Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter परिवार और समुदाय Class 6 Social Science CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study

Chapter परिवार और समुदाय Social Science Class 6 cbse notes Chapter Review and Key Points in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter परिवार और समुदाय Class 6 Social Science CBSE notes in hindi Chapter Review and Key Points - CBSE Study

कक्षा 6 Social Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण परिवार और समुदाय को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक Chapter Review and Key Points को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Social Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 6 English Medium Social Science All Chapters:

परिवार और समुदाय

1. Chapter Review and Key Points

Page 1 of 4

अध्याय 9. परिवार और समुदाय

परिवार मानव समाज की मूल और सबसे प्राचीन इकाई है, जबकि समुदाय परिवारों और लोगों के व्यापक समूह से बनता है। परिवार और समुदाय दोनों सहयोग, जिम्मेदारी, आपसी निर्भरता और साझा मूल्यों पर आधारित होते हैं।

परिवार का महत्व

  • परिवार मानव समाज की मूल और सबसे प्राचीन इकाई है।
  • परिवार में सदस्य एक-दूसरे के साथ प्रेम, देखभाल, सहयोग और जिम्मेदारी का संबंध रखते हैं।
  • परिवार बच्चों के विकास और उन्हें समाज का जिम्मेदार सदस्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • परिवार को बच्चों का पहला विद्यालय भी कहा जा सकता है, जहाँ वे जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सीखते हैं।

परिवार के प्रकार

परिवार का प्रकार विशेषता
संयुक्त परिवार एक से अधिक पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैं।
एकल परिवार सामान्यतः एक दंपत्ति और उनकी संतान साथ रहती है।
एकल माता या पिता वाला परिवार कई बार परिवार अकेली माता या पिता और उनके बच्चों तक सीमित होता है।

संयुक्त परिवार

  • संयुक्त परिवार में अनेक पीढ़ियाँ एक साथ रह सकती हैं।
  • इसमें दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, भाई-बहन तथा चचेरे भाई-बहन आदि साथ रह सकते हैं।
  • परिवार के सदस्य एक-दूसरे की आवश्यकताओं और कठिनाइयों में सहायता करते हैं।
  • संयुक्त परिवार में बच्चों को परिवार की परंपराओं और प्रथाओं को सीखने का अवसर मिलता है।

एकल परिवार

  • एकल परिवार में सामान्यतः एक दंपत्ति और उनकी संतान रहती है।
  • कभी-कभी अकेली माता या पिता और उनके बच्चे भी एक परिवार के रूप में रहते हैं।
  • आधुनिक जीवन-शैली के कारण कुछ परिवार संयुक्त परिवार से अलग होकर एकल परिवार में रहना पसंद करते हैं।

भारतीय भाषाओं में पारिवारिक संबंध

  • भारतीय भाषाओं में पारिवारिक संबंधों को व्यक्त करने के लिए अनेक अलग-अलग शब्द मिलते हैं।
  • हिंदी में बुआ, ताऊ, ताई, चाचा, मौसी, नाना, नानी आदि संबंधों के लिए अलग शब्द हैं।
  • कुछ भारतीय भाषाओं में बड़े और छोटे भाई-बहन के लिए भी अलग-अलग शब्द होते हैं।
  • कई भारतीय भाषाओं में अंग्रेजी के ‘कजिन’ के लिए कोई एक समान शब्द नहीं मिलता।
  • ऐसा इसलिए क्योंकि कई भारतीय भाषाओं में चचेरे, ममेरे, फुफेरे या मौसेरे भाई-बहनों को भी भाई या बहन के रूप में संबोधित किया जाता है।

