Chapter गति पर बलों का प्रभाव Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
गति पर बलों का प्रभाव
1. Chapter Review and Key Points
अध्याय 6. गति पर बलों का प्रभाव
पिछले अध्याय में आपने गति का वर्णन स्थिति, दूरी, विस्थापन, चाल, वेग तथा त्वरण के आधार पर करना सीखा था। इस अध्याय में हम जानेंगे कि किसी वस्तु की गति में परिवर्तन क्यों होता है तथा इसके लिए बल (Force) की क्या भूमिका होती है। साथ ही बल का परिमाण एवं दिशा, संतुलित एवं असंतुलित बल, घर्षण बल (Friction Force), परिणामी बल (Net Force) तथा न्यूटन (Newton) के गति के तीन नियमों का अध्ययन करेंगे और समझेंगे कि ये नियम हमारे दैनिक जीवन में कैसे लागू होते हैं।
Chapter Review
परिचय (Introduction)
- बल किसी वस्तु की गति, दिशा, वेग तथा आकार में परिवर्तन कर सकता है।
- बल एक सदिश (Vector) राशि है, जिसका परिमाण तथा दिशा दोनों होते हैं।
- एक वस्तु पर एक साथ अनेक बल कार्य कर सकते हैं।
- संतुलित बल वस्तु की गति में परिवर्तन नहीं करते, जबकि असंतुलित बल गति में परिवर्तन करते हैं।
- घर्षण बल हमेशा गति अथवा गति की प्रवृत्ति के विपरीत दिशा में कार्य करता है।
- न्यूटन के गति के नियम वस्तुओं की गति तथा उस पर लगने वाले बलों के संबंध को स्पष्ट करते हैं।
महत्वपूर्ण परिभाषाएँ (Definitions)
| शब्द | संक्षिप्त परिभाषा |
|---|---|
| बल (Force) | वह भौतिक राशि जो किसी वस्तु की गति, दिशा, वेग या आकार में परिवर्तन कर सकती है। |
| संतुलित बल (Balanced Force) | बराबर परिमाण तथा विपरीत दिशा वाले बल, जिनका परिणामी बल शून्य होता है। |
| असंतुलित बल (Unbalanced Force) | ऐसे बल जिनका परिणामी बल शून्य नहीं होता और वे वस्तु की गति में परिवर्तन करते हैं। |
| परिणामी बल (Net Force) | किसी वस्तु पर लगने वाले सभी बलों का कुल प्रभाव। |
| घर्षण बल (Friction Force) | वह बल जो गति अथवा गति की प्रवृत्ति का विरोध करता है। |
| जड़त्व (Inertia) | वस्तु का अपनी विरामावस्था अथवा एकसमान गति की अवस्था बनाए रखने का गुण। |
| न्यूटन का प्रथम नियम | परिणामी बल के अभाव में वस्तु विरामावस्था या एकसमान वेग से गतिमान रहती है। |
| न्यूटन का द्वितीय नियम | बल वस्तु के संवेग परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है। |
| न्यूटन का तृतीय नियम | प्रत्येक क्रिया के बराबर एवं विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है। |
महत्वपूर्ण शब्द (Important Terms)
- बल (Force)
- परिमाण (Magnitude)
- दिशा (Direction)
- कमानीदार तुला (Spring Balance)
- संतुलित बल (Balanced Force)
- असंतुलित बल (Unbalanced Force)
- परिणामी बल (Net Force)
- घर्षण बल (Friction Force)
- अभिलंब बल (Normal Force)
- गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)
- जड़त्व (Inertia)
- न्यूटन के गति के नियम (Newton's Laws of Motion)
मुख्य अवधारणाएँ (Important Concepts)
- बल का प्रभाव उसके परिमाण तथा दिशा दोनों पर निर्भर करता है।
- बल का SI मात्रक न्यूटन (N) है।
- परिणामी बल ही वस्तु की गति में परिवर्तन का कारण बनता है।
- संतुलित बल वस्तु की गति नहीं बदलते।
- असंतुलित बल वस्तु को गति प्रदान कर सकते हैं या उसकी गति बदल सकते हैं।
- घर्षण बल प्रत्येक संपर्क सतह पर उपस्थित होता है तथा गति का विरोध करता है।
- जड़त्व के कारण वस्तु अपनी वर्तमान अवस्था बनाए रखना चाहती है।
- न्यूटन का प्रथम नियम जड़त्व की व्याख्या करता है।
- न्यूटन का द्वितीय नियम बल, द्रव्यमान एवं त्वरण के बीच संबंध बताता है।
- न्यूटन का तृतीय नियम क्रिया एवं प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर आधारित है।
5 मिनट रिवीजन (Quick Revision)
- ✔ बल = परिमाण + दिशा
- ✔ बल का SI मात्रक = न्यूटन (N)
- ✔ परिणामी बल = सभी बलों का कुल प्रभाव
- ✔ संतुलित बल ⇒ परिणामी बल = 0
- ✔ असंतुलित बल ⇒ गति में परिवर्तन
- ✔ घर्षण बल हमेशा गति का विरोध करता है।
- ✔ जड़त्व = अवस्था परिवर्तन का विरोध
- ✔ प्रथम नियम = जड़त्व का नियम
- ✔ द्वितीय नियम = F = ma
- ✔ तृतीय नियम = प्रत्येक क्रिया की बराबर एवं विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Booster)
- बल, परिणामी बल एवं घर्षण बल की परिभाषाएँ अवश्य याद रखें।
- संतुलित एवं असंतुलित बल में अंतर परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
- बल का SI मात्रक तथा उसका प्रतीक (N) याद रखें।
- न्यूटन के तीनों गति के नियम एवं उनके दैनिक जीवन के उदाहरण तैयार रखें।
- जड़त्व (Inertia) तथा न्यूटन के प्रथम नियम का संबंध अवश्य समझें।
- परिणामी बल एवं घर्षण बल पर आधारित संख्यात्मक एवं अवधारणात्मक प्रश्न CBSE परीक्षा में महत्वपूर्ण होते हैं।