Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi शक्ति एवं सरल मशीनें - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
7. शक्ति एवं सरल मशीनें
अध्याय 7. कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
पिछले भाग में आपने स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) तथा ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का अध्ययन किया। अब इस अध्याय के अंतिम भाग में हम शक्ति (Power), सरल मशीनें (Simple Machines), यांत्रिक लाभ (Mechanical Advantage) तथा दक्षता (Efficiency) की अवधारणाओं को समझेंगे। ये सभी विषय बताते हैं कि किसी कार्य को कम समय, कम प्रयास तथा अधिक सुविधा के साथ कैसे किया जा सकता है।
शक्ति एवं सरल मशीनें
शक्ति (Power)
शक्ति (Power) कार्य करने की दर (Rate of Doing Work) है। यदि समान कार्य दो व्यक्ति अलग-अलग समय में करते हैं, तो जो व्यक्ति कम समय में कार्य पूरा करता है, उसकी शक्ति अधिक होती है। शक्ति यह बताती है कि कार्य कितनी तेजी से किया गया है।
शक्ति (P) = कार्य (W) ÷ समय (t)
P = W / t
| भौतिक राशि | SI मात्रक |
|---|---|
| कार्य (Work) | जूल (J) |
| समय (Time) | सेकंड (s) |
| शक्ति (Power) | वाट (W) |
- अधिक शक्ति का अर्थ कम समय में अधिक कार्य करना है।
- कार्य समान होने पर कम समय लेने वाले की शक्ति अधिक होती है।
- विद्युत उपकरणों की क्षमता वाट (W) में व्यक्त की जाती है।
सरल मशीनें (Simple Machines)
सरल मशीनें (Simple Machines) ऐसे उपकरण हैं जो किसी कार्य को कम प्रयास (Effort) तथा अधिक सुविधा के साथ करने में सहायता करते हैं। ये कार्य को आसान बनाती हैं, परंतु ऊर्जा उत्पन्न नहीं करतीं। दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली अधिकांश जटिल मशीनें कई सरल मशीनों के संयोजन से बनी होती हैं।
- सरल मशीनें कार्य को सुविधाजनक बनाती हैं।
- ये प्रयत्न (Effort) को कम करने में सहायता करती हैं।
- ये बल की दिशा भी बदल सकती हैं।
- ये ऊर्जा उत्पन्न नहीं करतीं।
सरल मशीनों के प्रकार
- लीवर (Lever)
- पुली (Pulley)
- तिर्यक तल (Inclined Plane)
- पहिया एवं धुरी (Wheel and Axle)
- स्क्रू (Screw)
- कील (Wedge)
यांत्रिक लाभ (Mechanical Advantage)
यांत्रिक लाभ (Mechanical Advantage) बताता है कि मशीन द्वारा लगाया गया भार (Load) प्रयत्न (Effort) की तुलना में कितना अधिक है।
यांत्रिक लाभ = भार ÷ प्रयत्न
MA = Load / Effort
| राशि | प्रतीक |
|---|---|
| यांत्रिक लाभ | MA |
| भार | Load |
| प्रयत्न | Effort |
दक्षता (Efficiency)
दक्षता (Efficiency) किसी मशीन द्वारा प्राप्त उपयोगी कार्य तथा उसमें दी गई कुल ऊर्जा या कार्य के अनुपात को दर्शाती है। वास्तविक मशीनों में कुछ ऊर्जा घर्षण आदि के कारण नष्ट हो जाती है, इसलिए उनकी दक्षता सदैव 100% से कम होती है।
दक्षता = (उपयोगी कार्य ÷ कुल कार्य) × 100%
सरल मशीनों के उपयोग
- कुएँ से पानी निकालने में पुली का उपयोग।
- ढलान वाले मार्ग पर तिर्यक तल का उपयोग।
- कैंची, सरौता एवं झूला लीवर के उदाहरण हैं।
- स्क्रू जैक द्वारा भारी वाहन उठाए जाते हैं।
- दरवाजे की कील (Wedge) तथा कुल्हाड़ी भी सरल मशीनों के उदाहरण हैं।
Our Concept Builder
यदि किसी भारी वस्तु को सीधे ऊपर उठाने के बजाय ढलान (Inclined Plane) के माध्यम से ऊपर ले जाया जाए, तो कम बल लगाना पड़ता है। इसी प्रकार पुली और लीवर जैसी सरल मशीनें भी कार्य को अधिक सुविधाजनक बनाती हैं। वे ऊर्जा नहीं बढ़ातीं, बल्कि उपलब्ध बल का अधिक प्रभावी उपयोग करने में सहायता करती हैं।
Exam Booster
- शक्ति = कार्य ÷ समय (P = W/t)
- शक्ति का SI मात्रक वाट (W) है।
- सरल मशीनें कार्य को आसान बनाती हैं, ऊर्जा उत्पन्न नहीं करतीं।
- यांत्रिक लाभ = भार ÷ प्रयत्न (MA = Load/Effort)
- वास्तविक मशीनों की दक्षता सदैव 100% से कम होती है।
- लीवर, पुली एवं तिर्यक तल के उपयोग तथा यांत्रिक लाभ पर आधारित प्रश्न CBSE परीक्षा में महत्वपूर्ण हैं।