Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter क्रियाशील ऊतक Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study

Chapter क्रियाशील ऊतक Science Exploration Class 9 cbse notes Chapter Review and Key Points in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter क्रियाशील ऊतक Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study

कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण क्रियाशील ऊतक को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक Chapter Review and Key Points को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:

क्रियाशील ऊतक

1. Chapter Review and Key Points

Page 1 of 7

अध्याय 3. क्रियाशील ऊतक (Tissues in Action)

ऊतक (Tissue) जीवित शरीर की संरचना और कार्य का महत्वपूर्ण आधार हैं। इस अध्याय में पौधों एवं जंतुओं के विभिन्न ऊतकों, उनकी संरचना, कार्य तथा शरीर में उनके महत्व का अध्ययन किया गया है। यह अध्याय बताता है कि समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक बनाती हैं, विभिन्न ऊतक मिलकर अंग (Organ) बनाते हैं और अंग मिलकर अंग तंत्र (Organ System) का निर्माण करते हैं। 

अध्याय समीक्षा (Chapter Review)

परिचय

  • बहुकोशिकीय जीवों में समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती हैं।
  • ऊतकों के कारण कार्यों का विभाजन (Division of Labour) होता है, जिससे शरीर अधिक दक्षता से कार्य करता है।
  • पौधों एवं जंतुओं में ऊतकों की संरचना और कार्य उनकी आवश्यकताओं के अनुसार भिन्न होते हैं।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ (Definitions)

  • ऊतक (Tissue) – समान संरचना एवं समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह।
  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue) – निरंतर विभाजित होने वाली कोशिकाओं से बना ऊतक, जो पौधों की वृद्धि कराता है।
  • स्थायी ऊतक (Permanent Tissue) – ऐसे ऊतक जिनकी कोशिकाएँ विभाजन करना छोड़कर विशेष कार्य करने लगती हैं।
  • एपिथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue) – शरीर की बाहरी सतह तथा आंतरिक अंगों की परत बनाने वाला ऊतक।
  • संयोजी ऊतक (Connective Tissue) – शरीर के विभिन्न भागों को जोड़ने, सहारा देने एवं सुरक्षा प्रदान करने वाला ऊतक।
  • मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue) – शरीर की गति एवं विभिन्न अंगों की गतिविधियों के लिए उत्तरदायी ऊतक।
  • तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) – संदेशों का संचार तथा शरीर का नियंत्रण एवं समन्वय करने वाला ऊतक।

महत्वपूर्ण शब्द (Important Terms)

  • ऊतक (Tissue)
  • विभज्योतक ऊतक (Meristematic Tissue)
  • शीर्षस्थ विभज्योतक (Apical Meristem)
  • पार्श्व विभज्योतक (Lateral Meristem)
  • अंतरवर्ती विभज्योतक (Intercalary Meristem)
  • स्थायी ऊतक (Permanent Tissue)
  • एपिडर्मिस (Epidermis)
  • पैरेंकाइमा (Parenchyma)
  • कोलेनकाइमा (Collenchyma)
  • स्क्लेरेंकाइमा (Sclerenchyma)
  • जाइलम (Xylem)
  • फ्लोएम (Phloem)
  • एपिथीलियल ऊतक (Epithelial Tissue)
  • संयोजी ऊतक (Connective Tissue)
  • मांसपेशीय ऊतक (Muscular Tissue)
  • तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue)
  • न्यूरॉन (Neuron)
  • कंकाल-पेशीय तंत्र (Musculoskeletal System)

महत्वपूर्ण अवधारणाएँ (Important Concepts)

  • ऊतक कार्यों का विभाजन कर जीवों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।
  • पौधों में वृद्धि विभज्योतक ऊतकों द्वारा होती है।
  • विभेदन (Differentiation) के बाद विभज्योतक ऊतक स्थायी ऊतकों में बदल जाते हैं।
  • पौधों में सरल एवं जटिल स्थायी ऊतक पाए जाते हैं।
  • जाइलम जल एवं खनिजों का परिवहन करता है, जबकि फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
  • जंतुओं में चार प्रमुख प्रकार के ऊतक पाए जाते हैं।
  • विभिन्न प्रकार की मांसपेशियाँ शरीर में स्वैच्छिक एवं अनैच्छिक गतियाँ कराती हैं।
  • तंत्रिका ऊतक शरीर में संदेशों का तीव्र संचार करता है तथा नियंत्रण एवं समन्वय बनाए रखता है।

त्वरित पुनरावृत्ति (Point-wise Revision)

  • कोशिकाएँ → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव
  • पौधों में तीन प्रकार के विभज्योतक ऊतक होते हैं।
  • स्थायी ऊतक सरल एवं जटिल दोनों प्रकार के होते हैं।
  • एपिडर्मिस पौधों की सुरक्षा करता है।
  • जाइलम जल एवं खनिजों का परिवहन करता है।
  • फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
  • एपिथीलियल ऊतक सुरक्षा, अवशोषण एवं स्राव का कार्य करता है।
  • संयोजी ऊतक शरीर को जोड़ने एवं सहारा देने का कार्य करता है।
  • मांसपेशीय ऊतक शरीर की गति के लिए उत्तरदायी है।
  • तंत्रिका ऊतक संदेशों का आदान-प्रदान करता है।
  • न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
  • मांसपेशियाँ, अस्थियाँ, कण्डरा (Tendon) और स्नायुबंधन (Ligament) मिलकर कंकाल-पेशीय तंत्र बनाते हैं।

मुख्य तथ्य (Key Facts)

  • ऊतक समान कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह होता है।
  • शीर्षस्थ विभज्योतक पौधे की लंबाई बढ़ाता है।
  • पार्श्व विभज्योतक तने की मोटाई बढ़ाता है।
  • अंतरवर्ती विभज्योतक कटने के बाद पुनः वृद्धि में सहायता करता है।
  • पैरेंकाइमा भोजन का भंडारण करता है।
  • कोलेनकाइमा पौधे को लचीलापन प्रदान करता है।
  • स्क्लेरेंकाइमा मजबूती एवं कठोरता प्रदान करता है।
  • जाइलम एवं फ्लोएम जटिल स्थायी ऊतक हैं।
  • एपिथीलियल, संयोजी, मांसपेशीय एवं तंत्रिका—जंतुओं के चार प्रमुख ऊतक हैं।
  • मस्तिष्क एवं तंत्रिका तंत्र पूरे शरीर के नियंत्रण एवं समन्वय के लिए उत्तरदायी हैं।
Page 1 of 7

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.