Chapter भारतीय सभ्यता का प्रारंभ Class 6 Social Science CBSE notes in hindi भारतीय सभ्यता हड़प्पा संस्कृति - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 6 English Medium Social Science All Chapters:
भारतीय सभ्यता का प्रारंभ
2. भारतीय सभ्यता हड़प्पा संस्कृति
अध्याय 6. भारतीय सभ्यता का प्रारंभ
सभ्यता क्या है?
- सभ्यता मानव समाज के उन्नत चरण को कहा जाता है।
- सभ्यता में केवल नगरों का विकास ही नहीं, बल्कि शासन, व्यापार, शिल्प, लेखन, कृषि और सांस्कृतिक जीवन भी शामिल होते हैं।
सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ
- शासन और प्रशासन – समाज के विभिन्न कार्यों को व्यवस्थित करने की व्यवस्था।
- नगरीकरण – नगरों की योजना, विकास, जल-प्रबंधन और जल-निकास व्यवस्था।
- शिल्प – पत्थर, धातु आदि से उपकरण, आभूषण और अन्य वस्तुओं का निर्माण।
- व्यापार – वस्तुओं का आंतरिक और बाहरी आदान-प्रदान।
- लेखन – अभिलेख रखने और संचार के लिए लेखन प्रणाली।
- सांस्कृतिक विचार – कला, स्थापत्य, साहित्य, श्रुति परंपराएँ और सामाजिक रीति-रिवाज।
- कृषि उत्पादकता – गाँवों के साथ-साथ नगरों के लिए पर्याप्त भोजन का उत्पादन।
प्राचीन सभ्यताओं का आरंभ
- विश्व के अलग-अलग भागों में सभ्यताओं का आरंभ अलग-अलग समय पर हुआ।
- मेसोपोटामिया में लगभग 6,000 वर्ष पहले सभ्यता का आरंभ हुआ।
- इसके कुछ शताब्दियों बाद प्राचीन मिस्र की सभ्यता का विकास हुआ।
- भारतीय उपमहाद्वीप में भी एक विकसित सभ्यता का उदय हुआ, जिसे हड़प्पा या सिंधु-सरस्वती सभ्यता कहा जाता है।
सिंधु-सरस्वती सभ्यता
- इस सभ्यता को सिंधु सभ्यता, हड़प्पा सभ्यता और सिंधु-सरस्वती सभ्यता जैसे नामों से जाना जाता है।
- इसके निवासियों को हड़प्पाई या हड़प्पावासी कहा जाता है।
- यह विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है।
- इस सभ्यता का विस्तार सिंधु क्षेत्र से बहुत आगे तक था।
- इस विकास प्रक्रिया को भारत का पहला नगरीकरण कहा गया है।
गाँव से नगर का विकास
- सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों ने विशाल मैदानों को उपजाऊ बनाया।
- उपजाऊ भूमि कृषि के लिए अनुकूल थी।
- लगभग 3500 सा.सं.पू. से गाँव नगरों में बदलने लगे।
- लगभग 2600 सा.सं.पू. में बढ़ते व्यापार और विनिमय के कारण कई नगर महानगरों में बदल गए।
- नगरों के जीवन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से पर्याप्त कृषि उपज मिलना आवश्यक था।
सरस्वती नदी
- सरस्वती नदी प्राचीन काल में हिमालय की तलहटी से हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के कुछ क्षेत्रों से होकर बहती थी।
- वर्तमान में इसे भारत में घग्गर और पाकिस्तान में हाकरा के नाम से जाना जाता है।
- आज यह एक मौसमी नदी है और मुख्यतः वर्षा ऋतु में बहती है।
- सरस्वती का वर्णन सबसे पहले ऋग्वेद में मिलता है।
हड़प्पा नाम क्यों पड़ा?
- लगभग 1920–21 में हड़प्पा इस सभ्यता से संबंधित पहला उत्खनित नगर था।
- इसी कारण इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता और इसके लोगों को हड़प्पावासी कहा गया।
- बाद में अनेक अन्य स्थलों की खोज से पता चला कि यह सभ्यता बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई थी।
प्रमुख हड़प्पाई नगर
| नगर | वर्तमान क्षेत्र |
|---|---|
| हड़प्पा | पंजाब, पाकिस्तान |
| मोहनजो-दड़ो | सिंध, पाकिस्तान |
| धौलावीरा | गुजरात |
| राखीगढ़ी | हरियाणा |
| कालीबंगा | राजस्थान |
| लोथल | गुजरात |
महत्वपूर्ण शब्द
- सहायक नदी – वह नदी जो किसी बड़ी नदी या झील में मिलती है।
- नगरीकरण – नगरों का विकास और उनका व्यवस्थित विस्तार।
- किलेबंदी – सुरक्षा के लिए नगर या बस्ती के चारों ओर बनाई गई विशाल दीवार।
- अभिजात वर्ग – समाज का उच्च वर्ग, जैसे शासक, अधिकारी और प्रशासक।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- सिंधु-सरस्वती सभ्यता भारत की प्रारंभिक विकसित नगरीय सभ्यताओं में से एक थी।
- इस सभ्यता को सिंधु, हड़प्पा और सिंधु-सरस्वती सभ्यता कहा जाता है।
- इसके निवासियों को हड़प्पाई या हड़प्पावासी कहा जाता है।
- 3500 सा.सं.पू. – गाँवों का नगरों में परिवर्तन शुरू।
- 2600 सा.सं.पू. – नगरों का महानगरों में विकास।
- 1920–21 – हड़प्पा का उत्खनन इस सभ्यता की पहचान में महत्वपूर्ण रहा।
- भारत का पहला नगरीकरण – हड़प्पाई नगरों के विकास को कहा गया है।
त्वरित पुनरावृत्ति
- सभ्यता → मानव समाज का उन्नत चरण
- मेसोपोटामिया → लगभग 6,000 वर्ष पहले सभ्यता का आरंभ
- 3500 सा.सं.पू. → गाँव से नगर
- 2600 सा.सं.पू. → नगरों का महानगरों में विकास
- हड़प्पा → पहला उत्खनित प्रमुख नगर
- सिंधु-सरस्वती सभ्यता → भारत का पहला नगरीकरण
- सरस्वती → वर्तमान घग्गर-हाकरा से संबंधित नदी