Chapter 3. धातु और अधातु Class 10 Science CBSE notes in hindi धातुओं के रासायनिक गुणधर्म - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 10 English Medium Science All Chapters:
3. धातु और अधातु
2. धातुओं के रासायनिक गुणधर्म
धातुओं का रासायनिक गुणधर्म (CHEMICAL PROPERTIES OF METALS)
(i) सभी धातुये ऑक्सीजन के साथ मिलकर संगत धातु ऑक्साइड बनाती हैं |
धातु + ऑक्सीजन → धातु ऑक्साइड
उदाहरण के लिए, जब कॉपर को वायु में गर्म किया जाता है तो यह ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर कॉपर (II) ऑक्साइड बनाता है जो कि एक काला ऑक्साइड है |
2Cu + O2 → 2CuO
(कॉपर) ऑक्सीजन (कॉपर(II) ऑक्साइड)
इसीप्रकार, एल्युमीनियम एल्युमीनियम ऑक्साइड बनाता है |
4Al + 3O2 → 2Al2O3
(एल्युमीनियम) (एल्युमीनियम ऑक्साइड)
उभयधर्मी (Amphoteric Oxides) : कुछ धातु ऑक्साइड्स जैसे एल्युमीनियम ऑक्साइड एवं जिंक ऑक्साइड इत्यादि अम्लीय तथा क्षारकीय व्यवहार को प्रदर्शित करते हैं | ऐसे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षारक दोनों के साथ के साथ अभिक्रिया कर लवण और जल का निर्माण करते हैं इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं |
उदाहरण: एल्युमीनियम ऑक्साइड एवं जिंक ऑक्साइड इत्यादि |
धातु ऑक्साइड का अम्ल के साथ अभिक्रिया (Reaction of Metal oxides with acids)
एल्युमीनियम ऑक्साइड हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ अभिक्रिया कर एल्युमीनियम क्लोराइड का लवण और जल देता है |
इस अभिक्रिया का समीकरण इस प्रकार है :
Al2 O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O
धातु ऑक्साइड का क्षारक के साथ अभिक्रिया (Reaction of Metal oxides with bases):
एल्युमीनियम ऑक्साइड सोडियम हाइड्रोऑक्साइड से अभिक्रिया कर सोडियम एलुमिनेट और जल प्रदान करता है :
इस अभिक्रिया का समीकरण इस प्रकार है :
Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O
(सोडियम एलुमिनेट)
धातु ऑक्साइड्स का जल में धुलनशीलता (Solubility of metal oxides in water):
अधिकांश धातु ऑक्साइड्स जल में अधुलनशील होते हैं, परन्तु इनमें से कुछ जल में घुलकर क्षार (alkalis) बनाते हैं | सोडियम ऑक्साइड और पोटैशियम ऑक्साइड दो ऐसे ऑक्साइड्स हैं जो जल में घुलकर क्षार बनाते हैं |
सोडियम ऑक्साइड और पोटैशियम ऑक्साइड के घुलने पर क्रमश: सोडियम हाइड्रोऑक्साइड क्षार और पोटैशियम ऑक्साइड क्षार देता है |
Na2O(s) + H2O(l) → 2NaOH(aq)
K2O(s) + H2O(l) → 2KOH(aq)
धातुओं का ऑक्सीजन के साथ अभिक्रियाशीलता
Reactivity of metals with oxygen:
अलग-अलग धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर अलग-अलग अभिक्रियाशीलता प्रदर्शित करती हैं | सोना प्लैटिनम और चाँदी जैसी धातुएँ तो ऑक्सीजन से बिल्कुल ही अभिक्रिया नहीं करती है |
सोडियम और पोटैशियम का ऑक्सीजन से अभिक्रिया :
Reaction of sodium and potassium with oxygen:
कुछ धातुएँ जैसे सोडियम और पोटैशियम इतनी अधिक तेजी से ऑक्सीजन से अभिक्रिया करती हैं कि यदि इनको खुला छोड़ा जाये तो ये तेजी आग पकड़ लेती हैं | यही कारण है कि इनको अचानक आग लगने से बचाने के लिए इनकों किरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है |
कुछ धातु ऑक्साइड रक्षात्मक कवच बनाते हैं
Some metal oxides form protective layer:
साधारण तापमान पर धातुओं की सतहें जैसे मैग्नीशियम, एल्युमीनियम, जिंक और शीशा इत्यादि पर ऑक्साइड की पतली परत चढ़ जाती हैं | ये रक्षात्मक कवच इन्हें आगे ऑक्सीडेशन (उपचयन) से बचाता है | इसका एक बहुत बड़ा फायदा धातुओं को यह मिलता है कि ये इन ऑक्साइड्स की वजह से संक्षारित होने से बच जाती हैं |
कुछ धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया नहीं करती है:
