Chapter कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi कोशिका विभाजन - CBSE Study
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CBSE NOTES:
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कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
7. कोशिका विभाजन
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
जीवों की वृद्धि, विकास, ऊतकों की मरम्मत तथा जनन जैसी महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रियाएँ नई कोशिकाओं के निर्माण पर निर्भर करती हैं। नई कोशिकाएँ कोशिका विभाजन (Cell Division) द्वारा बनती हैं। कोशिका विभाजन एक नियंत्रित प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से एक कोशिका विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। इस भाग में हम कोशिका विभाजन के प्रकार तथा उनके महत्व का अध्ययन करेंगे।
कोशिका विभाजन एवं उसका महत्व
कोशिका विभाजन (Cell Division)
कोशिका विभाजन (Cell Division) वह जैविक प्रक्रिया है, जिसमें एक जनक कोशिका (Parent Cell) विभाजित होकर नई पुत्री कोशिकाओं (Daughter Cells) का निर्माण करती है। यह प्रक्रिया जीवों की वृद्धि, क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत तथा जनन के लिए आवश्यक होती है।
- नई कोशिकाओं का निर्माण करती है।
- शरीर की वृद्धि में सहायता करती है।
- क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करती है।
- अनेक जीवों में जनन का माध्यम होती है।
- वंशानुगत गुणों को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने में सहायता करती है।
कोशिका विभाजन का महत्व
| कार्य | महत्व |
|---|---|
| वृद्धि (Growth) | नई कोशिकाओं के निर्माण से जीव का आकार बढ़ता है। |
| मरम्मत (Repair) | क्षतिग्रस्त या मृत कोशिकाओं का स्थान नई कोशिकाएँ लेती हैं। |
| जनन (Reproduction) | नए जीवों के निर्माण में सहायता मिलती है। |
| वंशानुगति (Heredity) | आनुवंशिक गुण अगली पीढ़ी तक पहुँचते हैं। |
समसूत्री विभाजन (Mitosis)
समसूत्री विभाजन (Mitosis) वह कोशिका विभाजन है, जिसमें एक जनक कोशिका से दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। इन दोनों कोशिकाओं में गुणसूत्रों (Chromosomes) की संख्या जनक कोशिका के समान रहती है। यह विभाजन शरीर की वृद्धि तथा ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक होता है।
- दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।
- गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है।
- वृद्धि एवं ऊतकों की मरम्मत में सहायक होता है।
- अधिकांश शरीर कोशिकाओं (Body Cells) में होता है।
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis)
अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) वह कोशिका विभाजन है, जिसमें जनन कोशिकाओं (Sex Cells) का निर्माण होता है। इस विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है, जिससे निषेचन (Fertilization) के बाद संतानों में गुणसूत्रों की सामान्य संख्या बनी रहती है।
- जनन कोशिकाओं का निर्माण करता है।
- गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
- वंशानुगत विविधता (Genetic Variation) उत्पन्न करने में सहायक होता है।
- केवल जनन अंगों (Reproductive Organs) में होता है।
| समसूत्री विभाजन (Mitosis) | अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) |
|---|---|
| दो पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। | चार पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं। |
| गुणसूत्रों की संख्या समान रहती है। | गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है। |
| वृद्धि एवं मरम्मत के लिए होता है। | जनन कोशिकाओं के निर्माण के लिए होता है। |
| शरीर कोशिकाओं में होता है। | जनन कोशिकाओं में होता है। |
कोशिका विभाजन का दैनिक जीवन में महत्व
- बच्चों की लंबाई और वजन बढ़ने का कारण नई कोशिकाओं का निर्माण है।
- घाव भरने पर नई कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त ऊतकों का स्थान लेती हैं।
- पौधों की नई शाखाएँ, पत्तियाँ और जड़ें कोशिका विभाजन के कारण विकसित होती हैं।
- जनन के माध्यम से जीवों की नई पीढ़ी का निर्माण होता है।
Our Concept Builder
यदि किसी भवन की पुरानी ईंटें टूट जाएँ, तो उनकी जगह नई ईंटें लगाई जाती हैं। इसी प्रकार हमारे शरीर में पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं के स्थान पर नई कोशिकाएँ बनती रहती हैं। यह कार्य कोशिका विभाजन (Cell Division) द्वारा होता है, जिससे शरीर स्वस्थ एवं सक्रिय बना रहता है।
Exam Booster
- कोशिका विभाजन (Cell Division) वृद्धि, मरम्मत एवं जनन के लिए आवश्यक है।
- समसूत्री विभाजन (Mitosis) में दो समान पुत्री कोशिकाएँ बनती हैं।
- अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis) में गुणसूत्रों की संख्या आधी हो जाती है।
- Mitosis शरीर कोशिकाओं में तथा Meiosis जनन कोशिकाओं में होता है।
- Mitosis और Meiosis में अंतर परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- कोशिका विभाजन वंशानुगत गुणों के स्थानांतरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।