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Chapter 1. हमारे आस-पास के पदार्थ Class 9 Science CBSE notes in hindi विसरण - CBSE Study

Chapter 1. हमारे आस-पास के पदार्थ Science Class 9 cbse notes विसरण in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter 1. हमारे आस-पास के पदार्थ Class 9 Science CBSE notes in hindi विसरण - CBSE Study

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Class 9 English Medium Science All Chapters:

1. हमारे आस-पास के पदार्थ

2. विसरण

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1. हमारे आस-पास के पदार्थ

(Science-IX)


 

विसरण (Diffusion): दो विभिन्न पदार्थों के कणों का स्वत: मिलना विसरण कहलाता है | 

विसरण एक प्रक्रिया है जिसमें पदार्थ के कण अपने आप ही एक दुसरे से अंत:मिश्रित हो जाते है | ऐसा कणों के रिक्त स्थानों में समावेश के कारण होता है | 

ठोस, द्रव और गैस पदार्थ की ये अवस्थाएँ उसके कणों की विभिन्न विशेषताओं के कारण होता है |  

द्रवों में विसरण (Diffusion in Liquids): द्रव में ठोस, द्रव और गैस तीनों का विसरण संभव हैं | ठोसों की अपेक्षा द्रवों में विसरण की दर अधिक होती है | ऐसा इसलिए है क्योंकि द्रव अवस्था में पदार्थ के कण स्वतंत्र रूप से गति करते है और ठोस की अपेक्षा द्रव के कणों में रिक्त स्थान  भी अधिक होता है | 

द्रवों में गैसों का विसरण : जलीय जीव जल में घुली ऑक्सीजन का उपयोग श्वास लेने के लिए करते है |  

गैसों  में विसरण (Diffusion In Gases): गैसों में संपीड्यता ठोस एवं द्रव की अपेक्षा अधिक होती है | इनके कणों के बीच रिक्त स्थान अन्य अवस्थाओं की अपेक्षा अधिक होती है, और कणों के बीच आकर्षण बल भी काफी कम होता है | जिससे कणों की तेज गति और अत्यधिक रिक्त स्थान के कारण गैसों का अन्य गैसों में विसरण बहुत तीव्रता से होता है | 

पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन : 

पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन होने के कारण निम्न है : 

  1. कणों के बीच रिक्त स्थान में कमी या वृद्धि अवस्था में परिवर्तन ला सकता है | 
  2. यदि पदार्थ के कणों की गतिशीलता बढ़ा या घटा दी जाये तो अवस्था में परिवतन लाया जा सकता है | 
  3. यदि पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल को कम या अधिक कर दिया जाये तो पदर्थ की अवस्था में परिवर्तन लाया जा सकता है | 

उपरोक्त सभी विन्दुओं से यह पता चलता है कि पदार्थ की अवस्थाओं में परिवर्तन उनके विभिन्न गुणों में परिवर्तन के कारण होता है | अब इन गुणों में परिवर्तन लाने वाले भौतिक कारक क्या हैं ? 

पदार्थ के गुणों में परिवर्तन लाने वाले भौतिक कारक जिससे अवस्था में परिवर्तन होता है : 

(1)    तापमान 

(2)    दाब 

1. तापमान : किसी भी अवस्था में यदि तापमान बढ़ाने पर पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है | गतिज ऊर्जा में वृद्धि होने के कारण कण और अधिक गति से कम्पन अकरने लगते हैं | ऊष्मा के द्वारा प्रदान की गई ऊर्जा कणों के बीच के आकर्षण  बल को पर कर लेती है | इस कारण कण अपने नियत स्थान छोड़कर अधिक स्वतंत्र होकर गति करने लगते हैं | फिर एक ऐसी अवस्था आती है, जब ठोस पिघलकर द्रव में परिवर्तित हो जाता है | 

विभिन्न तापों पर जल की भौतिक अवस्था : 

(1)  ठोस 

 अवस्था   तापमान   पदार्थ का नाम 
 ठोस   0o C     बर्फ 
 तरल   25o C     जल 
 गैस   100o    जल-वाष्प 

2. दाब : हम ये जान चुके है कि पदार्थ के कणों के बीच की दुरी बढ़ने या घटने से पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन होता है | यदि किसी पदार्थ की अवस्था को परिवर्तित करना है तो दाब भी यही कार्य करता है | दाब बढ़ने या घटने से पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन आती है | जैसे -सिलिंडर में भरा गैस संपीडित (दाब ) करके बहुत अधिक मात्रा में गैसों को तरल रूप में एक छोटे से सिलिंडर में भरा जाता है | 

तापमान और दाब पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन लाने के लिए उत्तरदायी है | 

शुष्क बर्फ (Dry Ice) 

ठोस CO2 जिसे उच्च दाब पर  रखा जाता है | अत्यधिक उच्च दाब में रखने के कारण ही यह ठोस अवस्था में रह पाता है, अन्यथा 1 एट्मोसफेअर वायुमंडलीय दाब पर ठोस कार्बोब डाइऑक्साइड द्रव अवस्था में आये बिना सीधे गैस में परिवर्तित हो जाती है | यही कारण है कि ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ (Dry Ice) भी कहते है | 

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