Chapter Chapter 7. एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर Class 12 History Part-2 CBSE notes in hindi संक्षिप्त एवं सम्पूर्ण नोट्स - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 12 English Medium History Part-2 All Chapters:
Chapter 7. एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर
4. संक्षिप्त एवं सम्पूर्ण नोट्स
अध्याय 7 : एक साम्राज्य की राजधानी - विजयनगर
परिचय : दक्षिण भारत का विजयनगर साम्राज्य मध्यकालीन भारत का एक सशक्त और समृद्ध राज्य था, जिसने राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक समृद्धि और सांस्कृतिक उन्नति को एक साथ बढ़ावा दिया। इस साम्राज्य की राजधानी ‘विजयनगर’ (वर्तमान हम्पी, कर्नाटक) थी, जो स्थापत्य कला, व्यापार और भक्ति परंपरा का केंद्र रही।
1. स्थापना और उद्भव
- विजयनगर साम्राज्य की स्थापना सन् 1336 ई. में दो भाइयों हरिहर और बुक्का राय ने की थी।
- इन्होंने संगम वंश की नींव रखी।
- इस साम्राज्य का उदय बहमनी सल्तनत और अन्य दक्षिणी राज्यों की अस्थिरता के बीच हुआ।
- विजयनगर का अर्थ है – “विजय का नगर”।
2. स्रोत और जानकारी के प्रमुख साधन
- पुरातात्त्विक साक्ष्य: हम्पी के खंडहर, शिलालेख, मूर्तियाँ और मंदिर।
- यात्रावृत्तांत: विदेशी यात्रियों जैसे निकोलो दे कांटी, अब्दुर रज्जाक, डोमिंगो पेस और फर्नाओ नूनेज़ के विवरण।
- शिलालेख: मंदिरों की दीवारों, दान-पत्रों और प्रशासनिक आदेशों पर उत्कीर्ण।
3. विजयनगर की राजधानी – हम्पी
- तुङ्गभद्रा नदी के तट पर स्थित।
- चारों ओर पहाड़ों और नदियों से घिरा हुआ था, जो प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करते थे।
- यह शहर चार मुख्य भागों में बँटा था – राजमहल क्षेत्र, मंदिर क्षेत्र, बाजार क्षेत्र और आवासीय क्षेत्र।
4. स्थापत्य कला और निर्माण शैली
- द्रविड़ शैली की मंदिर वास्तुकला का उत्कर्ष।
- प्रमुख मंदिर – विट्ठलस्वामी मंदिर, हजारा राम मंदिर, विरुपाक्ष मंदिर।
- मंदिरों में गोपुरम (मुख्य द्वार) ऊँचे और आकर्षक होते थे।
- शहर में राजमहल, मंडप, बाजार, तालाब और हाथी अस्तबल जैसे स्थापत्य चमत्कार मौजूद थे।
5. प्रशासनिक व्यवस्था
- राजा सर्वश्रेष्ठ शासक होता था।
- साम्राज्य को कई नायकों (नायक व्यवस्था) में बाँटा गया था, जो सेना और कर संग्रह का कार्य करते थे।
- राजस्व का एक भाग मंदिरों और शिक्षा संस्थानों को दान किया जाता था।
6. सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन
- हिन्दू धर्म प्रमुख था पर अन्य धर्मों के प्रति सहिष्णुता थी।
- भक्ति आंदोलन के संतों जैसे विद्यारण्य का प्रभाव रहा।
- नृत्य, संगीत, चित्रकला और साहित्य का विशेष विकास हुआ।
- तेलुगु, कन्नड़, संस्कृत और तमिल भाषाओं में साहित्य रचा गया।
7. व्यापार और अर्थव्यवस्था
- विजयनगर एक समृद्ध व्यापारिक नगर था।
- यहाँ से मसाले, रेशम, हीरे, हाथी-दांत आदि का निर्यात होता था।
- विदेशी व्यापारी (अरब, पुर्तगाली) भी यहाँ व्यापार के लिए आते थे।
8. पतन और विनाश
- सन् 1565 ई. में तालिकोटा का युद्ध – विजयनगर और दक्कन सल्तनतों के बीच हुआ।
- इस युद्ध में विजयनगर की हार हुई और राजधानी को नष्ट कर दिया गया।
- राज्य धीरे-धीरे छोटे-छोटे प्रांतों में बँट गया।
9. महत्व और विरासत
- विजयनगर ने दक्षिण भारत में कला, धर्म, संगीत और स्थापत्य का एक स्वर्ण युग रचा।
- हम्पी आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।
- यह भारतीय सांस्कृतिक एकता, सहिष्णुता और रचनात्मकता का प्रतीक है।
संक्षेप में
विजयनगर साम्राज्य ने भारतीय संस्कृति को स्थिरता, कला और धर्म का समन्वय प्रदान किया। इसकी स्थापत्य और प्रशासनिक परंपरा आज भी भारतीय इतिहास में गौरव का प्रतीक है।