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Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान - CBSE Study

Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Science Exploration Class 9 cbse notes समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान - CBSE Study

कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण एक यात्रा: परमाणु के भीतर को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:

एक यात्रा: परमाणु के भीतर

10. समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान

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समस्थानिक, समभारिक एवं औसत परमाणु द्रव्यमान

समस्थानिक (Isotopes)

समस्थानिक (Isotopes) ऐसे परमाणु होते हैं जिनकी परमाणु संख्या (Atomic Number) समान होती है, लेकिन द्रव्यमान संख्या (Mass Number) भिन्न-भिन्न होती है। दूसरे शब्दों में, समस्थानिकों में प्रोटॉनों की संख्या समान होती है, जबकि न्यूट्रॉनों की संख्या अलग-अलग होती है। चूँकि प्रोटॉनों की संख्या समान रहती है, इसलिए सभी समस्थानिक एक ही तत्व के होते हैं और उनके रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।

प्राकृतिक रूप से अनेक तत्व समस्थानिकों के रूप में पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक—प्रोटियम, ड्यूटेरियम तथा ट्रिटियम—प्रसिद्ध हैं। इसी प्रकार क्लोरीन के दो प्रमुख समस्थानिक 35Cl तथा 37Cl पाए जाते हैं।

समस्थानिक परमाणु संख्या द्रव्यमान संख्या न्यूट्रॉन
¹H (प्रोटियम) 1 1 0
²H (ड्यूटेरियम) 1 2 1
³H (ट्रिटियम) 1 3 2

समस्थानिकों के प्रमुख गुण

  • परमाणु संख्या समान होती है।
  • द्रव्यमान संख्या अलग-अलग होती है।
  • प्रोटॉनों की संख्या समान रहती है।
  • न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है।
  • रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।
  • भौतिक गुणों में अंतर हो सकता है।

समभारिक (Isobars)

समभारिक (Isobars) ऐसे परमाणु होते हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या (Mass Number) समान होती है, लेकिन परमाणु संख्या (Atomic Number) भिन्न होती है। इसका अर्थ है कि समभारिक विभिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं जिनमें प्रोटॉनों की संख्या अलग-अलग होती है, इसलिए उनके रासायनिक गुण भी भिन्न होते हैं।

उदाहरण के लिए, कैल्शियम-40 (²⁰Ca⁴⁰) तथा आर्गन-40 (¹⁸Ar⁴⁰) समभारिक हैं। दोनों की द्रव्यमान संख्या 40 है, लेकिन परमाणु संख्या अलग-अलग होने के कारण ये अलग-अलग तत्व हैं।

समभारिक परमाणु संख्या द्रव्यमान संख्या
⁴⁰Ar 18 40
⁴⁰Ca 20 40

समस्थानिक एवं समभारिक में अंतर

समस्थानिक (Isotopes) समभारिक (Isobars)
परमाणु संख्या समान होती है। द्रव्यमान संख्या समान होती है।
द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है। परमाणु संख्या भिन्न होती है।
एक ही तत्व के परमाणु होते हैं। भिन्न-भिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं।
रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं। रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।

औसत परमाणु द्रव्यमान (Average Atomic Mass)

प्रकृति में अधिकांश तत्व एक से अधिक समस्थानिकों के मिश्रण के रूप में पाए जाते हैं। इसलिए किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान उसके किसी एक समस्थानिक के द्रव्यमान के बराबर नहीं होता। विभिन्न समस्थानिकों की प्राकृतिक प्रचुरता (Natural Abundance) को ध्यान में रखते हुए जो मान प्राप्त होता है, उसे औसत परमाणु द्रव्यमान (Average Atomic Mass) कहते हैं।

उदाहरण के लिए, क्लोरीन मुख्य रूप से दो समस्थानिकों 35Cl तथा 37Cl के मिश्रण के रूप में पाया जाता है। इनकी प्राकृतिक प्रचुरता अलग-अलग होने के कारण क्लोरीन का औसत परमाणु द्रव्यमान लगभग 35.5 u माना जाता है।

तत्व मुख्य समस्थानिक औसत परमाणु द्रव्यमान
क्लोरीन (Cl) ³⁵Cl एवं ³⁷Cl 35.5 u
ताँबा (Cu) ⁶³Cu एवं ⁶⁵Cu 63.5 u (लगभग)

औसत परमाणु द्रव्यमान का महत्व

  • यह किसी तत्व के सभी प्राकृतिक समस्थानिकों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • आवर्त सारणी में दिए गए परमाणु द्रव्यमान सामान्यतः औसत परमाणु द्रव्यमान होते हैं।
  • रासायनिक गणनाओं एवं मोल (Mole) संबंधी प्रश्नों में इसी मान का उपयोग किया जाता है।

Our Concept Builder

मान लीजिए किसी विद्यालय की कक्षा में छात्रों की आयु 13 वर्ष, 14 वर्ष और 15 वर्ष है। यदि पूरी कक्षा की औसत आयु निकालनी हो, तो केवल किसी एक छात्र की आयु नहीं ली जाती, बल्कि सभी छात्रों की आयु एवं उनकी संख्या को ध्यान में रखकर औसत निकाला जाता है। इसी प्रकार किसी तत्व का औसत परमाणु द्रव्यमान उसके सभी समस्थानिकों की प्राकृतिक प्रचुरता को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाता है।

Exam Booster

  • समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान तथा द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।
  • समभारिकों की द्रव्यमान संख्या समान तथा परमाणु संख्या भिन्न होती है।
  • समस्थानिकों के रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं।
  • समभारिक विभिन्न तत्वों के परमाणु होते हैं।
  • क्लोरीन के प्रमुख समस्थानिक ³⁵Cl एवं ³⁷Cl हैं।
  • औसत परमाणु द्रव्यमान प्राकृतिक प्रचुरता के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
  • आवर्त सारणी में दिए गए अधिकांश परमाणु द्रव्यमान औसत परमाणु द्रव्यमान होते हैं।
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