Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi प्रोटॉन की खोज - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
एक यात्रा: परमाणु के भीतर
7. प्रोटॉन की खोज
अध्याय 8. एक यात्रा: परमाणु के भीतर
रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि परमाणु के केंद्र में एक छोटा एवं सघन नाभिक (Nucleus) होता है। इसके बाद वैज्ञानिकों ने परमाणु की संरचना को और अधिक स्पष्ट करने के लिए प्रोटॉन की खोज की तथा नील्स बोर (Niels Bohr) ने ऐसा परमाणु मॉडल प्रस्तुत किया जिसने इलेक्ट्रॉनों की स्थिरता तथा ऊर्जा स्तरों की वैज्ञानिक व्याख्या की। इस भाग में हम प्रोटॉन, परमाणु की विद्युत उदासीनता, बोर मॉडल, K, L, M, N कोश, ऊर्जा स्तर तथा इलेक्ट्रॉनों के संक्रमण का अध्ययन करेंगे।
प्रोटॉन एवं बोर का परमाणु मॉडल
प्रोटॉन की खोज (Discovery of Proton)
प्रोटॉन (Proton) परमाणु के नाभिक में पाया जाने वाला धनावेशित अवपरमाण्विक कण है। इलेक्ट्रॉन की खोज के बाद वैज्ञानिकों ने यह समझने का प्रयास किया कि परमाणु में धनावेश कहाँ स्थित है। रदरफोर्ड के प्रयोगों से यह स्पष्ट हुआ कि परमाणु के नाभिक में धनावेशित कण उपस्थित होते हैं, जिन्हें बाद में प्रोटॉन कहा गया।
- प्रोटॉन नाभिक में स्थित होता है।
- इस पर +1 आपेक्षिक आवेश होता है।
- प्रोटॉन परमाणु के धनावेश का प्रतिनिधित्व करता है।
- परमाणु क्रमांक प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होता है।
प्रोटॉन के गुण (Properties of Proton)
| गुण | विवरण |
|---|---|
| प्रतीक | p⁺ |
| आवेश | +1 |
| स्थिति | नाभिक (Nucleus) |
| द्रव्यमान | लगभग 1 amu |
प्रोटॉन परमाणु की पहचान निर्धारित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कण है। किसी तत्व के प्रोटॉनों की संख्या बदलने पर वह तत्व बदल जाता है।
परमाणु की विद्युत उदासीनता (Electrical Neutrality of Atom)
सामान्य अवस्था में प्रत्येक परमाणु विद्युत रूप से उदासीन (Electrically Neutral) होता है। इसका कारण यह है कि परमाणु में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर होती है। प्रोटॉन का धनावेश तथा इलेक्ट्रॉन का ऋणावेश एक-दूसरे को संतुलित कर देते हैं।
- प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या
- कुल धनावेश = कुल ऋणावेश
- परमाणु का कुल आवेश = शून्य
बोर का परमाणु मॉडल (Bohr's Atomic Model)
1913 में डेनमार्क के वैज्ञानिक नील्स बोर (Niels Bohr) ने परमाणु का नया मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर किसी भी कक्षा में नहीं घूमते, बल्कि केवल निश्चित ऊर्जा स्तरों (Energy Levels) अथवा कोशों (Shells) में ही गति करते हैं।
- इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं में ही रहते हैं।
- प्रत्येक कक्षा की ऊर्जा निश्चित होती है।
- स्थिर कक्षा में इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन नहीं करते।
- इलेक्ट्रॉन केवल ऊर्जा ग्रहण या उत्सर्जित करके एक कोश से दूसरे कोश में जाते हैं।
