Chapter द्रव्य का परमाण्विक आधार Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi रासायनिक संयोजन के नियम - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
द्रव्य का परमाण्विक आधार
3. रासायनिक संयोजन के नियम
अध्याय 9. द्रव्य का परमाण्विक आधार
रासायनिक अभिक्रियाओं के अध्ययन से वैज्ञानिकों ने पाया कि तत्व किसी भी प्रकार से नहीं, बल्कि कुछ निश्चित नियमों का पालन करते हुए संयोजित होते हैं। इन्हीं नियमों को रासायनिक संयोजन के नियम (Laws of Chemical Combination) कहा जाता है। ये नियम यह स्पष्ट करते हैं कि रासायनिक अभिक्रियाओं में कुल द्रव्यमान सुरक्षित रहता है तथा प्रत्येक यौगिक में तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में उपस्थित होते हैं। यही नियम आगे चलकर डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का आधार बने।
रासायनिक संयोजन के नियम (Laws of Chemical Combination)
वैज्ञानिकों ने अनेक रासायनिक अभिक्रियाओं का अध्ययन करने के बाद पाया कि तत्व परस्पर किसी भी अनुपात में संयोजित नहीं होते, बल्कि कुछ निश्चित नियमों का पालन करते हैं। इन्हीं नियमों को रासायनिक संयोजन के नियम कहा जाता है। ये नियम बताते हैं कि रासायनिक अभिक्रियाओं के दौरान कुल द्रव्यमान सुरक्षित रहता है तथा किसी भी शुद्ध यौगिक में उसके अवयव तत्व सदैव एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में उपस्थित होते हैं। रासायनिक संयोजन के दो प्रमुख नियम हैं।
1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)
परिभाषा (Definition):
किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिक्रिया से पहले उपस्थित अभिकारकों का कुल द्रव्यमान, अभिक्रिया के बाद बने उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है। अर्थात रासायनिक अभिक्रिया के दौरान द्रव्य का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश। इस नियम का प्रतिपादन आन्त्वॉ लवाइजिए (Antoine Lavoisier) ने किया।
व्याख्या (Explanation):
जब किसी रासायनिक अभिक्रिया को बंद पात्र (Closed System) में किया जाता है, तब अभिक्रिया के दौरान बनने वाले सभी पदार्थ उसी पात्र में बने रहते हैं। इसलिए अभिक्रिया से पहले तथा बाद का कुल द्रव्यमान समान रहता है। यदि अभिक्रिया खुले पात्र में की जाए और बनने वाली गैस बाहर निकल जाए, तो द्रव्यमान कम प्रतीत हो सकता है, जबकि वास्तव में द्रव्य का विनाश नहीं होता। पुस्तक में सिरका एवं बेकिंग सोडा तथा सोडियम सल्फेट एवं बेरियम क्लोराइड के प्रयोगों द्वारा इस नियम की पुष्टि की गई है।
मुख्य बिंदु (Key Points)
- यह नियम सभी रासायनिक अभिक्रियाओं पर लागू होता है।
- रासायनिक समीकरणों के संतुलन का आधार यही नियम है।
- रासायनिक अभिक्रिया में परमाणु केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, नष्ट नहीं होते।
- बंद पात्र में अभिक्रिया करने पर कुल द्रव्यमान सदैव समान रहता है।
2. स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions)
परिभाषा (Definition):
किसी शुद्ध यौगिक में उपस्थित तत्व सदैव द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में ही संयोजित होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो। इस नियम का प्रतिपादन जोसेफ प्राउस्ट (Joseph Proust) ने किया।
व्याख्या (Explanation):
प्रत्येक शुद्ध यौगिक का संघटन निश्चित होता है। यदि किसी यौगिक को अलग-अलग स्थानों या अलग-अलग विधियों से प्राप्त किया जाए, तब भी उसके अवयव तत्वों का द्रव्यमान अनुपात नहीं बदलता। उदाहरण के लिए, जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात सदैव 1 : 8 होता है। इसी प्रकार सिनेबार तथा सोडियम क्लोराइड में भी उनके तत्व निश्चित अनुपात में उपस्थित रहते हैं।
मुख्य बिंदु (Key Points)
- यह नियम केवल शुद्ध यौगिकों पर लागू होता है।
- यौगिक का स्रोत बदलने पर भी उसका संघटन नहीं बदलता।
- प्रत्येक यौगिक का द्रव्यमान अनुपात निश्चित होता है।
