Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter 14. प्राकृतिक संसाधन Class 9 Science CBSE notes in hindi जीवमंडल (Biosphere) - CBSE Study

Chapter 14. प्राकृतिक संसाधन Science Class 9 cbse notes जीवमंडल (Biosphere) in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter 14. प्राकृतिक संसाधन Class 9 Science CBSE notes in hindi जीवमंडल (Biosphere) - CBSE Study

कक्षा 9 Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण 14. प्राकृतिक संसाधन को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक जीवमंडल (Biosphere) को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science All Chapters:

14. प्राकृतिक संसाधन

1. जीवमंडल (Biosphere)

Page 1 of 5

जैवमंडल (Biosphare) :


जीवमंडल (Biosphere): जीवन को आश्रय देने वाला पृथ्वी का घेरा जहाँ वायुमंडल, स्थलमंडल तथा जल मंडल एक दुसरे से मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं उसे जीवमंडल कहते है | 

जीवमंडल के भाग : 

(i) वायुमंडल (Atmosphere)

(ii) स्थलमंडल (Lithosphere)

(iii) जलमंडल (Hydrosphere )

(i) वायुमंडल (Atmosphere): वायु जो पूरी पृथ्वी को कंबल की भांति ढके रहती है वायुमंडल कहलाता है |

(ii) स्थलमंडल (Lithosphere): पृथ्वी के सबसे बाहरी परत को स्थलमंडल कहते हैं | 

(iii) जलमंडल (Hydrosphere): पृथ्वी के सतह का लगभग 75% भाग पर पानी है, समुद्र, नदियाँ, झीलों, तालाबों और अन्य जलाशयों को सम्मिलित रूप से जलमंडल कहते हैं |  

जैव घटक (Biotic Component): जीवमंडल के सभी सजीवों को जैव घटक कहा जाता हैं | जैसे- पेड़-पौधे, जंतु एवं सूक्ष्मजीव आदि |

अजैव घटक (Abiotic Component): जीवमंडल के वायु, जल, और मृदा आदि निर्जीव घटकों को अजैव घटक कहते हैं | 

पृथ्वी पर जीवन के लिए उत्तरदायी कारक : 

(i) वायु 

(ii) तापमान 

(iii) पानी 

(iv) भोजन 

वायु के घटक (The Components of Air):

वायु कई गैसों जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प का मिश्रण है। वायु में नाइट्रोजन 78 % और ऑक्सीजन 21% होते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड बहुत कम मात्रा में वायु में होती है। हीलियम, नियान, ऑर्गन और क्रिप्टान जैसे उत्कृष्ट गैसें अल्प मात्रा में होती हैं। 

पृथ्वी के तापमान को नियंत्रित रखने में वायुमंडल की भूमिका : 

(i) वायु ऊष्मा का कुचालक है | वायुमंडल पृथ्वी के औसत तापमान को दिन के समय और यहाँ तक कि पूरे वर्षभर लगभग नियत रखता है |

(ii) वायुमंडल दिन में तापमान को अचानक बढ़ने से रोकता है और रात के समय ऊष्मा को बाहरी अंतरिक्ष में जाने की दर को कम करता है | 

CO2 को स्थिर करने की विधियाँ : 

कार्बन डाइऑक्साइड दो विधियों से स्थिर होती है:

(i) हरे पेड़ पौधे सूर्य की किरणों की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लूकोज में बदल देते हैं |

(ii) बहुत-से समुद्री जंतु समुद्री जल में घुले कार्बोनेट से अपने कवच बनाते हैं |

वायु प्रवाह (पवन) के कारण :

स्थल और जलाशयों के ऊपर विषम रूप में वायु के गर्म होने के कारण पवने उत्पन्न होती हैं | स्थल के ऊपर की वायु तेजी से गर्म होकर होकर ऊपर उठना शुरू करती है और ऊपर उठते ही वहाँ कम दाब का क्षेत्र बन जाता है और समुद्र के ऊपर की वायु कम दाब वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित होने लगता है | एक क्षेत्र से दुसरे क्षेत्र में वायु की गति पवनों का निर्माण करती है |पृथ्वी के विभिन्न भागों का तापमान, पृथ्वी की घूर्णन गति एवं पवन के मार्ग में आने वाली पर्वत श्रृंखलाएँ पवन को प्रभावित करने वाली कारकें हैं |

बादलों का निर्माण :

दिन के समय जब जलीय भाग गर्म हो जाते हैं, तब बहुत बड़ी मात्रा में जलवाष्प बन जाती है | जलवाष्प की कुछ मात्रा विभिन्न जैविक क्रियाओं के कारण वायुमंडल में चली जाती हैं | यह गर्म वायु के साथ मिलकर ये ऊपर की ओर उठ जाती हैं | ऊपर जाकर ये फैलती हैं और ठंठी हो जाती हैं |

वायुमंडल कंबल की तरह कार्य करता है : 

वायुमंडल पृथ्वी के औसत तापमान को दिन के समय और यहाँ तक कि पूरे वर्षभर लगभग नियत रखता है | वायुमंडल दिन में तापमान को अचानक बढ़ने से रोकता है और रात के समय ऊष्मा को बाहरी अंतरिक्ष में जाने की दर को कम करता है | यही कारण है कि पृथ्वी का वायुमंडल कंबल की तरह कार्य करता है | 

संवहन धाराएँ उत्पन्न होने के कारण : स्थलीय भाग या जलीय भाग से होने वाले विकिरण के परावर्तन तथा पुनर्विकिरण के कारण वायुमंडल गर्म होता है | गर्म होने पर वायु में संवहन धाराएँ उत्पन्न होती है |

समुद्री पवनों का बहना : स्थल के ऊपर की वायु तेजी से गर्म होकर होकर ऊपर उठना शुरू करती है और ऊपर उठते ही वहाँ कम दाब का क्षेत्र बन जाता है और समुद्र के ऊपर की वायु कम दाब वाले क्षेत्र की ओर प्रवाहित होने लगता है | 

 

Page 1 of 5

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.