Some metal does not react with oxygen:
गर्म करने पर आयरन का दहन तो नहीं होता है लेकिन जब बर्नर की ज्वाला में लौह चूर्ण डालते हैं तब वह तेज़ी से जलने लगता है। कॉपर का दहन तो नहीं होता है लेकिन गर्म धातु पर कॉपर (II) ऑक्साइड की काले रंग की परत चढ़ जाती है। सिल्वर एवं गोल्ड अत्यंत अधिक ताप पर भी ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया नहीं करते हैं।
एनोड़ीकरण (Anodising):
ऐनोडीकरण (Anodising) ऐलुमिनियम पर मोटी ऑक्साइड की परत बनाने की प्रक्रिया है। वायु के संपर्क में आने पर ऐलुमिनियम पर ऑक्साइड की पतली परत का निर्माण होता है। ऐलुमिनियम ऑक्साइड की परत इसे संक्षारण से बचाती है। इस परत को मोटा करके इसे संक्षारण से अधिक सुरक्षित किया जा सकता है।
एलुमिनियम का एनोड़ीकरण (Anodising of Aluminium) :
ऐनोडीकरण के लिए ऐलुमिनियम की एक साफ वस्तु को ऐनोड बनाकर तनु सल्फ्ऱयूरिक अम्ल के साथ इसका विद्युत-अपघटन किया जाता है। ऐनोड पर उत्सर्जित ऑक्सीजन गैस ऐलुमिनियम के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइड की एक मोटी परत बनाती है। इस ऑक्साइड की परत को आसानी से रँगकर ऐलुमिनियम की आकर्षक वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं।
जल के साथ धातु की अभिक्रिया (Reaction of metals with water) :
जल के साथ अभिक्रिया करके धातुएँ हाइड्रोजन गैस तथा धातु ऑक्साइड उत्पन्न
करती हैं। जो धातु ऑक्साइड जल में घुलनशील हैं, जल में घुलकर धातु हाइड्रॉक्साइड
प्रदान करते हैं।
समान्य समीकरण (General equations) :
धातु + जल → धातु ऑक्साइड + हाइड्रोजन
धातु ऑक्साइड + जल → धातु हाइड्रोऑक्साइड
सोडियम और पोटैशियम का ठंढे जल से अभिक्रिया
(Reaction of sodium and potassium with cold water) :
पोटैशियम एवं सोडियम जैसी धातुएँ ठंडे जल के साथ तेज़ी से अभिक्रिया करती
हैं। सोडियम तथा पोटैशियम की अभिक्रिया तेज़ तथा ऊष्माक्षेपी होती है कि इससे
उत्सर्जित हाइड्रोजन तत्काल प्रज्ज्वलित हो जाती है।
2K(s) + 2H2O(l) → 2KOH(aq) + H2(g) + ऊष्मीय ऊर्जा
2Na(s) + 2H2O(l) → 2NaOH(aq) + H2(g) + ऊष्मीय ऊर्जा
Chemical Properties of Metals (धातुओं के रासायनिक गुण)
धातुएँ विभिन्न पदार्थों जैसे जल, भाप, अम्ल तथा अन्य धातुओं के लवणों के साथ अभिक्रिया करती हैं। अलग-अलग धातुओं की अभिक्रियाशीलता अलग होती है। कुछ धातुएँ अत्यधिक अभिक्रियाशील होती हैं, जबकि कुछ धातुएँ सामान्य परिस्थितियों में लगभग अभिक्रिया नहीं करतीं।
Reaction of Calcium with Water (कैल्शियम की जल के साथ अभिक्रिया)
कैल्शियम की जल के साथ होने वाली अभिक्रिया कम तीव्र होती है। इस अभिक्रिया में उत्पन्न ऊष्मा इतनी पर्याप्त नहीं होती कि हाइड्रोजन गैस में आग लग जाए।
इस अभिक्रिया में कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनती है। उत्पन्न हाइड्रोजन गैस के बुलबुले कैल्शियम धातु की सतह से चिपक जाते हैं, जिसके कारण कैल्शियम जल की सतह पर तैरने लगता है।
Reaction of Metals with Hot Water (धातुओं की गर्म जल के साथ अभिक्रिया)
मैग्नीशियम ठंडे जल के साथ सामान्यतः अभिक्रिया नहीं करता। यह केवल गर्म जल के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाता है।
बनने वाली हाइड्रोजन गैस के बुलबुले मैग्नीशियम की सतह से चिपक जाते हैं, जिसके कारण मैग्नीशियम भी जल की सतह पर तैरने लगता है।
Reaction of Metals with Steam (धातुओं की भाप के साथ अभिक्रिया)
एलुमिनियम, लोहा तथा जस्ता जैसी धातुएँ न तो ठंडे जल और न ही गर्म जल के साथ अभिक्रिया करती हैं। लेकिन ये भाप (Steam) के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
इस प्रकार भाप के साथ अभिक्रिया करने पर धातु ऑक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस प्राप्त होती है।
