Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi कार्य-ऊर्जा प्रमेय एवं ऊर्जा के रूप - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
4. कार्य-ऊर्जा प्रमेय एवं ऊर्जा के रूप
अध्याय 7. कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
अब तक आपने कार्य (Work) की अवधारणा तथा धनात्मक, ऋणात्मक एवं शून्य कार्य का अध्ययन किया। अब हम कार्य और ऊर्जा (Energy) के बीच संबंध को समझेंगे। इस भाग में कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem), ऊर्जा की अवधारणा तथा ऊर्जा के विभिन्न रूपों का अध्ययन करेंगे। ये विषय यह स्पष्ट करते हैं कि कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा क्यों कहा जाता है और कार्य करने पर ऊर्जा में किस प्रकार परिवर्तन होता है।
कार्य-ऊर्जा प्रमेय एवं ऊर्जा के रूप
कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem)
कार्य-ऊर्जा प्रमेय (Work-Energy Theorem) के अनुसार किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसके गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में हुए परिवर्तन के बराबर होता है। जब किसी वस्तु पर कार्य किया जाता है, तो उसकी ऊर्जा में परिवर्तन होता है। यदि वस्तु पर धनात्मक कार्य किया जाता है, तो उसकी ऊर्जा बढ़ती है और यदि ऋणात्मक कार्य किया जाता है, तो उसकी ऊर्जा घटती है।
- कार्य एवं ऊर्जा एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
- किया गया कार्य ऊर्जा में परिवर्तन उत्पन्न करता है।
- धनात्मक कार्य से ऊर्जा बढ़ती है।
- ऋणात्मक कार्य से ऊर्जा घटती है।
ऊर्जा (Energy)
ऊर्जा (Energy) किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता है। प्रत्येक कार्य के लिए किसी न किसी रूप में ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऊर्जा विभिन्न रूपों में उपस्थित होती है तथा आवश्यकता के अनुसार एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है। ऊर्जा का SI मात्रक जूल (Joule) है।
| भौतिक राशि | SI मात्रक |
|---|---|
| ऊर्जा (Energy) | जूल (J) |
| कार्य (Work) | जूल (J) |
ऊर्जा के विभिन्न रूप (Forms of Energy)
प्रकृति में ऊर्जा अनेक रूपों में पाई जाती है। परिस्थितियों के अनुसार एक प्रकार की ऊर्जा दूसरे प्रकार की ऊर्जा में परिवर्तित हो सकती है। यही कारण है कि ऊर्जा का उपयोग विभिन्न वैज्ञानिक एवं तकनीकी कार्यों में किया जाता है।
- यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy)
- गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
- स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
- ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy)
- प्रकाश ऊर्जा (Light Energy)
- ध्वनि ऊर्जा (Sound Energy)
- विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy)
- रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy)
ऊर्जा रूपांतरण (Energy Transformation)
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है, बल्कि यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है। उदाहरण के लिए, विद्युत बल्ब में विद्युत ऊर्जा प्रकाश एवं ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है, जबकि बैटरी में रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
| उदाहरण | ऊर्जा रूपांतरण |
|---|---|
| विद्युत बल्ब | विद्युत → प्रकाश + ऊष्मा |
| बैटरी | रासायनिक → विद्युत |
| सौर पैनल | सौर → विद्युत |
| मानव शरीर | रासायनिक → यांत्रिक |
Our Concept Builder
जब कोई खिलाड़ी फुटबॉल को किक मारता है, तो उसके शरीर की रासायनिक ऊर्जा पहले यांत्रिक ऊर्जा में बदलती है। इसके बाद खिलाड़ी द्वारा किया गया कार्य गेंद की गतिज ऊर्जा बढ़ा देता है और गेंद गति करने लगती है। इससे स्पष्ट होता है कि कार्य और ऊर्जा का आपस में गहरा संबंध है।
Exam Booster
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार किया गया कार्य ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।
- ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है।
- कार्य एवं ऊर्जा दोनों का SI मात्रक जूल (J) है।
- ऊर्जा अनेक रूपों में पाई जाती है तथा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
- ऊर्जा रूपांतरण के दैनिक जीवन के उदाहरण CBSE परीक्षा में महत्वपूर्ण हैं।
- कार्य-ऊर्जा प्रमेय एवं ऊर्जा के विभिन्न रूपों पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।