परिवार में भूमिकाएँ एवं दायित्व

  • परिवार के सदस्यों के संबंध प्रेम, देखभाल, सहयोग और अंतर्निर्भरता पर आधारित होते हैं।
  • सहयोग का अर्थ है – एक साथ काम करना।
  • परिवार के प्रत्येक सदस्य की दूसरे सदस्यों के प्रति कुछ भूमिकाएँ और दायित्व होते हैं।
  • माता-पिता बच्चों को खुशहाल व्यक्ति और समाज का जिम्मेदार सदस्य बनाने के लिए उत्तरदायी होते हैं।
  • बच्चे बड़े होने पर परिवार के अन्य सदस्यों की सहायता करने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
  • बच्चे दैनिक जीवन के अभ्यास से परिवार में भागीदारी और जिम्मेदारी सीखते हैं।

परिवार – मूल्यों का विद्यालय

  • परिवार बच्चों को अनेक महत्वपूर्ण जीवन-मूल्य सिखाता है।
  • बच्चे परिवार में अहिंसा, दान, सेवा और त्याग जैसे मूल्य सीख सकते हैं।
  • परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सदस्य कई बार अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं का त्याग करते हैं।
  • परिवार की परंपराएँ और प्रथाएँ भी बच्चों तक पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुँचती हैं।

परिवार में सहयोग और साझेदारी

  • परिवार के सदस्य अपनी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार एक-दूसरे की सहायता करते हैं।
  • परिवार में उपलब्ध वस्तुओं और संसाधनों को आपस में साझा करने की भावना महत्वपूर्ण है।
  • परिवार की खुशी और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर व्यक्तिगत इच्छाओं का त्याग भी किया जा सकता है।

शालिनी के परिवार से सीख

  • शालिनी केरल में अपने परिवार के साथ रहती है।
  • उसके विस्तृत परिवार में दादी, चाचा-चाची और चचेरे भाई-बहन भी साथ रहते हैं।
  • चाचा की आर्थिक कठिनाई को देखते हुए शालिनी के माता-पिता ने उनके परिवार के लिए भी नए कपड़े खरीदे।
  • शालिनी ने समझा कि परिवार में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं और उपलब्ध वस्तुओं को साझा करते हैं।
  • यह कहानी साझेदारी, त्याग, प्रेम और पारिवारिक सहयोग का उदाहरण है।

तेनजिंग के परिवार से सीख

  • तेनजिंग मेघालय के एक गाँव में अपने परिवार के साथ रहता है।
  • उसकी माँ हस्तशिल्प सहकारी संगठन में काम करती हैं।
  • माँ के काम करने के कारण उसके पिता घर की सफाई, सब्जियों के बगीचे की देखभाल और अन्य घरेलू कार्यों में सहायता करते हैं।
  • तेनजिंग के दादा पढ़ाई में उसकी सहायता करते हैं और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते हैं।
  • यह उदाहरण दिखाता है कि परिवार के सदस्य घरेलू और सामाजिक कार्यों में मिलकर योगदान दे सकते हैं।

परिवार में निर्णय लेना

  • परिवार के महत्वपूर्ण निर्णय कई बार सदस्यों की आपसी चर्चा से लिए जाते हैं।
  • विशेष खर्चों के संबंध में परिवार के सदस्य आपस में सलाह कर सकते हैं।
  • भविष्य की आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए बचत करना भी परिवार की जिम्मेदारी हो सकती है।

संयुक्त और एकल परिवार – तुलना

संयुक्त परिवार एकल परिवार
अनेक पीढ़ियाँ साथ रह सकती हैं। सामान्यतः माता-पिता और बच्चे साथ रहते हैं।
परिवार के सदस्यों का व्यापक सहयोग मिलता है। परिवार का आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है।
बच्चों को बुजुर्गों से सीखने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। निर्णय लेने में कम सदस्यों की भागीदारी हो सकती है।

समुदाय क्या है?

