Chapter कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi कार्य की अवधारणा - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
2. कार्य की अवधारणा
अध्याय 7. कार्य, ऊर्जा एवं सरल मशीनें
हम अपने दैनिक जीवन में अनेक प्रकार के कार्य करते हैं, जैसे किसी वस्तु को उठाना, धक्का देना, खींचना या किसी वाहन को चलाना। विज्ञान में कार्य (Work) का अर्थ सामान्य बोलचाल से अलग होता है। किसी वस्तु पर बल लगाने मात्र से कार्य नहीं होता, बल्कि जब बल के कारण वस्तु बल की दिशा में विस्थापित होती है, तभी वैज्ञानिक दृष्टि से कार्य किया गया माना जाता है। इस भाग में हम कार्य की अवधारणा, नियत बल द्वारा किए गए कार्य तथा उसके SI मात्रक का अध्ययन करेंगे।
कार्य (Work)
कार्य की अवधारणा (Concept of Work)
विज्ञान में कार्य तभी माना जाता है जब किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसे बल की दिशा में विस्थापित करे। यदि केवल बल लगाया जाए लेकिन वस्तु अपने स्थान से न हिले, तो वैज्ञानिक दृष्टि से कार्य नहीं माना जाता। इसलिए कार्य के लिए बल (Force) और विस्थापन (Displacement) दोनों आवश्यक हैं।
- कार्य के लिए बल लगना आवश्यक है।
- बल के कारण वस्तु का विस्थापन होना चाहिए।
- बल एवं विस्थापन एक-दूसरे से संबंधित होते हैं।
- केवल बल लगाने से हमेशा कार्य नहीं होता।
किसी नियत बल द्वारा किया गया कार्य
यदि किसी वस्तु पर नियत बल (Constant Force) लगाया जाए और वस्तु बल की दिशा में s दूरी तक विस्थापित हो, तो उस बल द्वारा किया गया कार्य, लगाए गए बल तथा बल की दिशा में हुए विस्थापन के गुणनफल के बराबर होता है। इसे निम्न प्रकार व्यक्त किया जाता है।
कार्य (W) = बल (F) × बल की दिशा में विस्थापन (s)
W = F × s
| राशि | प्रतीक |
|---|---|
| कार्य | W |
| बल | F |
| विस्थापन | s |
कार्य का SI मात्रक (SI Unit of Work)
कार्य का SI मात्रक जूल (Joule) है, जिसे J द्वारा दर्शाया जाता है। यदि 1 न्यूटन (N) का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में 1 मीटर (m) तक विस्थापित करे, तो किया गया कार्य 1 जूल कहलाता है।
1 J = 1 N × 1 m
| भौतिक राशि | SI मात्रक |
|---|---|
| बल (Force) | न्यूटन (N) |
| विस्थापन (Displacement) | मीटर (m) |
| कार्य (Work) | जूल (J) |
Our Concept Builder
यदि आप 20 N का बल लगाकर किसी डिब्बे को उसी दिशा में 3 m तक धकेलते हैं, तो उस डिब्बे पर किया गया कार्य W = 20 × 3 = 60 J होगा। इससे स्पष्ट होता है कि जितना अधिक बल लगाया जाएगा या जितना अधिक विस्थापन होगा, उतना ही अधिक कार्य किया जाएगा।
Exam Booster
- कार्य तभी होता है जब बल के कारण विस्थापन हो।
- कार्य = बल × बल की दिशा में विस्थापन (W = F × s)
- कार्य का SI मात्रक जूल (J) है।
- 1 जूल = 1 न्यूटन × 1 मीटर
- कार्य का परिमाण बल एवं विस्थापन दोनों पर निर्भर करता है।
- कार्य के प्रश्नों में बल तथा विस्थापन की दिशा का विशेष महत्व होता है।