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Chapter आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन Class 6 Social Science CBSE notes in hindi समाज में नियमों की आवश्यकता - CBSE Study

Chapter आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन Social Science Class 6 cbse notes समाज में नियमों की आवश्यकता in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन Class 6 Social Science CBSE notes in hindi समाज में नियमों की आवश्यकता - CBSE Study

कक्षा 6 Social Science के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक समाज में नियमों की आवश्यकता को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Social Science में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 6 English Medium Social Science All Chapters:

आधारभूत लोकतंत्र भाग 1: शासन

2. समाज में नियमों की आवश्यकता

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अध्याय 10. आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन 

इस भाग में शासन और सरकार की आवश्यकता, नियम-कानून तथा सरकार के तीन अंगों की भूमिका को समझाया गया है।

समाज में नियमों की आवश्यकता

  • जब बहुत से लोग एक साथ रहते हैं, तो असहमति और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
  • समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक होते हैं।
  • घर, विद्यालय, सड़क और कार्यस्थल आदि सभी जगह कुछ नियम होते हैं।
  • नियमों का पालन न होने पर सामाजिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

शासन का अर्थ

  • शासन – निर्णय लेने की प्रक्रिया, नियमों के विभिन्न समूहों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना और उनका पालन सुनिश्चित करना शासन कहलाता है।
  • शासन का मुख्य उद्देश्य समाज में व्यवस्था बनाए रखना है।
  • शासन में नियम बनाना, निर्णय लेना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना शामिल है।

नियम और कानून

  • समाज को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग प्रकार के नियम बनाए जाते हैं।
  • कुछ अधिक महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
  • नियम और कानून हमेशा के लिए अपरिवर्तनीय नहीं होते।
  • आवश्यकता के अनुसार नियमों और कानूनों में बदलाव किया जा सकता है।
  • नागरिक भी नियमों और कानूनों में बदलाव के लिए अपनी बात रख सकते हैं।

सरकार क्या है?

  • सरकार – उन व्यक्तियों के समूह या तंत्र को सरकार कहते हैं जो नियम बनाते हैं और इन नियमों का पालन सुनिश्चित करते हैं।
  • सरकार समाज को व्यवस्थित ढंग से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • सरकार कानून बनाती है और उन्हें लागू करवाती है।
  • सरकार नागरिकों के लिए विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं और व्यवस्थाओं से संबंधित कार्य करती है।

सरकार के तीन अंग

अंग मुख्य कार्य
विधायिका कानून बनाना तथा पुराने कानूनों में संशोधन या उन्हें निरस्त करना।
कार्यपालिका कानूनों को लागू करना।
न्यायपालिका कानून के उल्लंघन पर निर्णय करना और न्याय प्रदान करना।

विधायिका

  • विधायिका सरकार का वह अंग है जो कानून बनाता है।
  • जनता के प्रतिनिधियों की सभा में कानूनों पर चर्चा की जाती है।
  • विधायिका पुराने कानूनों में संशोधन कर सकती है।
  • आवश्यकता पड़ने पर किसी कानून को निरस्त भी किया जा सकता है।
  • राष्ट्रीय स्तर पर भारत की विधायिका में लोक सभा और राज्य सभा शामिल हैं।

कार्यपालिका

  • कार्यपालिका का मुख्य कार्य कानूनों को लागू करना है।
  • कानूनों को लागू करने के लिए विभिन्न विभाग और अभिकरण कार्य करते हैं।
  • राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
  • राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री कार्यपालिका के प्रमुख होते हैं।
  • साइबर पुलिस जैसी एजेंसियाँ भी कानूनों को लागू करने में भूमिका निभाती हैं।

न्यायपालिका

  • न्यायपालिका न्यायालयों की प्रणाली है।
  • यह निर्णय करती है कि किसी व्यक्ति ने कानून तोड़ा है या नहीं।
  • कानून तोड़ने पर क्या कार्रवाई या दंड होना चाहिए, इसका निर्णय न्यायपालिका कर सकती है।
  • न्यायपालिका कार्यपालिका के किसी निर्णय की भी समीक्षा कर सकती है।
  • यह विधायिका द्वारा बनाए गए कानून की भी जाँच कर सकती है कि वह सभी के हित में है या नहीं।