  • परिवार केवल अपने सदस्यों तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे आसपास के अन्य परिवारों और लोगों से भी जुड़े होते हैं।
  • आपस में जुड़े लोगों के समूह को समुदाय कहा जाता है।
  • समुदाय के सदस्य विभिन्न कारणों से एक साथ आते हैं।
  • त्योहार, मेले, विवाह और अन्य अवसर समुदाय को जोड़ते हैं।

समुदाय में सहयोग

  • गाँवों में लोग बुआई के लिए भूमि तैयार करने और फसल कटाई जैसे कृषि कार्यों में एक-दूसरे की सहायता करते हैं।
  • कुछ समुदाय प्राकृतिक संसाधनों और पानी, चरागाहों तथा वन-उत्पादों के साझा उपयोग पर सहमत होते हैं।
  • समुदाय में कुछ अलिखित नियम संसाधनों तक सुरक्षित पहुँच बनाए रखने में सहायता करते हैं।
  • समुदाय के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए परिवारों और व्यक्तियों के विशेष कर्तव्य होते हैं।

हलमा परंपरा

  • हलमा भील समुदाय की सामुदायिक सहयोग की एक महत्वपूर्ण परंपरा है।
  • जल संकट के समय भील समुदाय ने मिलकर सैकड़ों गाँवों में हजारों पेड़ लगाए।
  • उन्होंने वर्षा के पानी को सुरक्षित रखने के लिए तालाब और वर्षा जल-संचयन की संरचनाएँ भी बनाईं।
  • इस कार्य के लिए उन्होंने किसी पारिश्रमिक की अपेक्षा नहीं की।
  • हलमा परंपरा का उद्देश्य धरती माँ की सेवा और समुदाय तथा पर्यावरण के प्रति कर्तव्य निभाना है।

आपदा के समय सामुदायिक सहयोग

  • 2015 की चेन्नई बाढ़ के दौरान अनेक लोगों और संगठनों ने प्रभावित लोगों की सहायता की।
  • कई निजी, आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों ने भोजन तैयार करके जरूरतमंद लोगों में बाँटा।
  • यह उदाहरण दिखाता है कि संकट के समय समुदाय मिलकर लोगों की सहायता कर सकता है।

समुदाय और शिक्षा

  • अहमदाबाद में कमल परमार ने विद्यालय से वंचित बच्चों के लिए शाम की कक्षाएँ शुरू कीं।
  • उन्होंने बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ रात में मुफ्त भोजन भी उपलब्ध कराया।
  • कुछ स्थानीय विद्यालयों के शिक्षक भी बाद में इन कक्षाओं से जुड़ गए।
  • बड़े बच्चों ने भी स्वेच्छा से छोटे बच्चों को पढ़ाना शुरू किया।
  • यह उदाहरण निःस्वार्थ सेवा, शिक्षा और सामुदायिक सहयोग को दर्शाता है।

शहरी समुदाय

  • शहरी क्षेत्रों में भी विभिन्न प्रकार के समुदाय पाए जाते हैं।
  • आवासीय कल्याण समितियाँ शहरी समुदायों का एक उदाहरण हैं।
  • ये समितियाँ अपशिष्ट प्रबंधन, सामान्य क्षेत्रों की सफाई, पालतू पशुओं की देखभाल आदि के लिए नियम बना सकती हैं।
  • समुदाय के सदस्य नियमों और व्यवस्थाओं के निर्माण में भागीदार होते हैं।

समुदायों की परस्पर निर्भरता

  • समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।
  • आवासीय समितियाँ किराने की आपूर्ति के लिए व्यापारी समुदाय पर निर्भर हो सकती हैं।
  • कूड़े के निपटान के लिए वे नगर निगम के कर्मचारियों पर निर्भर करती हैं।
  • आधुनिक समाज में प्रत्येक व्यक्ति अनेक अन्य व्यक्तियों और समुदायों पर निर्भर होता है।

