Chapter भारत की सांस्कृतिक जड़ें Class 6 Social Science CBSE notes in hindi Assignments - What Have You Learned? - CBSE Study
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भारत की सांस्कृतिक जड़ें
4. Assignments - What Have You Learned?
अध्याय 7. भारत की सांस्कृतिक जड़ें — Assignment
नीचे दिए गए अभ्यास प्रश्नों के माध्यम से अध्याय के प्रमुख तथ्यों, अवधारणाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का अभ्यास कीजिए।
भाग A – बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
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‘वेद’ शब्द किस धातु से बना है?
(A) दृश् (B) विद् (C) गम् (D) भू
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निम्नलिखित में से कौन-सा वेद नहीं है?
(A) ऋग्वेद (B) यजुर्वेद (C) सामवेद (D) उपनिषद
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वैदिक ऋचाएँ मुख्य रूप से किस माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ीं?
(A) चित्रों द्वारा (B) मौखिक परंपरा द्वारा (C) सिक्कों द्वारा (D) मूर्तियों द्वारा
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‘एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति’ का भाव क्या है?
(A) केवल एक ही भाषा है
(B) सत्य एक है, ज्ञानी उसे अलग-अलग नामों से कहते हैं
(C) केवल एक ही देवता है
(D) सभी लोग एक ही स्थान पर रहते हैं
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सिद्धार्थ गौतम को ज्ञान कहाँ प्राप्त हुआ?
(A) लुंबिनी (B) वैशाली (C) बोधगया (D) सारनाथ
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ज्ञान प्राप्त करने के बाद सिद्धार्थ गौतम को किस नाम से जाना गया?
(A) महावीर (B) बुद्ध (C) जिन (D) ऋषि
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बौद्ध मत में भिक्षुओं के समुदाय को क्या कहा गया?
(A) सभा (B) संघ (C) समिति (D) जन
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महावीर का मूल नाम क्या था?
(A) सिद्धार्थ (B) वर्धमान (C) गौतम (D) आनंद
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निम्नलिखित में से कौन-सा जैन मत का प्रमुख सिद्धांत है?
(A) अपरिग्रह (B) साम्राज्यवाद (C) युद्ध (D) विस्तारवाद
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‘अनेकांतवाद’ का संबंध किस विचार से है?
(A) सत्य के अनेक पक्ष हो सकते हैं
(B) केवल एक व्यक्ति सत्य जान सकता है
(C) धन का संचय करना
(D) युद्ध करना
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‘अपरिग्रह’ का अर्थ क्या है?
(A) अधिक से अधिक वस्तुएँ एकत्र करना
(B) अनावश्यक वस्तुओं का संचय न करना
(C) दूसरों पर शासन करना
(D) यात्रा करना
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चार्वाक दर्शन को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
(A) वेदांत (B) लोकायत (C) योग (D) सांख्य
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चार्वाक दर्शन किसे वास्तविक सत्य मानता था?
(A) केवल परलोक को (B) भौतिक संसार को (C) केवल स्वप्न को (D) केवल आत्मा को
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सामान्य लोगों के बीच विकसित सांस्कृतिक परंपराओं को क्या कहा जाता है?
(A) लोक परंपराएँ (B) राजकीय परंपराएँ (C) सैनिक परंपराएँ (D) विदेशी परंपराएँ
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2011 के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार भारत में कितनी जनजातियाँ दर्ज की गई थीं?
(A) 505 (B) 605 (C) 705 (D) 805
भाग B – रिक्त स्थान भरिए
- वेद शब्द _______ धातु से बना है।
- चार वेदों में _______ सबसे प्राचीन वैदिक ग्रंथों में से एक है।
- सिद्धार्थ गौतम का जन्म _______ में हुआ था।
- बुद्ध को _______ में ज्ञान प्राप्त हुआ।
- बुद्ध के अनुयायियों के समुदाय को _______ कहा गया।
- महावीर का मूल नाम _______ था।
- जैन मत का एक प्रमुख सिद्धांत _______ है।
- सत्य के अनेक पक्ष होने की धारणा को _______ कहते हैं।
- चार्वाक दर्शन को _______ भी कहा जाता है।
- सामान्य लोगों की सांस्कृतिक परंपराओं को _______ परंपराएँ कहा जाता है।
भाग C – सही या गलत लिखिए
- वेदों की ऋचाएँ लंबे समय तक मौखिक परंपरा से सुरक्षित रखी गईं।
- सिद्धार्थ गौतम को ज्ञान लुंबिनी में प्राप्त हुआ था।
- बुद्ध का अर्थ जाग्रत या ज्ञान प्राप्त व्यक्ति है।
- महावीर का मूल नाम वर्धमान था।
- अनेकांतवाद जैन मत का प्रमुख सिद्धांत है।
- अपरिग्रह का अर्थ अधिक से अधिक वस्तुओं का संचय करना है।
- चार्वाक दर्शन परलोक के अस्तित्व को स्वीकार करता था।
- भारत में मौखिक सांस्कृतिक परंपराएँ भी रही हैं।
- लोक परंपराएँ केवल लिखित ग्रंथों के माध्यम से आगे बढ़ीं।
- वटवृक्ष हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं में पवित्र माना जाता है।
भाग D – एक शब्द या एक वाक्य में उत्तर दीजिए
- चार वेदों के नाम लिखिए।
- बुद्ध का मूल नाम क्या था?