Some Metals do not React with Water (कुछ धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं)
कुछ धातुएँ सामान्य परिस्थितियों में जल के साथ बिल्कुल भी अभिक्रिया नहीं करतीं। इन धातुओं की अभिक्रियाशीलता बहुत कम होती है।
- सीसा (Lead - Pb)
- ताँबा (Copper - Cu)
- चाँदी (Silver - Ag)
- सोना (Gold - Au)
ये धातुएँ जल के साथ किसी प्रकार की रासायनिक अभिक्रिया नहीं करतीं, इसलिए इनसे हाइड्रोजन गैस भी उत्पन्न नहीं होती।
Reaction of Metals with Acids (धातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया)
अधिकांश धातुएँ तनु अम्लों (Dilute Acids) के साथ अभिक्रिया करके संबंधित लवण (Salt) तथा हाइड्रोजन गैस (Hydrogen Gas) बनाती हैं। यह धातुओं का एक महत्वपूर्ण रासायनिक गुण है।
जब कोई अभिक्रियाशील धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) या तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) के साथ अभिक्रिया करती है, तब हाइड्रोजन गैस निकलती है तथा संबंधित धातु का लवण बनता है।
Nitric Acid (HNO3) – एक विशेष स्थिति
सामान्यतः जब कोई धातु नाइट्रिक अम्ल (HNO3) के साथ अभिक्रिया करती है, तब हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं होती।
इसका कारण यह है कि नाइट्रिक अम्ल (HNO3) एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक (Strong Oxidising Agent) है। यह अभिक्रिया के दौरान बनने वाली हाइड्रोजन गैस का ऑक्सीकरण करके उसे जल (H2O) में परिवर्तित कर देता है तथा स्वयं नाइट्रोजन के ऑक्साइडों (N2O, NO तथा NO2) में अपचयित (Reduced) हो जाता है।
Aqua Regia (एक्वा रेजिया)
एक्वा रेजिया (Aqua Regia) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Concentrated Hydrochloric Acid) तथा सांद्र नाइट्रिक अम्ल (Concentrated Nitric Acid) का 3 : 1 अनुपात में ताज़ा तैयार किया गया मिश्रण होता है।
यह मिश्रण अत्यंत संक्षारक (Highly Corrosive) तथा धुआँ छोड़ने वाला (Fuming Liquid) होता है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सोने (Gold) तथा प्लैटिनम (Platinum) जैसी अत्यंत कम अभिक्रियाशील धातुओं को भी घोल सकता है।
जबकि सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सांद्र नाइट्रिक अम्ल अलग-अलग सोने को नहीं घोल सकते, लेकिन दोनों का ताज़ा मिश्रण अर्थात् एक्वा रेजिया सोने को आसानी से घोल देता है।
Reaction of Metals with Other Metal Salt Solutions (धातुओं की अन्य धातुओं के लवणों के साथ अभिक्रिया)
अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ (Highly Reactive Metals) कम अभिक्रियाशील धातुओं को उनके लवणों के जलीय विलयन (Salt Solution) अथवा द्रवित (Molten) यौगिकों से विस्थापित कर सकती हैं। इस प्रकार की अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) कहते हैं।
यदि धातु A, धातु B की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील है, तो वह धातु B को उसके लवण के विलयन से बाहर निकाल देती है। इसके विपरीत यदि धातु A कम अभिक्रियाशील है, तो कोई अभिक्रिया नहीं होती।
Example of Displacement Reaction (विस्थापन अभिक्रिया का उदाहरण)
इस अभिक्रिया में जस्ता (Zn), ताँबे (Cu) से अधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए जस्ता, कॉपर सल्फेट (CuSO4) के विलयन से ताँबे को विस्थापित कर देता है और जिंक सल्फेट (ZnSO4) बनता है।
इसी प्रकार लोहा (Fe) भी ताँबे से अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण कॉपर सल्फेट के विलयन से ताँबे को विस्थापित कर देता है।
Reactivity Series (अभिक्रियाशीलता श्रेणी)
धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता (Reactivity) के आधार पर एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। इस क्रम को अभिक्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series) कहते हैं। सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु सबसे ऊपर तथा सबसे कम अभिक्रियाशील धातु सबसे नीचे रखी जाती है।
| क्रम | धातु | रासायनिक संकेत |
|---|---|---|
| 1 | पोटैशियम | K |
| 2 | सोडियम | Na |
| 3 | कैल्शियम | Ca |
| 4 | मैग्नीशियम | Mg |
| 5 | एलुमिनियम | Al |
| 6 | जस्ता | Zn |
| 7 | लोहा | Fe |
| 8 | सीसा | Pb |
| 9 | हाइड्रोजन | H |
| 10 | ताँबा | Cu |
| 11 | पारा | Hg |
| 12 | चाँदी | Ag |
| 13 | सोना | Au |
Chemical Properties of Metals - Key Points (धातुओं के रासायनिक गुण - मुख्य बिंदु)
धातुओं की विभिन्न पदार्थों के साथ होने वाली अभिक्रियाएँ उनकी अभिक्रियाशीलता (Reactivity) पर निर्भर करती हैं। अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ जल, अम्ल तथा अन्य धातुओं के लवणों के साथ आसानी से अभिक्रिया करती हैं, जबकि कम अभिक्रियाशील धातुएँ सामान्य परिस्थितियों में अभिक्रिया नहीं करतीं।
Quick Revision (त्वरित पुनरावृत्ति)
- कैल्शियम जल के साथ कम तीव्रता से अभिक्रिया करके कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाता है।
- मैग्नीशियम ठंडे जल से अभिक्रिया नहीं करता, लेकिन गर्म जल के साथ अभिक्रिया करता है।
- एलुमिनियम, जस्ता तथा लोहा ठंडे या गर्म जल के साथ अभिक्रिया नहीं करते, लेकिन भाप के साथ अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाते हैं।
- सीसा, ताँबा, चाँदी तथा सोना जल के साथ अभिक्रिया नहीं करते।
- अधिकांश धातुएँ तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया करके लवण तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
- नाइट्रिक अम्ल (HNO3) सामान्यतः हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं होने देता क्योंकि यह एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक है।
- मैग्नीशियम तथा मैंगनीज़ अत्यंत तनु HNO3 के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं।
- एक्वा रेजिया सांद्र HCl तथा सांद्र HNO3 का 3 : 1 अनुपात वाला ताज़ा मिश्रण है।
- एक्वा रेजिया सोना तथा प्लैटिनम जैसी धातुओं को भी घोल सकता है।
- अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ कम अभिक्रियाशील धातुओं को उनके लवणों के विलयन से विस्थापित कर देती हैं।
- इस प्रकार की अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) कहते हैं।
- अभिक्रियाशीलता श्रेणी धातुओं को उनकी अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में प्रदर्शित करती है।
- पोटैशियम (K) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातुओं में से एक है।
- सोना (Au) तथा चाँदी (Ag) सबसे कम अभिक्रियाशील धातुओं में शामिल हैं।
Exam Tips (परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य)
K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
Chapter Summary (अध्याय सारांश)
धातुओं की रासायनिक अभिक्रियाएँ उनकी अभिक्रियाशीलता पर निर्भर करती हैं। विभिन्न धातुएँ जल, गर्म जल, भाप, अम्ल तथा अन्य धातुओं के लवणों के साथ अलग-अलग प्रकार से अभिक्रिया करती हैं। धातुओं की अभिक्रियाशीलता की तुलना अभिक्रियाशीलता श्रेणी द्वारा की जाती है। अधिक अभिक्रियाशील धातुएँ कम अभिक्रियाशील धातुओं को उनके यौगिकों से विस्थापित कर सकती हैं। एक्वा रेजिया सोना तथा प्लैटिनम जैसी कम अभिक्रियाशील धातुओं को भी घोलने में सक्षम होता है। इन सभी अभिक्रियाओं का अध्ययन धातुओं के रासायनिक गुणों को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।