साइबर अपराध और सरकार के तीन अंग

  • डिजिटल तकनीक के विकास के साथ साइबर अपराध जैसी नई आपराधिक गतिविधियाँ सामने आई हैं।
  • साइबर अपराधों को रोकने के लिए सरकार नए कानून बना सकती है।
  • विधायिका नए कानून बनाती है।
  • कार्यपालिका कानूनों को लागू करती है और अपराधियों पर कार्रवाई करती है।
  • न्यायपालिका अपराध से संबंधित मामलों पर निर्णय करती है।

शक्तियों का पृथक्करण

  • सरकार के तीनों अंगों को निश्चित रूप से पृथक रखा जाता है।
  • तीनों अंग एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और आवश्यकतानुसार साथ मिलकर कार्य करते हैं।
  • सरकार की शक्तियों को अलग-अलग अंगों में बाँटने की व्यवस्था को शक्तियों का पृथक्करण कहा जाता है।
  • इसका उद्देश्य शासन व्यवस्था में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखना है।
  • प्रत्येक अंग दूसरे अंग के कार्यों की निगरानी कर सकता है।
  • यदि कोई अंग अपनी निर्धारित भूमिका से आगे जाता है, तो संतुलन पुनः स्थापित किया जा सकता है।

सरकार के तीन अंग — एक नजर में

सरकार का अंग मुख्य कार्य याद रखने का तरीका
विधायिका कानून बनाना कानून बनाए
कार्यपालिका कानून लागू करना कानून चलाए
न्यायपालिका न्याय करना और कानून के उल्लंघन पर निर्णय देना न्याय करे

महत्वपूर्ण शब्द

  • शासन: नियमों और निर्णयों के माध्यम से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना।
  • सरकार: नियम बनाने और उनके पालन को सुनिश्चित करने वाला तंत्र।
  • कानून: समाज के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण नियम।
  • विधायिका: कानून बनाने वाला अंग।
  • कार्यपालिका: कानून लागू करने वाला अंग।
  • न्यायपालिका: न्यायालयों की प्रणाली।
  • शक्तियों का पृथक्करण: सरकार के तीन अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन।
  • नियंत्रण और संतुलन: सरकार के अंगों द्वारा एक-दूसरे के कार्यों की निगरानी और संतुलन बनाए रखना।

महत्वपूर्ण अंतर

विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका
कानून बनाती है। कानून लागू करती है। कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है।
कानूनों में संशोधन या निरस्तीकरण कर सकती है। कानूनों के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी निभाती है। कानूनों और सरकारी निर्णयों की समीक्षा कर सकती है।

Exam Facts

  • समाज में व्यवस्था और सद्भाव बनाए रखने के लिए नियम आवश्यक हैं।
  • कुछ महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।
  • सरकार नियम बनाती है और उनका पालन सुनिश्चित करती है।
  • सरकार के तीन अंग हैं—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका।
  • विधायिका का मुख्य कार्य कानून बनाना है।
  • कार्यपालिका का मुख्य कार्य कानून लागू करना है।
  • न्यायपालिका कानून के उल्लंघन पर निर्णय करती है।
  • शक्तियों का पृथक्करण शासन में नियंत्रण और संतुलन बनाए रखता है।

Quick Revision

  • नियम → व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक।
  • शासन → नियमों और निर्णयों से सामाजिक जीवन को व्यवस्थित करना।
  • सरकार → नियम बनाती है और उनका पालन सुनिश्चित करती है।
  • विधायिका → कानून बनाती है।
  • कार्यपालिका → कानून लागू करती है।
  • न्यायपालिका → कानून के उल्लंघन पर न्याय करती है।
  • शक्तियों का पृथक्करण → तीनों अंगों के बीच शक्तियों का विभाजन।
  • नियंत्रण और संतुलन → तीनों अंग एक-दूसरे के कार्यों की निगरानी करते हैं।
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