: 

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की उपलब्धियाँ (Achievvements of Dalton's Atomic Theory): 

(i) डाल्टन के परमाणु सिद्धांत में परमाणु द्रव्यमान सबसे विशिष्ट संकल्पना थी और उनके अनुसार प्रत्येक तत्व का एक अभिलाक्षणिक परमाणु द्रव्यमान होता है | 

(ii)  डाल्टन का सिद्धांत स्थिर अनुपात के नियम को इतनी भली-भाँति समझाने में समर्थ था कि वैज्ञानिक इससे प्रेरित होकर परमाणु द्रव्यमान को मापने की ओर अग्रसर हुए।

(iii) एक परमाणु के द्रव्यमान को ज्ञात करना अपेक्षाकृत कठिन कार्य था इसलिए रासायनिक संयोजन के नियमों के उपयोग एवं उत्पन्न यौगिको के द्वारा सापेक्ष परमाणु द्रव्यमानों को ज्ञात किया गया।

परमाणु द्रव्यमान इकाई :

कार्बन -12 समस्थानिक (isotope) के एक परमाणु द्रव्यमान के 1/12 वें भाग को परमाणु द्रव्यमान इकाई के मानक इकाई के रूप में लिया गया है | और इसी के आधार पर अन्य परमाणुओं के द्रव्यमान को प्राप्त किया गया है | 

परिभाषा: किसी तत्व के सापेक्षिक परमाणु द्रव्यमान को उसके परमाणुओं के औसत द्रव्यमान का कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग के अनुपात को परमाणु द्रव्यमान इकाई कहते है | 

परमाणु द्रव्यमान इकाई को पहले amu से लिखा जाता था लेकिन वर्त्तमान में अब 'u' यूनिफाइड द्रव्यमान द्वारा प्रदर्शित किया जाता है | 

उदाहरण: 

ऑक्सीजन (O) का परमाणु द्रव्यमान = 16u 

जिंक (Zn) का परमाणु द्रव्यमान = 65u

सोडियम (Na) का परमाणु द्रव्यमान = 23u

कार्बन (C) का परमाणु द्रव्यमान = 12u 

परमाणु का अस्तित्व: 

अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह पाते। परमाणु अणु एवं आयन बनाते हैं। ये अणु अथवा आयन अत्यधिक संख्या में पुंजित होकर द्रव्य अर्थात पदार्थ का निर्माण करते हैं | 

अणु (Molecule): 

अणु ऐसे दो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह होता है जो आपस में रासायनिक बंध् द्वारा
जुड़े होते है अथवा वे परस्पर आकर्षण बल के द्वारा कसकर जुड़े होते हैं। यह किसी तत्व या यौगिक का सूक्ष्मतम कण होता है | 

अणु के गुण (Properties of Melecules) : 

(i) ये स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकते हैं |

(ii) किसी तत्व या यौगिक का अणु उस तत्व या यौगिक के सभी गुण धर्म को प्रदर्शित करते हैं | 

(iii) एक ही तत्व के परमाणु अथवा भिन्न-भिन्न तत्वों के' परमाणु परस्पर संयोग करके अणु निर्मित करते हैं।

तत्वों के परमाणु (Atoms of Elements) : 

(i) किसी तत्व के अणु एक ही प्रकार के परमाणुओं द्वारा संरचित होते हैं |

(ii) आर्गन (Ar) हीलियम (He) इत्यादि जैसे अनेक उत्कृष्ट (गैसों) तत्वों के अणु उसी तत्व के केवल एक परमाणु द्वारा निर्मित होते हैं। अत: ये एक परमाणुक होते हैं क्योंकि उत्कृष्ट गैसें किसी भी तत्व से यहाँ तक की खुद से भी संयोजन नहीं करती है | 

अणु की परमाणुकता (Atomicity of Atom): 

किसी अणु संरचना में प्रयुक्त होने वाले परमाणुओं की संख्या को उस अणु की परमाणुकता कहते है | जैसे -

ऑक्सीजन के अणु (O2) की परमाणुकता 2 है |

फोस्फोरस के अणु (P4) की परमाणुकता 4 है | 

सल्फर के अणु (S8) की परमाणुकता 8 है | 

अत: किसी तत्व के अणु या यौगिक जितने परमाणुओं से मिलकर बने होते है वही संख्या उस तत्व या यौगिक की परमाणुकता होती है | 

यह निम्नलिखित प्रकार के होते है : 

(i) एक परमाणुक (Monoatomic): आर्गन (Ar) हीलियम (He) इत्यादि जैसे अनेक उत्कृष्ट (गैसों) तत्वों के अणु केवल एक परमाणु द्वारा निर्मित होते हैं। अत: इन्हें एक परमाणुक कहते है | 

उदाहरण: 

(a) हीलियम (He)

(b) आर्गन (Ar) 

(c) निओन (Ne) 

(d) क्रीप्टोन (Kr)

(e) जेक्नोंन (Xe)

(f) राडोन (Rn)

(ii) द्वि परमाणुक (Diatomic): कुछ तत्व जैसे ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और क्लोरीन आदि अपने दो परमाणुओं से अणु बनाते हैं | ऐसे तत्व को द्वि-परमाणुक अणु कहते हैं | 

उदाहरण: 

(a) हाइड्रोजन (H2)

(b) ऑक्सीजन (O2)

(c) नाइट्रोजन (N2)

(d) फ्लोरीन (F2)

(e) क्लोरीन (Cl2)

(f) ब्रोमिन (Br2)

(iii) त्रि-परमाणुक (Triatomic): वह अणु जो तीन परमाणुओं से मिलकर बना होता है त्रि-परमाणुक अणु कहलाता है | 

जैसे - ओजोन (O3)

(iv) चतुर्परमाणुक (Tetra-atomic): किसी तत्व के वें अणु जिसमें चार परमाणु होते हैं चतुर्परमाणुक अणु कहलाता है | 

जैसे - फोस्फोरस (P4

(v) बहु-परमाणुक (Poly-atomic): किसी तत्व के वें अणु जिसमें परमाणुओं की संख्या चार से अधिक हो बहुपरमाणुक अणु कहलाता है | जैसे - 

(a) सल्फर (S8

(b) फुलेरिन (C60)

(c) बोरोन (B12

यौगिकों के अणु 

भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु एक निश्चित अनुपात में परस्पर जुड़कर यौगिकों के अणु का निर्माण करते हैं।

जैसे - 

 यौगिक  संयुक्त तत्व   द्रव्यमान का अनुपात 

जल (H2O)

अमोनिया (NH4)

कार्बन डाइऑक्साइड 

हाइड्रोजन और ऑक्सीजन

नाइट्रोजन और हाइड्रोजन

 कार्बन और ऑक्सीजन  

 1 : 8 

 14: 3

 3 : 8 

 
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