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Chapter भारत, अर्थात इंडिया Class 6 Social Science CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study

Chapter भारत, अर्थात इंडिया Social Science Class 6 cbse notes Chapter Review and Key Points in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter भारत, अर्थात इंडिया Class 6 Social Science CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study

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Class 6 English Medium Social Science All Chapters:

भारत, अर्थात इंडिया

1. Chapter Review and Key Points

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अध्याय 5. भारत, अर्थात इंडिया

यह अध्याय भारत के प्राचीन नामों, उसकी भौगोलिक पहचान तथा भारत और इंडिया नामों की उत्पत्ति के बारे में बताता है। इसमें भारतीय तथा विदेशी स्रोतों के आधार पर भारत की पहचान और उसके बदलते नामों को समझाया गया है।

भारत और भारतीय उपमहाद्वीप

  • आज का भारत एक आधुनिक राष्ट्र है जिसकी निश्चित सीमाएँ, राज्य और जनसंख्या है।
  • प्राचीन समय में भारतीय उपमहाद्वीप की सीमाएँ और राजनीतिक स्वरूप आज से अलग थे।
  • इस क्षेत्र को सामान्यतः भारतीय उपमहाद्वीप कहा जाता है।
  • इतिहास के अलग-अलग काल में इस क्षेत्र के लिए अलग-अलग नामों का प्रयोग हुआ।

प्राचीन भारतीय नाम

नाम अर्थ/विशेषता
सप्त सैंधव सात नदियों की भूमि; ऋग्वेद में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के लिए प्रयोग।
भारतवर्ष समूचे भारतीय उपमहाद्वीप के लिए प्रयुक्त नाम।
जम्बूद्वीप प्रारंभ में जम्बू वृक्ष के फल के द्वीप के अर्थ में; बाद में भारतीय उपमहाद्वीप का पर्याय बना।
भारत बाद के समय में भारतीय उपमहाद्वीप के लिए अधिक प्रचलित नाम।

सप्त सैंधव

  • ऋग्वेद में भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र को सप्त सैंधव कहा गया है।
  • सप्त सैंधव का अर्थ है—सात नदियों की भूमि
  • ‘सैंधव’ शब्द सिंधु से आया है।

भारतवर्ष

  • महाभारत में ‘भारतवर्ष’ शब्द का प्रयोग मिलता है।
  • भारतवर्ष का अर्थ ‘भरत का देश’ है।
  • ‘भरत’ नाम का उल्लेख सबसे पहले ऋग्वेद में मिलता है।
  • बाद के साहित्य में ‘भरत’ नाम विभिन्न राजाओं के लिए भी मिलता है।

जम्बूद्वीप

  • ‘जम्बूद्वीप’ का अर्थ जम्बू वृक्ष के फल का द्वीप बताया गया है।
  • जम्बू वृक्ष भारत में पाया जाने वाला सामान्य वृक्ष है।
  • बाद में जम्बूद्वीप भारतीय उपमहाद्वीप का पर्याय बन गया।
  • सम्राट अशोक के एक शिलालेख में ‘जम्बूद्वीप’ नाम से संपूर्ण भारत का वर्णन किया गया है।
  • अशोक के समय जम्बूद्वीप में आज के भारत के साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के कुछ भाग भी सम्मिलित थे।

भारत नाम का प्रचलन

  • कुछ शताब्दियों बाद भारतीय उपमहाद्वीप के लिए सामान्यतः ‘भारत’ नाम का प्रयोग होने लगा।
  • विष्णु पुराण में भारत को समुद्र के उत्तर और हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में स्थित देश के रूप में बताया गया है।
  • ‘भारत’ नाम आज भी देश के लिए व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है।

भारत की भौगोलिक पहचान

  • प्राचीन भारतीय साहित्य में भारत के विभिन्न क्षेत्रों, नदियों और लोगों का उल्लेख मिलता है।
  • महाभारत में कश्मीर, कुरुक्षेत्र, वंग, प्राग्ज्योतिष, कच्छ और केरल जैसे क्षेत्रों का उल्लेख है।
  • प्राचीन तमिल साहित्य में भी भारत की व्यापक भौगोलिक सीमा का वर्णन मिलता है।
  • इससे पता चलता है कि प्राचीन भारतीय अपने विस्तृत भूगोल से परिचित थे।

इंडिया नाम की उत्पत्ति

  • भारत के लिए ‘इंडिया’ नाम की उत्पत्ति सिंधु नदी से संबंधित है।
  • प्राचीन फारसियों ने सिंधु क्षेत्र को हिंद, हिद या हिंदू जैसे शब्दों से संबोधित किया।
  • प्राचीन फारसी में ‘हिंद’ मुख्यतः एक भौगोलिक शब्द था; इसे हिंदू धर्म के अर्थ में नहीं समझना चाहिए।
  • फारसी स्रोतों के आधार पर प्राचीन यूनानियों ने इस क्षेत्र को इंडोई अथवा इंडिके कहा।
  • यूनानी भाषा में ‘ह’ ध्वनि नहीं होने के कारण ‘हिंद’ से ‘इंड’ रूप विकसित हुआ।

