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Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान - CBSE Study

Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Science Exploration Class 9 cbse notes न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter एक यात्रा: परमाणु के भीतर Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान - CBSE Study

कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण एक यात्रा: परमाणु के भीतर को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:

एक यात्रा: परमाणु के भीतर

6. न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान

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अध्याय 8. एक यात्रा: परमाणु के भीतर

पिछले भाग में आपने बोर के परमाणु मॉडल का अध्ययन किया, जिसने परमाणु के स्थायित्व की सफल व्याख्या की। अब प्रश्न यह था कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान किसके कारण होता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि केवल प्रोटॉन परमाणु के द्रव्यमान की व्याख्या नहीं कर सकते। इस समस्या के समाधान के लिए न्यूट्रॉन (Neutron) की खोज हुई। इस भाग में हम न्यूट्रॉन की खोज, परमाणु के द्रव्यमान में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन के योगदान तथा अवपरमाण्विक कणों के गुणों का अध्ययन करेंगे।

न्यूट्रॉन की खोज एवं परमाणु का द्रव्यमान

परमाणु के द्रव्यमान का रहस्य

रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल से यह स्पष्ट हो गया था कि परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान उसके नाभिक (Nucleus) में केंद्रित होता है। वैज्ञानिक जानते थे कि नाभिक में प्रोटॉन उपस्थित होते हैं, परन्तु केवल प्रोटॉनों के आधार पर सभी परमाणुओं के द्रव्यमान की व्याख्या संभव नहीं थी। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन परमाणु में एक प्रोटॉन होता है, जबकि हीलियम परमाणु में दो प्रोटॉन होते हैं, फिर भी हीलियम का द्रव्यमान हाइड्रोजन से लगभग चार गुना अधिक होता है। इससे वैज्ञानिकों को यह संदेह हुआ कि नाभिक में प्रोटॉन के अतिरिक्त भी कोई अन्य कण उपस्थित है। 

  • परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान नाभिक में होता है।
  • केवल प्रोटॉन सभी परमाणुओं के द्रव्यमान की व्याख्या नहीं कर सकते थे।
  • हीलियम के द्रव्यमान ने वैज्ञानिकों को नए कण की खोज के लिए प्रेरित किया।

न्यूट्रॉन की खोज (Discovery of Neutron)

वर्ष 1932 में ब्रिटिश वैज्ञानिक जेम्स चैडविक (James Chadwick) ने न्यूट्रॉन (Neutron) की खोज की। न्यूट्रॉन एक ऐसा अवपरमाण्विक कण है जिसका द्रव्यमान लगभग प्रोटॉन के बराबर होता है, लेकिन इस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता। इसलिए इसे उदासीन कण (Neutral Particle) कहा जाता है तथा इसका प्रतीक n⁰ होता है। 

  • न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1932 में की।
  • न्यूट्रॉन का आवेश शून्य होता है।
  • इसका द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर होता है।
  • हाइड्रोजन को छोड़कर लगभग सभी परमाणुओं के नाभिक में न्यूट्रॉन पाए जाते हैं।

परमाणु के द्रव्यमान में प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन का योगदान

न्यूट्रॉन की खोज के बाद यह स्पष्ट हो गया कि किसी परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान उसके नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों (Protons) तथा न्यूट्रॉनों (Neutrons) के कारण होता है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान बहुत कम होने के कारण परमाणु के कुल द्रव्यमान में उसका योगदान नगण्य माना जाता है। 

अवपरमाण्विक कण द्रव्यमान में योगदान
प्रोटॉन (Proton) मुख्य योगदान
न्यूट्रॉन (Neutron) मुख्य योगदान
इलेक्ट्रॉन (Electron) बहुत कम (लगभग नगण्य)

अवपरमाण्विक कणों के प्रतीक एवं आपेक्षिक आवेश

परमाणु की संरचना को समझने के लिए इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के प्रतीक एवं उनके आपेक्षिक आवेशों को जानना आवश्यक है। NCERT में इनका विवरण निम्न प्रकार दिया गया है। 

अवपरमाण्विक कण प्रतीक आपेक्षिक आवेश
इलेक्ट्रॉन e⁻ -1
प्रोटॉन p⁺ +1
न्यूट्रॉन n⁰ 0

प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन की संख्या

हल्के तत्वों के परमाणुओं में सामान्यतः प्रोटॉनों एवं न्यूट्रॉनों की संख्या लगभग समान होती है। उदाहरण के लिए, कार्बन परमाणु में 6 प्रोटॉन एवं 6 न्यूट्रॉन होते हैं तथा ऑक्सीजन परमाणु में 8 प्रोटॉन एवं 8 न्यूट्रॉन पाए जाते हैं। जैसे-जैसे परमाणु भारी होते जाते हैं, उनके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों की अपेक्षा अधिक होती जाती है। उदाहरण के लिए, लोहा (Iron) में 26 प्रोटॉन एवं 30 न्यूट्रॉन तथा यूरेनियम (Uranium) में 92 प्रोटॉन एवं 146 न्यूट्रॉन होते हैं। 

तत्व प्रोटॉन न्यूट्रॉन
कार्बन (Carbon) 6 6
ऑक्सीजन (Oxygen) 8 8
लोहा (Iron) 26 30
यूरेनियम (Uranium) 92 146

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कल्पना कीजिए कि परमाणु का नाभिक एक छोटे से डिब्बे के समान है। इस डिब्बे में दो प्रकार के कण रखे हैं—प्रोटॉन और न्यूट्रॉन। दोनों का द्रव्यमान लगभग समान है, इसलिए परमाणु के कुल द्रव्यमान का लगभग पूरा भाग इन्हीं दोनों से बनता है। इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर गति करते हैं और उनका द्रव्यमान इतना कम होता है कि कुल द्रव्यमान में उनका योगदान लगभग नगण्य माना जाता है।

Exam Booster

  • 1932 में जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की।
  • न्यूट्रॉन का आवेश शून्य तथा द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर होता है।
  • परमाणु का अधिकांश द्रव्यमान प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन के कारण होता है।
  • इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान बहुत कम होने के कारण उसका योगदान नगण्य माना जाता है।
  • इलेक्ट्रॉन (e⁻), प्रोटॉन (p⁺) एवं न्यूट्रॉन (n⁰) के प्रतीक एवं आवेश परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
  • भारी तत्वों में न्यूट्रॉनों की संख्या प्रोटॉनों से अधिक होती है।
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