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Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत - CBSE Study

Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Science Exploration Class 9 cbse notes स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत - CBSE Study

कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:

कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें

6. स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत

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अध्याय 7. कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें

पिछले भाग में आपने यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) तथा गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) का अध्ययन किया। अब हम स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) तथा ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत (Law of Conservation of Energy) को समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन होने पर उसमें ऊर्जा कैसे संचित होती है तथा ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होने पर भी उसकी कुल मात्रा क्यों स्थिर रहती है। 

स्थितिज ऊर्जा एवं ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत

स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)

स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी स्थिति (Position) अथवा विन्यास (Configuration) के कारण संचित रहती है। जब किसी वस्तु को पृथ्वी की सतह से ऊपर उठाया जाता है, तो उसमें गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा संचित हो जाती है। यही ऊर्जा वस्तु के नीचे आने पर अन्य रूपों में परिवर्तित हो सकती है।

  • स्थितिज ऊर्जा वस्तु की स्थिति पर निर्भर करती है।
  • ऊँचाई बढ़ने पर स्थितिज ऊर्जा बढ़ती है।
  • विरामावस्था में भी किसी वस्तु में स्थितिज ऊर्जा हो सकती है।
  • गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा दैनिक जीवन में सबसे सामान्य उदाहरण है।

स्थितिज ऊर्जा का व्यंजक (Expression for Potential Energy)

यदि m द्रव्यमान की किसी वस्तु को पृथ्वी की सतह से h ऊँचाई तक उठाया जाए, तो उस पर किए गए कार्य के बराबर उसमें गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा संचित हो जाती है। इसका गणितीय व्यंजक निम्न प्रकार है।

PE = mgh

राशि प्रतीक
स्थितिज ऊर्जा PE
द्रव्यमान m
गुरुत्वीय त्वरण g
ऊँचाई h

ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत (Law of Conservation of Energy)

ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है। यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है। किसी बंद निकाय (Closed System) में कुल ऊर्जा का मान सदैव स्थिर रहता है।

  • ऊर्जा केवल रूप बदलती है।
  • कुल ऊर्जा सदैव नियत रहती है।
  • ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत प्रकृति का मूलभूत नियम है।

स्थितिज एवं गतिज ऊर्जा का परिवर्तन

जब किसी वस्तु को ऊँचाई से छोड़ा जाता है, तो उसकी स्थितिज ऊर्जा धीरे-धीरे घटती जाती है और उसी अनुपात में गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है। भूमि पर पहुँचने से ठीक पहले वस्तु की गतिज ऊर्जा अधिकतम तथा स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।

वस्तु की स्थिति स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा
सबसे ऊपर अधिकतम न्यूनतम
बीच में घटती है बढ़ती है
भूमि के निकट न्यूनतम अधिकतम

दैनिक जीवन में उदाहरण

  • बाँध में संचित जल में स्थितिज ऊर्जा होती है।
  • खींचा हुआ धनुष स्थितिज ऊर्जा का उदाहरण है।
  • ऊँचाई पर रखा पत्थर नीचे गिरते समय स्थितिज ऊर्जा को गतिज ऊर्जा में बदल देता है।
  • झूले की गति में स्थितिज एवं गतिज ऊर्जा का निरंतर रूपांतरण होता है।

Our Concept Builder

मान लीजिए एक गेंद को किसी इमारत की छत से गिराया जाता है। प्रारंभ में गेंद की स्थितिज ऊर्जा अधिक तथा गतिज ऊर्जा लगभग शून्य होती है। जैसे-जैसे गेंद नीचे आती है, उसकी स्थितिज ऊर्जा घटती जाती है और गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में कुल यांत्रिक ऊर्जा लगभग स्थिर रहती है, जो ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को स्पष्ट करती है।

Exam Booster

  • स्थितिज ऊर्जा स्थिति के कारण उत्पन्न होती है।
  • गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा का सूत्र PE = mgh है।
  • ऊर्जा न उत्पन्न की जा सकती है और न नष्ट, केवल रूपांतरित होती है।
  • ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत CBSE परीक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
  • स्थितिज एवं गतिज ऊर्जा के रूपांतरण पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
  • बाँध, झूला तथा गिरती हुई वस्तु ऊर्जा संरक्षण के प्रमुख उदाहरण हैं।
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