- यह नियम डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का आधार बना।
द्रव्यमान संरक्षण के नियम का महत्व
- रासायनिक अभिक्रियाओं का वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।
- रासायनिक समीकरणों के संतुलन का आधार यही नियम है।
- अभिकारकों एवं उत्पादों के द्रव्यमान की गणना में सहायता करता है।
- यह सिद्ध करता है कि अभिक्रिया में परमाणु नष्ट नहीं होते, केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं।
उदाहरण
यदि 4.0 g कैल्सियम कार्बोनेट तथा 2.92 g हाइड्रोक्लोरिक अम्ल अभिक्रिया करते हैं, तो अभिकारकों का कुल द्रव्यमान 6.92 g होता है। अभिक्रिया के बाद प्राप्त कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा कैल्सियम क्लोराइड का कुल द्रव्यमान भी 6.92 g ही होता है। इससे द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि होती है।
2. स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions)
लवाइजिए के बाद फ्रांसीसी रसायनज्ञ जोसेफ प्राउस्ट (Joseph Proust) ने प्रतिपादित किया कि दो या दो से अधिक तत्वों से बने किसी भी यौगिक में उसके अवयव तत्व सदैव द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में उपस्थित होते हैं, चाहे वह यौगिक किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो। इस नियम को निश्चित अनुपात का नियम अथवा प्राउस्ट का नियम भी कहा जाता है।
जल का उदाहरण
जल चाहे नदी, वर्षा, बोरवेल अथवा समुद्र के जल से शुद्ध किया गया हो, उसमें हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात सदैव 1 : 8 होता है। अर्थात यदि 9 g शुद्ध जल का अपघटन किया जाए, तो सदैव 1 g हाइड्रोजन तथा 8 g ऑक्सीजन प्राप्त होगी। इससे सिद्ध होता है कि यौगिक का संघटन निश्चित होता है।
सिनेबार (Cinnabar) का उदाहरण
प्राचीन काल से लाल वर्णक के रूप में प्रयुक्त सिनेबार को गर्म करने पर पारा (Mercury) तथा गंधक (Sulfur) प्राप्त होते हैं। इनमें पारे का द्रव्यमान लगभग 86.22% तथा गंधक का लगभग 13.78% होता है। यह अनुपात सदैव समान रहता है, जिससे स्थिर अनुपात के नियम की पुष्टि होती है।{index=10}
सोडियम क्लोराइड का उदाहरण
सोडियम क्लोराइड (NaCl) में सोडियम एवं क्लोरीन का द्रव्यमान अनुपात 23 : 35.5 होता है। यदि 46 g सोडियम पूर्णतः अभिक्रिया करता है, तो NaCl बनने के लिए 71 g क्लोरीन की आवश्यकता होगी। यह उदाहरण भी दर्शाता है कि यौगिक में तत्व निश्चित द्रव्यमान अनुपात में ही संयोजित होते हैं।
स्थिर अनुपात के नियम का महत्व
- प्रत्येक शुद्ध यौगिक का संघटन निश्चित होता है।
- यौगिक के स्रोत बदलने पर भी उसका द्रव्यमान अनुपात नहीं बदलता।
- यह नियम मिश्रण और यौगिक के बीच अंतर स्पष्ट करता है।
- डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का आधार प्रदान करता है।
Our Concept Builder
यदि किसी रासायनिक अभिक्रिया के सभी अभिकारकों और उत्पादों को एक बंद पात्र में सुरक्षित रखा जाए, तो कुल द्रव्यमान कभी नहीं बदलता। इसी प्रकार किसी भी शुद्ध यौगिक में उसके तत्व हमेशा एक निश्चित द्रव्यमान अनुपात में ही उपस्थित रहते हैं। यही दो तथ्य रासायनिक संयोजन के नियमों की आधारशिला हैं।
Exam Booster
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम – आन्त्वॉ लवाइजिए (1789)।
- स्थिर अनुपात का नियम – जोसेफ प्राउस्ट।
- रासायनिक अभिक्रिया में कुल द्रव्यमान अपरिवर्तित रहता है।
- जल में H : O का द्रव्यमान अनुपात = 1 : 8।
- स्थिर अनुपात का नियम केवल यौगिकों पर लागू होता है, मिश्रणों पर नहीं।
Topic Lists Page Wise:
- 1. Chapter Review and Key Points
- 2. परमाणुओं के संयोजन से नए पदार्थों का निर्माण
- 3. रासायनिक संयोजन के नियम
- 4. डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
- 5. रासायनिक आबंध
- 6. सहसंयोजी आबंध
- 7. आयनिक आबंध
- 8. रासायनिक सूत्र
- 9. आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
- 10. आयनिक एवं सहसंयोजी यौगिकों के गुणधर्म
- 11. Assignments - What Have You Learned?