Chapter Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा Class 12 Political Science-I CBSE notes in hindi सुरक्षा के अपारंपरिक धारणा - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 12 English Medium Political Science-I All Chapters:
Chapter 7. समकालीन विश्व में सुरक्षा
2. सुरक्षा के अपारंपरिक धारणा
सुरक्षा की अपारंपरिक धारणा
सुरक्षा की अपारंपरिक धारणा केवल सैन्य खतरों तक सीमित नहीं है। इसमें वे सभी संभावित खतरे शामिल होते हैं जो मानवीय अस्तित्व और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
सुरक्षा के तीन मुख्य तत्व
- किन चीजों की सुरक्षा: व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और वैश्विक मानवता।
- किन खतरों से सुरक्षा: युद्ध, आतंकवाद, महामारी, प्राकृतिक आपदा, आर्थिक संकट आदि।
- सुरक्षा के तरीके: सहयोग, नीतियाँ, अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ और मानवीय पहल।
मानवता की सुरक्षा या विश्व-रक्षा
अपारंपरिक दृष्टिकोण में सुरक्षा केवल राज्यों की नहीं, बल्कि व्यक्तियों और समुदायों की भी मानी जाती है। इसी कारण इसे मानवता की सुरक्षा या विश्व-रक्षा कहा जाता है।
मानवता की रक्षा का महत्व
- राज्य की सुरक्षा से अधिक प्राथमिकता जनता की सुरक्षा को दी जाती है।
- सुरक्षित राज्य का मतलब हमेशा सुरक्षित नागरिक नहीं होता।
- पिछले सौ वर्षों में अपनी ही सरकारों द्वारा मारे गए नागरिकों की संख्या विदेशी हमलों से ज्यादा रही है।
- मुख्य लक्ष्य है व्यक्तियों की रक्षा।
- मुख्य जोर "अभाव से मुक्ति" और "भय से मुक्ति" पर है।
संयुक्त राष्ट्र का दृष्टिकोण
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान के अनुसार: “व्यक्तियों और समुदायों को अंदरूनी खून-खराबे से बचाना मानवता की सुरक्षा का मूल आधार है।”
मानवता की सुरक्षा का व्यापक दृष्टिकोण
- खतरों की सूची में अकाल, महामारी और प्राकृतिक आपदाएँ भी शामिल हैं।
- युद्ध और आतंकवाद से ज्यादा लोग महामारियों और आपदाओं से प्रभावित होते हैं।
- आर्थिक सुरक्षा और मानवीय गरिमा भी इस परिभाषा का हिस्सा हैं।
विश्वव्यापी खतरे
- वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग)
- अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद
- महामारियाँ — जैसे एड्स, बर्ड फ्लू, SARS
अपारंपरिक सुरक्षा के दो पक्ष
- मानवता की सुरक्षा
- विश्व सुरक्षा
अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद
आतंकवाद का आशय जान-बूझकर नागरिकों को निशाना बनाकर राजनीतिक बदलाव लाना है। अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद कई देशों में फैला होता है और वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा है।
- नागरिकों को आतंकित करना और राजनीतिक दबाव बनाना।
- कई देशों में फैले नेटवर्क और फंडिंग।
- उदाहरण: विमान अपहरण, भीड़भाड़ वाली जगहों पर बम धमाके।
- 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमला इसका प्रमुख उदाहरण है।
मानवाधिकार की श्रेणियाँ
- राजनीतिक अधिकार — अभिव्यक्ति और सभा की स्वतंत्रता।
- आर्थिक और सामाजिक अधिकार।
- उपनिवेशित जनता या जातीय अल्पसंख्यकों के अधिकार।
मानवाधिकारों पर असहमति के कारण
- कौन-सी श्रेणियों को सार्वभौमिक मानवाधिकार माना जाए?
- उल्लंघन होने पर अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी की भूमिका क्या हो?
आंतरिक रूप से विस्थापित जन
वे लोग जो हिंसा या संघर्ष के कारण अपने घर छोड़ देते हैं लेकिन देश की सीमा के भीतर रहते हैं, उन्हें आंतरिक रूप से विस्थापित जन कहा जाता है। उदाहरण: 1990 के दशक में कश्मीर घाटी छोड़ने वाले कश्मीरी पंडित।
महामारियाँ और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा
- एचआईवी-एड्स, बर्ड फ्लू, SARS जैसी महामारियाँ प्रवास, व्यापार और पर्यटन के माध्यम से तेजी से फैलती हैं।
- एबोला, हेपेटाइटिस-सी जैसी नई बीमारियों ने वैश्विक चिंता बढ़ाई।
- टीबी, मलेरिया, डेंगू जैसी पुरानी बीमारियाँ अब औषधि-प्रतिरोधी रूप ले चुकी हैं।
- पशु-जनित रोग (जैसे मैड-काऊ, बर्ड फ्लू) आर्थिक नुकसान का बड़ा कारण हैं।
अतिरिक्त प्रासंगिक बिंदु
- साइबर सुरक्षा: डिजिटल युग में साइबर हमले भी मानव सुरक्षा का हिस्सा हैं।
- पर्यावरणीय सुरक्षा: जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों की कमी।
- मानवीय गरिमा: केवल जीवन की रक्षा नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने की शर्तें।
परीक्षा-उपयोगी बिंदु
- अपारंपरिक सुरक्षा में मानव और वैश्विक आयाम शामिल।
- मानवता की सुरक्षा का मुख्य आधार — "अभाव से मुक्ति" और "भय से मुक्ति"।
- अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद और महामारियाँ प्रमुख खतरे।
- मानवाधिकारों की श्रेणियाँ और विवाद परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण।
नोट: यह लेख NCERT के विचारों पर आधारित है परंतु भाषा और प्रस्तुति पूरी तरह से परिवर्तित और विस्तारित की गयी है ताकि यह आपके स्वयं के स्वरूप का, उपयोगी और सुरक्षित बने। धन्यवाद !! सीबीएसई स्टडी Updated On: 03-Oct-2025