- महावीर का मूल नाम क्या था?
- ‘जिन’ शब्द का क्या अर्थ है?
- बौद्ध भिक्षुओं के समुदाय को क्या कहा जाता है?
- चार्वाक दर्शन का दूसरा नाम क्या है?
- अहिंसा का अर्थ क्या है?
- अपरिग्रह का अर्थ क्या है?
भाग E – लघु उत्तरीय प्रश्न
- वेद क्या हैं? इनके संदेश का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
- वैदिक ऋचाओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी कैसे सुरक्षित रखा गया?
- सिद्धार्थ गौतम ने राजसी जीवन का त्याग क्यों किया?
- बुद्ध की प्रमुख शिक्षाएँ लिखिए।
- बौद्ध संघ का क्या महत्व था?
- महावीर के जीवन की प्रमुख घटनाएँ लिखिए।
- अनेकांतवाद से आप क्या समझते हैं?
- अपरिग्रह का हमारे जीवन में क्या महत्व हो सकता है?
- चार्वाक दर्शन की मुख्य मान्यता क्या थी?
- लोक परंपराएँ भारतीय संस्कृति के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
भाग F – अंतर स्पष्ट कीजिए
| बौद्ध मत | जैन मत |
|---|---|
| सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) से संबंधित | वर्धमान (महावीर) से संबंधित |
| दुख और अज्ञान से मुक्ति पर विशेष जोर | अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह पर विशेष जोर |
| लोक परंपरा | जनजातीय परंपरा |
|---|---|
| सामान्य लोगों के बीच विकसित परंपराएँ | जनजातीय समुदायों से जुड़ी परंपराएँ |
| लोकगीत, कथाएँ, रीति-रिवाज आदि | विशिष्ट समुदाय की संस्कृति, भाषा और विश्वास |
भाग G – मिलान कीजिए
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| 1. सिद्धार्थ गौतम | (a) अनेकांतवाद |
| 2. वर्धमान | (b) बुद्ध |
| 3. सत्य के अनेक पक्ष | (c) महावीर |
| 4. भौतिकवादी दर्शन | (d) चार्वाक |
| 5. अनावश्यक संचय न करना | (e) अपरिग्रह |
भाग H – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
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भारतीय संस्कृति की विभिन्न जड़ों का वर्णन कीजिए।
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बौद्ध मत की उत्पत्ति और बुद्ध की प्रमुख शिक्षाओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।
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जैन मत के प्रमुख सिद्धांतों – अहिंसा, अनेकांतवाद और अपरिग्रह – को उदाहरण सहित समझाइए।
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भारतीय संस्कृति में लोक और जनजातीय परंपराओं के योगदान की व्याख्या कीजिए।
भाग I – कहानी आधारित प्रश्न
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बंदर-राजा की जातक कथा में राजा ने अपने समूह को बचाने के लिए स्वयं का त्याग किया। इस कथा से कौन-सा नैतिक संदेश मिलता है?
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रोहिणेय ने महावीर की शिक्षा सुनने के बाद अपने गलत कार्यों पर पश्चाताप किया। इस कथा से व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन के बारे में क्या सीख मिलती है?
भाग J – विचार कीजिए
- यदि लोग अपनी आवश्यकताओं तक ही वस्तुओं को सीमित रखें तो पर्यावरण को क्या लाभ हो सकता है?
- अनेकांतवाद हमें दूसरे व्यक्ति के विचारों को समझने में कैसे सहायता कर सकता है?
- मौखिक परंपराओं के समाप्त होने से किसी समुदाय की संस्कृति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
- बौद्ध और जैन मतों में अहिंसा को महत्व देने का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा होगा?
- विभिन्न सांस्कृतिक परंपराओं का आपसी संपर्क भारतीय संस्कृति को कैसे समृद्ध करता है?
भाग K – गतिविधि आधारित प्रश्न
- अपने परिवार या समुदाय से कोई ऐसी लोककथा पता कीजिए जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई जाती रही हो। उसे 100 शब्दों में लिखिए।
- बौद्ध और जैन मत के प्रमुख सिद्धांतों का एक चार्ट तैयार कीजिए।
- ‘अहिंसा और सह-अस्तित्व’ विषय पर एक पोस्टर बनाइए।
- भारत की किसी एक जनजातीय समुदाय की भाषा, वेशभूषा, लोककला और परंपराओं की जानकारी एकत्र कीजिए।
भाग L – Quick Exam Practice
- वेद → विद् धातु → ज्ञान।
- चार वेद → ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद।
- बुद्ध → सिद्धार्थ गौतम → बोधगया में ज्ञान।
- बौद्ध संघ → भिक्षुओं और बाद में भिक्षुणियों का समुदाय।
- महावीर → वर्धमान → जैन मत के प्रमुख शिक्षक।
- जैन सिद्धांत → अहिंसा + अनेकांतवाद + अपरिग्रह।
- चार्वाक/लोकायत → भौतिकवादी दर्शन।
- लोक परंपरा → सामान्य लोगों की सांस्कृतिक परंपरा।
- जनजातीय परंपरा → जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक परंपरा।
- वटवृक्ष → भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों और विविध शाखाओं का प्रतीक।