विभिन्न भाषाओं में भारत के नाम

भाषा/स्रोत प्रयुक्त नाम
भारतीय भारत, भारतवर्ष, जम्बूद्वीप
फारसी हिंद
यूनानी इंडोई / इंडिके
चीनी यिन्‍तू / तु-यिदं
अरबी और फारसी हिंदुस्तान
अंग्रेजी इंडिया
फ्रेंच इन्डे

हिंदुस्तान

  • ‘हिंदुस्तान’ शब्द का प्रयोग लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में मिलता है।
  • बाद में भारत पर आक्रमण करने वालों ने भारतीय उपमहाद्वीप के लिए इस शब्द का प्रयोग किया।

चीनी यात्रियों और भारत

  • प्राचीन चीनियों ने भारत के साथ संपर्क स्थापित किया था।
  • चीनी ग्रंथों में भारत के लिए यिन्‍तू या तु-यिदं जैसे नाम मिलते हैं।
  • इन नामों की उत्पत्ति भी मूलतः सिंधु शब्द से हुई।
  • जुआनज़ांग (Xuanzang) ने 7वीं शताब्दी में चीन से भारत की यात्रा की।
  • उन्होंने भारत के कई भागों का भ्रमण किया, विद्वानों से मिले और बौद्ध ग्रंथों को एकत्र किया।
  • भारत में लगभग 17 वर्ष रहने के बाद वे चीन लौटे और संस्कृत ग्रंथों का चीनी भाषा में अनुवाद किया।

भारत अर्थात इंडिया

  • भारतीय संविधान की शुरुआत में “India, that is Bharat” वाक्यांश का प्रयोग किया गया है।
  • संविधान के हिंदी अनुवाद में “भारत अर्थात इंडिया” लिखा गया है।
  • भारतीय संविधान 1950 में लागू हुआ।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

शब्द परिभाषा
भारतीय उपमहाद्वीप विश्व का वह विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र जिसे इतिहास में विभिन्न नामों से जाना गया।
निवासी वे लोग जो किसी स्थान विशेष में रहते हैं।
संविधान किसी देश के आधारभूत सिद्धांतों और कानूनों को बताने वाला प्रलेख।

भारत के नामों में परिवर्तन

क्रम नाम मुख्य स्रोत/संबंध
1 सप्त सैंधव ऋग्वेद
2 भारतवर्ष महाभारत
3 जम्बूद्वीप प्राचीन भारतीय परंपरा और अशोक के शिलालेख
4 भारत प्राचीन भारतीय साहित्य में बाद में अधिक प्रचलित
5 हिंद फारसी स्रोत
6 इंडोई / इंडिके यूनानी स्रोत
7 इंडिया बाद की यूरोपीय भाषाओं में विकसित रूप

महत्वपूर्ण अंतर

भारत इंडिया
प्राचीन भारतीय नाम है। सिंधु से विकसित विदेशी नाम-परंपरा से संबंधित है।
भारतवर्ष आदि नामों से भारतीय साहित्य में मिलता है। हिंद → इंडोई/इंडिके → इंडिया के रूप में नाम विकसित हुआ।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • ऋग्वेद में उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के लिए सप्त सैंधव नाम मिलता है।
  • सप्त सैंधव का अर्थ है—सात नदियों की भूमि
  • महाभारत में भारतवर्ष और जम्बूद्वीप शब्द मिलते हैं।
  • ‘भारतवर्ष’ का अर्थ है—भरत का देश
  • अशोक ने एक शिलालेख में जम्बूद्वीप नाम का प्रयोग किया।
  • विष्णु पुराण में भारत को समुद्र के उत्तर और हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में बताया गया है।
  • फारसियों के ‘हिंद’ शब्द का संबंध सिंधु से था।
  • यूनानियों ने भारत के लिए इंडोई/इंडिके नाम का प्रयोग किया।
  • चीनी स्रोतों में भारत के लिए यिन्‍तू और तु-यिदं जैसे नाम मिलते हैं।
  • ‘हिंदुस्तान’ शब्द का प्रयोग लगभग 1800 वर्ष पूर्व एक फारसी शिलालेख में मिलता है।
  • जुआनज़ांग ने 7वीं शताब्दी में भारत की यात्रा की।
  • भारतीय संविधान में “India, that is Bharat” वाक्यांश है।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • ऋग्वेद → सप्त सैंधव
  • महाभारत → भारतवर्ष, जम्बूद्वीप
  • अशोक → जम्बूद्वीप
  • विष्णु पुराण → भारत की भौगोलिक पहचान
  • फारसी → हिंद
  • यूनानी → इंडोई / इंडिके
  • चीनी → यिन्‍तू / तु-यिदं
  • लगभग 1800 वर्ष पूर्व → हिंदुस्तान का फारसी शिलालेख में प्रयोग
  • 7वीं शताब्दी → जुआनज़ांग की भारत यात्रा
  • 1950 → भारतीय संविधान लागू
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