Chapter द्रव्य का परमाण्विक आधार Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi सहसंयोजी आबंध - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
द्रव्य का परमाण्विक आधार
6. सहसंयोजी आबंध
अध्याय 9. द्रव्य का परमाण्विक आधार
परमाणु स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनों की ऐसी साझेदारी से बनने वाले आबंध को सहसंयोजी आबंध कहते हैं। इसमें परमाणु अपने साझा इलेक्ट्रॉन-युग्म के कारण एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।
सहसंयोजी आबंध (Covalent Bond)
परिभाषा:
दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के एक या अधिक युग्मों की साझेदारी से बनने वाला आबंध सहसंयोजी आबंध कहलाता है। साझा इलेक्ट्रॉन-युग्म दोनों परमाणुओं के नाभिकों को आकर्षित करता है और उन्हें एक साथ बाँधे रखता है।
सहसंयोजी आबंध कैसे बनता है?
जिन परमाणुओं की संयोजकता कोश पूर्ण नहीं होती, वे स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करते हैं। इस प्रक्रिया में दो परमाणु एक या अधिक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा करते हैं। साझा इलेक्ट्रॉन-युग्म दोनों परमाणुओं द्वारा उपयोग किया जाता है और इस प्रकार दोनों स्थायी विन्यास प्राप्त कर लेते हैं।
हाइड्रोजन अणु (H₂) का निर्माण
परिभाषा: हाइड्रोजन परमाणु के K-कोश में एक इलेक्ट्रॉन होता है, जबकि स्थायी होने के लिए उसे दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए दो हाइड्रोजन परमाणु अपने-अपने एक-एक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी करते हैं और H₂ अणु बनाते हैं।
आबंध: दोनों हाइड्रोजन परमाणुओं के बीच एक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा होता है, इसलिए इनके बीच एकल सहसंयोजी आबंध बनता है। इसे H–H द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
क्लोरीन अणु (Cl₂) का निर्माण
क्लोरीन के संयोजकता कोश में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं। स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिए प्रत्येक क्लोरीन परमाणु को एक और इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। इसलिए दो क्लोरीन परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करके Cl₂ अणु बनाते हैं।
आबंध: दोनों क्लोरीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा करते हैं, इसलिए इनके बीच एकल सहसंयोजी आबंध होता है। इसे Cl–Cl द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
ऑक्सीजन अणु (O₂) का निर्माण
ऑक्सीजन के संयोजकता कोश में छह इलेक्ट्रॉन होते हैं। अष्टक पूरा करने के लिए प्रत्येक ऑक्सीजन परमाणु को दो और इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए दोनों ऑक्सीजन परमाणु दो-दो इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करते हैं।
आबंध: ऑक्सीजन के दोनों परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के दो युग्म साझा होते हैं। इसलिए इनके बीच द्वि-सहसंयोजी आबंध (Double Bond) होता है। इसे O=O द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
हाइड्रोजन क्लोराइड (HCl) का निर्माण
हाइड्रोजन को स्थायी होने के लिए एक इलेक्ट्रॉन तथा क्लोरीन को अपना अष्टक पूरा करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन की आवश्यकता होती है। इसलिए हाइड्रोजन और क्लोरीन परमाणु एक-एक इलेक्ट्रॉन साझा करके HCl का अणु बनाते हैं।
आबंध: HCl में हाइड्रोजन और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा करते हैं। इसलिए इनके बीच एकल सहसंयोजी आबंध होता है और इसे H–Cl द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
जल (H₂O) के अणु का निर्माण
हाइड्रोजन को स्थायी होने के लिए एक तथा ऑक्सीजन को दो इलेक्ट्रॉनों की आवश्यकता होती है। इसलिए एक ऑक्सीजन परमाणु दो हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ एक-एक इलेक्ट्रॉन की साझेदारी करता है। इस प्रकार H₂O का अणु बनता है।
आबंध: जल के अणु में ऑक्सीजन दो हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी करती है। जल का रासायनिक सूत्र H₂O है, जो दो हाइड्रोजन परमाणुओं और एक ऑक्सीजन परमाणु की उपस्थिति को दर्शाता है।
सहसंयोजी आबंध के प्रकार
- एकल आबंध: जब दो परमाणु एक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा करते हैं। उदाहरण— H₂ और Cl₂।
- द्वि-आबंध: जब दो परमाणु दो इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा करते हैं। उदाहरण— O₂।
सहसंयोजी यौगिकों का नामकरण
नियम: सहसंयोजी यौगिकों के नामकरण में उपसर्गों का प्रयोग करके अणु में उपस्थित प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या बताई जाती है। पहले तत्व का नाम सामान्य रूप से लिखा जाता है, जबकि दूसरे तत्व के नाम के अंत में -आइड (-ide) लगाया जाता है।
परमाणुओं की संख्या बताने वाले उपसर्ग:
| परमाणुओं की संख्या | उपसर्ग |
|---|---|
| 1 | मोनो (Mono) |
| 2 | डाइ (Di) |
| 3 | ट्राइ (Tri) |
| 4 | टेट्रा (Tetra) |
| 5 | पेंटा (Penta) |
| 6 | हेक्सा (Hexa) |
नामकरण के उदाहरण:
- CO — कार्बन मोनोऑक्साइड
- CO₂ — कार्बन डाइऑक्साइड
- CS₂ — कार्बन डाइसल्फाइड
- PCl₃ — फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड
- SF₆ — सल्फर हेक्साफ्लोराइड
- N₂O₄ — डाइनाइट्रोजन टेट्राऑक्साइड
- N₂O₅ — डाइनाइट्रोजन पेंटाऑक्साइड
विशेष नियम: यदि सूत्र में पहला तत्व हाइड्रोजन हो, तो उसके पहले सामान्यतः कोई उपसर्ग नहीं लगाया जाता। उदाहरण के लिए H₂S को हाइड्रोजन सल्फाइड कहा जाता है, न कि डाइहाइड्रोजन सल्फाइड।
सामान्य नाम: कुछ सहसंयोजी यौगिक अपने सामान्य नामों से अधिक प्रसिद्ध हैं। H₂O को सामान्यतः जल तथा NH₃ को अमोनिया कहा जाता है।
Our Concept Builder
सहसंयोजी आबंध में परमाणु इलेक्ट्रॉनों को एक-दूसरे के साथ साझा करते हैं। जितने इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा किए जाते हैं, उसी के अनुसार एकल या द्वि-आबंध बन सकता है। H₂ और Cl₂ में एक-एक इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा होता है, जबकि O₂ में दो इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा होते हैं।
Exam Booster
- सहसंयोजी आबंध इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से बनता है।
- H₂ और Cl₂ में एकल सहसंयोजी आबंध होता है।
- O₂ में द्वि-आबंध होता है।
- HCl में H–Cl द्वारा एकल सहसंयोजी आबंध प्रदर्शित किया जाता है।
- जल का सूत्र H₂O है।
- सहसंयोजी यौगिकों के नामकरण में मोनो, डाइ, ट्राइ, टेट्रा, पेंटा और हेक्सा जैसे उपसर्गों का प्रयोग किया जाता है।
Topic Lists Page Wise:
- 1. Chapter Review and Key Points
- 2. परमाणुओं के संयोजन से नए पदार्थों का निर्माण
- 3. रासायनिक संयोजन के नियम
- 4. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
- 5. रासायनिक आबंध
- 6. सहसंयोजी आबंध
- 7. आयनिक आबंध
- 8. रासायनिक सूत्र
- 9. आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
- 10. आयनिक एवं सहसंयोजी यौगिकों के गुणधर्म
- 11. Assignments - What Have You Learned?