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Chapter गति पर बलों का प्रभाव Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi संतुलित, असंतुलित एवं परिणामी बल - CBSE Study

Chapter गति पर बलों का प्रभाव Science Exploration Class 9 cbse notes संतुलित, असंतुलित एवं परिणामी बल in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter गति पर बलों का प्रभाव Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi संतुलित, असंतुलित एवं परिणामी बल - CBSE Study

कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण गति पर बलों का प्रभाव को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक संतुलित, असंतुलित एवं परिणामी बल को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:

गति पर बलों का प्रभाव

3. संतुलित, असंतुलित एवं परिणामी बल

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अध्याय 6. गति पर बलों का प्रभाव

पिछले भाग में आपने बल की अवधारणा तथा उसके मापन के बारे में अध्ययन किया। अब हम समझेंगे कि जब किसी वस्तु पर एक या एक से अधिक बल कार्य करते हैं, तो उनकी दिशा और परिमाण के आधार पर वस्तु की गति कैसे प्रभावित होती है। इस भाग में संतुलित बल (Balanced Force), असंतुलित बल (Unbalanced Force) तथा परिणामी बल (Net Force) की अवधारणाओं का अध्ययन करेंगे।

संतुलित, असंतुलित एवं परिणामी बल

संतुलित बल (Balanced Force)

यदि किसी वस्तु पर समान परिमाण के दो या अधिक बल विपरीत दिशाओं में कार्य करें और उनका कुल प्रभाव शून्य हो जाए, तो ऐसे बल संतुलित बल (Balanced Force) कहलाते हैं। संतुलित बल वस्तु की गति में कोई परिवर्तन नहीं करते। यदि वस्तु विरामावस्था में है तो वह विराम में रहती है और यदि वह एकसमान वेग से चल रही है तो उसी वेग से चलती रहती है।

  • परिणामी बल (Net Force) शून्य होता है।
  • वस्तु की गति या दिशा में परिवर्तन नहीं होता।
  • रस्साकशी में दोनों टीमों द्वारा समान बल लगाने पर रस्सी स्थिर रहती है।
  • संतुलित बल एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं।

असंतुलित बल (Unbalanced Force)

जब किसी वस्तु पर लगने वाले बलों का परिमाण समान न हो या उनकी दिशा के कारण उनका कुल प्रभाव शून्य न हो, तब वे असंतुलित बल (Unbalanced Force) कहलाते हैं। ऐसे बल वस्तु की गति, दिशा या वेग में परिवर्तन कर सकते हैं। 

  • परिणामी बल शून्य नहीं होता।
  • स्थिर वस्तु को गति मिल सकती है।
  • गतिमान वस्तु की चाल बढ़ या घट सकती है।
  • वस्तु की गति की दिशा बदल सकती है।

परिणामी बल (Net Force)

किसी वस्तु पर कार्य करने वाले सभी बलों का संयुक्त प्रभाव परिणामी बल (Net Force) कहलाता है। यदि बल विपरीत दिशा में हों, तो परिणामी बल उनके परिमाणों के अंतर के बराबर होता है और उसकी दिशा अधिक परिमाण वाले बल की दिशा में होती है।

स्थिति परिणाम
दोनों बल समान एवं विपरीत दिशा में परिणामी बल = 0 (संतुलित बल)
दोनों बल असमान एवं विपरीत दिशा में परिणामी बल = दोनों बलों का अंतर
दोनों बल एक ही दिशा में परिणामी बल = दोनों बलों का योग

संतुलित एवं असंतुलित बल में अंतर

संतुलित बल असंतुलित बल
परिणामी बल शून्य होता है। परिणामी बल शून्य नहीं होता।
गति में परिवर्तन नहीं होता। गति में परिवर्तन होता है।
वस्तु विराम या नियत वेग बनाए रखती है। वस्तु का वेग या दिशा बदल सकती है।
बल एक-दूसरे को संतुलित करते हैं। एक बल का प्रभाव अधिक होता है।

दैनिक जीवन के उदाहरण

  • रस्साकशी में दोनों टीमों द्वारा समान बल लगाने पर रस्सी नहीं खिसकती।
  • यदि एक टीम अधिक बल लगाए, तो रस्सी उसी दिशा में खिसकती है।
  • चलती हुई ट्रॉली को अधिक बल से धक्का देने पर उसकी चाल बढ़ जाती है।
  • फुटबॉल को किक मारने पर उसकी दिशा और वेग बदल जाते हैं।

Our Concept Builder

मान लीजिए किसी डिब्बे पर दाईं ओर 20 N तथा बाईं ओर 20 N का बल लगाया जाता है। दोनों बल समान होने के कारण परिणामी बल शून्य होगा और डिब्बा अपनी अवस्था नहीं बदलेगा। यदि दाईं ओर का बल 30 N तथा बाईं ओर का बल 20 N हो जाए, तो परिणामी बल 10 N दाईं ओर होगा और डिब्बा दाईं दिशा में गति करने लगेगा।

Exam Booster

  • संतुलित बलों का परिणामी बल सदैव शून्य होता है।
  • असंतुलित बल ही वस्तु की गति में परिवर्तन करते हैं।
  • परिणामी बल सभी बलों के संयुक्त प्रभाव को दर्शाता है।
  • रस्साकशी संतुलित एवं असंतुलित बल का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है।
  • CBSE परीक्षा में संतुलित एवं असंतुलित बल का अंतर अक्सर पूछा जाता है।
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