Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi ध्वनि का संचरण - CBSE Study

Chapter ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग Science Exploration Class 9 cbse notes ध्वनि का संचरण in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi ध्वनि का संचरण - CBSE Study

कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक ध्वनि का संचरण को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:

ध्वनि तरंगें अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग

3. ध्वनि का संचरण

Page 3 of 12

अध्याय 10. ध्वनि तरंगें—अभिलक्षण एवं अनुप्रयोग

ध्वनि कंपन करती हुई वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है। अब प्रश्न यह है कि ध्वनि अपने स्रोत से हमारे कानों तक कैसे पहुँचती है। ध्वनि वायु के साथ-साथ ठोस और द्रव माध्यमों से भी संचरित हो सकती है। इस भाग में हम ध्वनि के संचरण तथा इसके लिए माध्यम की आवश्यकता को समझेंगे।

ध्वनि का संचरण

परिभाषा: ध्वनि का अपने स्रोत से किसी माध्यम के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचना ध्वनि का संचरण (Propagation of Sound) कहलाता है।

ध्वनि अपने स्रोत से हमारे कान तक पहुँचने के लिए किसी भौतिक माध्यम का उपयोग करती है। यह माध्यम ठोस, द्रव या गैस हो सकता है।

माध्यम (Medium)

परिभाषा: वह पदार्थ जिसके माध्यम से ध्वनि संचरित होती है, माध्यम (Medium) कहलाता है।

ध्वनि के संचरण के लिए तीन प्रकार के माध्यम हो सकते हैं—

  • गैस: जैसे वायु।
  • द्रव: जैसे जल।
  • ठोस: जैसे लकड़ी, धातु या डेस्क।

ध्वनि ठोसों से होकर संचरित होती है

एक डेस्क के एक सिरे पर हल्का आघात या खरोंच करने पर ध्वनि वायु के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के कान तक पहुँचती है। यदि दूसरा व्यक्ति अपना एक कान डेस्क पर रखकर और दूसरा कान बंद करके सुने, तो वह डेस्क के माध्यम से भी ध्वनि सुन सकता है।

निष्कर्ष: ध्वनि ठोस पदार्थों से होकर भी संचरित हो सकती है।

ध्वनि द्रवों से होकर संचरित होती है

एक पानी से भरे पात्र में दो धातु के चम्मचों को जल के भीतर आपस में टकराने पर उत्पन्न ध्वनि सुनी जा सकती है। इससे पता चलता है कि ध्वनि जल जैसे द्रव माध्यम से होकर भी संचरित होती है।

निष्कर्ष: ध्वनि द्रवों से होकर भी गमन कर सकती है।

ध्वनि गैसों से होकर संचरित होती है

हम अपने दैनिक जीवन में अधिकांश ध्वनियाँ वायु के माध्यम से सुनते हैं। वायु एक गैसीय माध्यम है। ध्वनि स्रोत से उत्पन्न होकर वायु के माध्यम से हमारे कानों तक पहुँचती है।

ध्वनि संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता

परिभाषा: ध्वनि के संचरण के लिए आवश्यक भौतिक पदार्थ को माध्यम कहा जाता है।

ध्वनि स्रोत और श्रोता के बीच यदि कोई भौतिक माध्यम उपस्थित नहीं है, तो ध्वनि एक स्थान से दूसरे स्थान तक संचरित नहीं हो सकती।

निर्वात (Vacuum)

परिभाषा: ऐसा स्थान जहाँ कोई भौतिक माध्यम या पदार्थ उपस्थित नहीं होता, निर्वात (Vacuum) कहलाता है।

ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती क्योंकि वहाँ ध्वनि के संचरण के लिए कोई माध्यम उपलब्ध नहीं होता।

निरवात बेलजार प्रयोग

ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता को प्रदर्शित करने के लिए निरवात बेलजार प्रयोग किया जाता है। इसमें एक विद्युत घंटी को बेलजार के अंदर रखकर उसका स्विच चालू किया जाता है।

जब निर्वात पंप की सहायता से बेलजार के अंदर की वायु बाहर निकाली जाती है, तो घंटी की ध्वनि धीरे-धीरे कम होती जाती है। लगभग निर्वात की स्थिति में घंटी को बजते हुए देखा जा सकता है, लेकिन उसकी ध्वनि सुनाई नहीं देती।

जब बेलजार में धीरे-धीरे वायु पुनः प्रवेश कराई जाती है, तो घंटी की ध्वनि फिर सुनाई देने लगती है और धीरे-धीरे पहले जैसी प्रबल हो जाती है।

निष्कर्ष: यह प्रयोग सिद्ध करता है कि ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती। ध्वनि के संचरण के लिए ठोस, द्रव या गैस के रूप में किसी माध्यम की आवश्यकता होती है।

अंतरिक्ष में ध्वनि क्यों नहीं सुनाई देती?

बाह्य अंतरिक्ष लगभग निर्वातित होता है। इसलिए वहाँ ध्वनि सामान्य रूप से संचरित नहीं हो सकती। अंतरिक्ष यात्री अपने अंतरिक्ष परिधान में लगे विशेष संचार उपकरणों की सहायता से एक-दूसरे से संवाद करते हैं।

ध्वनि के संचरण का सार

माध्यम ध्वनि का संचरण उदाहरण
गैस हाँ वायु
द्रव हाँ जल
ठोस हाँ डेस्क, धातु
निर्वात नहीं बाह्य अंतरिक्ष

महत्वपूर्ण निष्कर्ष

  • ध्वनि स्रोत से श्रोता तक माध्यम द्वारा संचरित होती है।
  • ध्वनि ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों से होकर गमन कर सकती है।
  • ध्वनि के संचरण के लिए भौतिक माध्यम आवश्यक है।
  • ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।
  • वायु ध्वनि के संचरण का सामान्य गैसीय माध्यम है।
  • जल ध्वनि के संचरण का द्रव माध्यम है।
  • डेस्क जैसे ठोस पदार्थ के माध्यम से भी ध्वनि सुनी जा सकती है।
  • निरवात बेलजार प्रयोग ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता को प्रदर्शित करता है।

Our Concept Builder

ध्वनि स्रोत → माध्यम → श्रोता — ध्वनि को स्रोत से श्रोता तक पहुँचने के लिए माध्यम चाहिए। माध्यम ठोस, द्रव या गैस हो सकता है, लेकिन निर्वात में ध्वनि का संचरण नहीं होता।

Exam Booster

  • ध्वनि के संचरण के लिए क्या आवश्यक है? — भौतिक माध्यम।
  • ध्वनि किन माध्यमों में संचरित हो सकती है? — ठोस, द्रव और गैस में।
  • माध्यम किसे कहते हैं? — जिस पदार्थ से होकर ध्वनि संचरित होती है।
  • निर्वात क्या है? — ऐसा स्थान जहाँ कोई माध्यम या पदार्थ उपस्थित नहीं होता।
  • क्या ध्वनि निर्वात में संचरित हो सकती है? — नहीं।
  • निरवात बेलजार प्रयोग क्या सिद्ध करता है? — ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है।
  • क्या ध्वनि जल में संचरित हो सकती है? — हाँ।
  • क्या ध्वनि ठोस पदार्थ में संचरित हो सकती है? — हाँ।
  • अंतरिक्ष में ध्वनि क्यों नहीं सुनाई देती? — क्योंकि बाह्य अंतरिक्ष लगभग निर्वातित है और वहाँ ध्वनि का संचरण नहीं हो सकता।
Page 3 of 12

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.