Chapter जनन: जीवन की निरंतरता Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi जनन और जनन के प्रकार - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
जनन: जीवन की निरंतरता
2. जनन और जनन के प्रकार
अध्याय 11. जनन — जीवन की निरंतरता
सभी सजीव जन्म लेते हैं, वृद्धि करते हैं, परिपक्व होते हैं और अंततः अपने जीवन-काल को पूरा करते हैं। सजीवों की नई पीढ़ी का निर्माण जनन द्वारा होता है। इसलिए जनन पृथ्वी पर जीवन की निरंतरता बनाए रखने वाली एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है।
जनन (Reproduction)
परिभाषा: वह जैविक प्रक्रिया जिसके द्वारा कोई सजीव अपने समान नए सजीव उत्पन्न करता है, जनन (Reproduction) कहलाती है।
जनन के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जीवन और आनुवंशिक जानकारी का स्थानांतरण होता है। किसी जीव का जीवन समाप्त हो जाने पर भी उसकी संतति के माध्यम से उसकी प्रजाति बनी रहती है। इसलिए जनन किसी एक जीव के जीवित रहने के लिए नहीं, बल्कि प्रजाति की निरंतरता के लिए आवश्यक है।
जनन का महत्त्व
- जनन से सजीवों की नई पीढ़ी उत्पन्न होती है।
- यह किसी प्रजाति की निरंतरता बनाए रखता है।
- जनन के द्वारा आनुवंशिक जानकारी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचती है।
- लैंगिक जनन के दौरान उत्पन्न विभिन्नताएँ बदलते पर्यावरण में जीवों के अनुकूलन में सहायता कर सकती हैं।
- जनन के कारण पृथ्वी पर जीवन का क्रम लगातार बना रहता है।
जनन के प्रकार
सजीवों में जनन मुख्यतः दो प्रकार का होता है—
- अलैंगिक जनन (Asexual Reproduction)
- लैंगिक जनन (Sexual Reproduction)
अलैंगिक जनन
परिभाषा: वह जनन जिसमें नए जीव के निर्माण में सामान्यतः केवल एक जनक भाग लेता है और नर तथा मादा युग्मकों के संलयन की आवश्यकता नहीं होती, अलैंगिक जनन कहलाता है।
अलैंगिक जनन में उत्पन्न संतति सामान्यतः अपने जनक के आनुवंशिक रूप से समान होती है। इस कारण ऐसी संततियों को क्लोन (Clone) कहा जाता है।
अलैंगिक जनन अपेक्षाकृत सरल और तेज प्रक्रिया हो सकती है। यीस्ट और हाइड्रा जैसे जीवों में अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियाँ पाई जाती हैं। पौधों में भी कायिक प्रवर्धन अलैंगिक जनन का एक प्रमुख उदाहरण है।
लैंगिक जनन
परिभाषा: वह जनन जिसमें नर और मादा जनकों के आनुवंशिक योगदान से नई संतति का निर्माण होता है और नर तथा मादा युग्मकों का संलयन होता है, लैंगिक जनन कहलाता है।
लैंगिक जनन में बनने वाली संतति अपने दोनों जनकों के गुणों का संयोजन प्राप्त करती है। इसलिए संतति सामान्यतः किसी एक जनक की बिल्कुल समान प्रतिलिपि नहीं होती।
लैंगिक जनन के दौरान आनुवंशिक पदार्थ के पुनर्संयोजन के कारण संतति में विभिन्नताएँ (Variations) उत्पन्न हो सकती हैं। यही विभिन्नताएँ बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में जीवों के अनुकूलन और दीर्घकालीन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अलैंगिक और लैंगिक जनन में अंतर
| आधार | अलैंगिक जनन | लैंगिक जनन |
|---|---|---|
| जनकों की संख्या | सामान्यतः एक जनक | दो जनकों का आनुवंशिक योगदान |
| युग्मक | युग्मकों के संलयन की आवश्यकता नहीं | नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है |
| संतति | सामान्यतः जनक के आनुवंशिक रूप से समान | दोनों जनकों के गुणों का संयोजन |
| विभिन्नता | बहुत कम या नहीं के बराबर | विभिन्नताएँ उत्पन्न हो सकती हैं |
| गति | सामान्यतः तेज | तुलनात्मक रूप से अधिक जटिल |
| मुख्य महत्त्व | तेजी से संख्या बढ़ाने में उपयोगी | आनुवंशिक विविधता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण |
Concept Builder
जनन = नए जीवों का निर्माण + प्रजाति की निरंतरता
एक जनक + युग्मक संलयन नहीं = अलैंगिक जनन
दो जनकों का आनुवंशिक योगदान + युग्मक संलयन = लैंगिक जनन
अलैंगिक जनन → समान संतति
लैंगिक जनन → विभिन्नता की संभावना
Exam Booster
- जनन क्या है? — वह जैविक प्रक्रिया जिसके द्वारा सजीव नए सजीव उत्पन्न करते हैं।
- जनन क्यों आवश्यक है? — प्रजाति की निरंतरता बनाए रखने के लिए।
- जनन कितने प्रकार का होता है? — दो प्रकार का: अलैंगिक और लैंगिक जनन।
- अलैंगिक जनन में कितने जनक भाग लेते हैं? — सामान्यतः एक जनक।
- लैंगिक जनन की प्रमुख विशेषता क्या है? — नर और मादा युग्मकों का संलयन तथा दोनों जनकों का आनुवंशिक योगदान।
- अलैंगिक जनन से उत्पन्न आनुवंशिक रूप से समान संततियों को क्या कहते हैं? — क्लोन।
- लैंगिक जनन का प्रमुख महत्त्व क्या है? — आनुवंशिक विभिन्नताएँ उत्पन्न करना, जो बदलते पर्यावरण में अनुकूलन में सहायक हो सकती हैं।
Topic Lists Page Wise:
- 1. Chapter Review and Key Points
- 2. जनन और जनन के प्रकार
- 3. अलैंगिक जनन
- 4. लैंगिक जनन
- 5. जंतुओं में लैंगिक जनन
- 6. मानवों में लैंगिक जनन
- 7. जनन स्वास्थ्य
- 8. पुष्पीय पादपों में लैंगिक जनन
- 9. पादप प्रजनन में लैंगिक जनन का महत्त्व
- 10. जन्तुओं में निषेचन की विधियाँ
- 11. शल्य-चिकित्सा द्वारा गर्भनिरोध
- 12. Assignments - What Have You Learned?