K, L, M, N कोश (Shells)
बोर ने इलेक्ट्रॉनों के लिए विभिन्न ऊर्जा स्तरों को K, L, M तथा N नाम दिए। K-कोश नाभिक के सबसे निकट तथा सबसे कम ऊर्जा वाला स्तर होता है। जैसे-जैसे नाभिक से दूरी बढ़ती है, ऊर्जा स्तर भी बढ़ते जाते हैं।
| कोश | ऊर्जा स्तर (n) |
|---|---|
| K | 1 |
| L | 2 |
| M | 3 |
| N | 4 |
ऊर्जा स्तर (Energy Levels)
बोर मॉडल के अनुसार प्रत्येक कोश की ऊर्जा निश्चित होती है। K-कोश की ऊर्जा सबसे कम तथा बाहरी कोशों की ऊर्जा क्रमशः अधिक होती जाती है। इलेक्ट्रॉन सामान्यतः निम्न ऊर्जा स्तर में रहना पसंद करते हैं।
- K सबसे कम ऊर्जा स्तर है।
- ऊर्जा स्तर बाहर की ओर बढ़ते जाते हैं।
- प्रत्येक कोश की ऊर्जा निश्चित होती है।
इलेक्ट्रॉनों का संक्रमण (Electronic Transition)
जब कोई इलेक्ट्रॉन बाहरी ऊर्जा स्रोत से ऊर्जा प्राप्त करता है, तो वह निम्न ऊर्जा स्तर से उच्च ऊर्जा स्तर पर चला जाता है। इसे उत्तेजित अवस्था (Excited State) कहते हैं। कुछ समय बाद इलेक्ट्रॉन पुनः निम्न ऊर्जा स्तर पर लौट आता है तथा अतिरिक्त ऊर्जा प्रकाश या विकिरण के रूप में उत्सर्जित करता है।
- ऊर्जा ग्रहण करने पर इलेक्ट्रॉन उच्च कोश में जाता है।
- ऊर्जा उत्सर्जित करने पर इलेक्ट्रॉन निम्न कोश में लौट आता है।
- इसी प्रक्रिया से परमाणुओं का वर्णक्रम (Atomic Spectrum) प्राप्त होता है।
Our Concept Builder
किसी बहुमंज़िला इमारत की कल्पना कीजिए। प्रत्येक मंज़िल एक ऊर्जा स्तर (Energy Level) है। यदि किसी व्यक्ति को ऊपरी मंज़िल पर जाना है, तो उसे अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी होगी। उसी प्रकार इलेक्ट्रॉन भी ऊर्जा ग्रहण करके ऊपरी कोश में जाता है और वापस नीचे आने पर ऊर्जा छोड़ देता है।
Exam Booster
- प्रोटॉन नाभिक में स्थित धनावेशित कण है।
- परमाणु क्रमांक = प्रोटॉनों की संख्या।
- परमाणु विद्युत रूप से उदासीन होता है क्योंकि प्रोटॉन एवं इलेक्ट्रॉन की संख्या समान होती है।
- 1913 में नील्स बोर ने परमाणु मॉडल प्रस्तुत किया।
- K, L, M, N इलेक्ट्रॉनों के ऊर्जा स्तर हैं।
- इलेक्ट्रॉन ऊर्जा ग्रहण करके उच्च कोश तथा ऊर्जा उत्सर्जित करके निम्न कोश में आते हैं।
- बोर मॉडल CBSE परीक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
Topic Lists Page Wise:
- 1. Chapter Review and Key Points
- 2. परमाणु सिद्धांत की उत्पत्ति
- 3. इलेक्ट्रॉन की खोज एवं टॉमसन का परमाणु मॉडल
- 4. रदरफोर्ड का स्वर्ण पर्णिका प्रयोग एवं परमाणु मॉडल
- 5. रदरफोर्ड मॉडल की सीमाएँ एवं बोर का परमाणु मॉडल
- 6. न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान
- 7. प्रोटॉन की खोज
- 8. परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या एवं इलेक्ट्रॉनों का वितरण
- 9. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, तत्वों के संकेत चिन्ह एवं संयोजकता
- 10. समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान
- 11. Assignments - What Have You Learned?