समुदाय के विभिन्न रूप

  • समुदाय एक लचीली अवधारणा है और इसके अनेक रूप हो सकते हैं।
  • किसी जाति या उसके उपविभाजन को समुदाय कहा जा सकता है।
  • एक विशेष धर्म, क्षेत्र, कार्य या रुचि से जुड़े लोगों का समूह भी समुदाय हो सकता है।
  • विद्यालय में विद्यार्थी कक्षा, खेल, विज्ञान, नाटक आदि विभिन्न समुदायों का हिस्सा हो सकते हैं।

परिवार और समुदाय में अंतर

परिवार समुदाय
मानव समाज की मूल इकाई है। परिवारों और लोगों से बनी अपेक्षाकृत बड़ी इकाई है।
सदस्यों के बीच पारिवारिक संबंध होते हैं। सदस्य किसी साझा स्थान, कार्य, रुचि, धर्म या उद्देश्य से जुड़े हो सकते हैं।
परिवार में दैनिक जीवन और व्यक्तिगत देखभाल महत्वपूर्ण है। समुदाय में सामूहिक सहयोग और साझा गतिविधियाँ महत्वपूर्ण हैं।
परिवार के सदस्य एक-दूसरे के प्रति विशेष दायित्व निभाते हैं। समुदाय के सदस्यों के भी सामुदायिक कर्तव्य होते हैं।

महत्वपूर्ण शब्द

शब्द अर्थ
परिवार मानव समाज की मूल और सबसे प्राचीन इकाई।
संयुक्त परिवार ऐसा परिवार जिसमें अनेक पीढ़ियाँ साथ रहती हैं।
एकल परिवार सामान्यतः दंपत्ति और उनकी संतान से बना परिवार।
सहयोग एक साथ मिलकर काम करना और सहायता करना।
समुदाय आपस में जुड़े लोगों का समूह।
परस्पर निर्भरता एक-दूसरे की आवश्यकताओं और कार्यों के लिए एक-दूसरे पर निर्भर होना।
हलमा भील समुदाय की सामूहिक सहयोग की परंपरा।
प्रवासी अपने मूल स्थान से दूर रहने वाला व्यक्ति।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • परिवार मानव समाज की मूल और सबसे प्राचीन इकाई है।
  • संयुक्त परिवार में अनेक पीढ़ियाँ एक साथ रह सकती हैं।
  • एकल परिवार में सामान्यतः दंपत्ति और उनकी संतान रहती है।
  • परिवार प्रेम, देखभाल, सहयोग और अंतर्निर्भरता पर आधारित होता है।
  • परिवार बच्चों को अहिंसा, दान, सेवा और त्याग जैसे मूल्य सिखाता है।
  • आपस में जुड़े लोगों के समूह को समुदाय कहते हैं।
  • समुदाय त्योहारों, मेलों, विवाहों, कृषि कार्यों और अन्य गतिविधियों में सहयोग करता है।
  • हलमा भील समुदाय की सामुदायिक सहयोग की परंपरा है।
  • शहरी क्षेत्रों में आवासीय कल्याण समितियाँ समुदाय का उदाहरण हैं।
  • आधुनिक समाज में व्यक्ति और समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।

Quick Revision

  • परिवार → मानव समाज की मूल इकाई।
  • संयुक्त परिवार → अनेक पीढ़ियाँ साथ रहती हैं।
  • एकल परिवार → सामान्यतः दंपत्ति और संतान।
  • परिवार के आधार → प्रेम + देखभाल + सहयोग + अंतर्निर्भरता।
  • परिवार के मूल्य → अहिंसा + दान + सेवा + त्याग।
  • समुदाय → आपस में जुड़े लोगों का समूह।
  • सामुदायिक सहयोग → मिलकर कार्य करना और एक-दूसरे की सहायता करना।
  • हलमा → भील समुदाय की सहयोग परंपरा।
  • शहरी समुदाय → आवासीय कल्याण समिति आदि।
  • मुख्य संदेश → परिवार और समुदाय सहयोग, जिम्मेदारी तथा परस्पर निर्भरता से मजबूत बनते हैं।
Page 1 of 4

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.