Chapter कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi कोशिका की खोज एवं जीवन की मूल इकाई - CBSE Study
कक्षा 9 Science Exploration के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक कोशिका की खोज एवं जीवन की मूल इकाई को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Exploration में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।
CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई
2. कोशिका की खोज एवं जीवन की मूल इकाई
अध्याय 2. कोशिका: जीवन की निर्माण इकाई (Cell: The Building Block of Life)
पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीव—चाहे वे सूक्ष्म जीवाणु (Bacteria) हों, पौधे हों या मनुष्य—कोशिकाओं (Cells) से मिलकर बने होते हैं। कोशिका जीवन की सबसे छोटी जीवित इकाई है, जो जीवों की संरचना बनाने के साथ-साथ उनके सभी आवश्यक कार्य भी करती है। इस भाग में हम कोशिका की खोज, कोशिका सिद्धांत (Cell Theory), एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीवों तथा जीवों के संगठन के स्तरों का अध्ययन करेंगे।
कोशिका की खोज एवं जीवन की मूल इकाई
कोशिका (Cell) क्या है?
कोशिका (Cell) सभी जीवित प्राणियों की सबसे छोटी संरचनात्मक (Structural) एवं क्रियात्मक (Functional) इकाई है। प्रत्येक जीव का शरीर एक या अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। कोशिकाएँ ही भोजन ग्रहण करती हैं, ऊर्जा उत्पन्न करती हैं, वृद्धि करती हैं, विभाजित होती हैं तथा जीवन की सभी आवश्यक क्रियाएँ संपन्न करती हैं। इसलिए कोशिका को जीवन का निर्माण खंड (Building Block of Life) कहा जाता है।
- कोशिका सभी जीवों की मूल इकाई है।
- जीवन की प्रत्येक जैविक क्रिया कोशिका के भीतर होती है।
- नई कोशिकाएँ पहले से उपस्थित कोशिकाओं से बनती हैं।
- जीव का आकार चाहे छोटा हो या बड़ा, उसका निर्माण कोशिकाओं से ही होता है।
कोशिका की खोज (Discovery of Cell)
सन् 1665 में अंग्रेज़ वैज्ञानिक रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने स्वयं निर्मित सूक्ष्मदर्शी (Microscope) की सहायता से कॉर्क (Cork) के पतले टुकड़े का अध्ययन किया। उन्होंने उसमें अनेक छोटे-छोटे खाने (Compartments) देखे, जिन्हें उन्होंने Cell नाम दिया। बाद में वैज्ञानिकों ने जीवित कोशिकाओं का अध्ययन किया और पाया कि कोशिका ही जीवन की मूल इकाई है।
| वैज्ञानिक | योगदान |
|---|---|
| रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) | 1665 में पहली बार कॉर्क में कोशिकाओं का अवलोकन किया। |
| एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक (Antonie van Leeuwenhoek) | सबसे पहले जीवित कोशिकाओं एवं सूक्ष्मजीवों का अवलोकन किया। |
| श्लाइडेन (Schleiden) | बताया कि सभी पौधे कोशिकाओं से बने होते हैं। |
| श्वान (Schwann) | बताया कि सभी जंतु भी कोशिकाओं से बने होते हैं। |
| रुडोल्फ विरखो (Rudolf Virchow) | नई कोशिकाएँ केवल पहले से उपस्थित कोशिकाओं से बनती हैं। |
कोशिका सिद्धांत (Cell Theory)
अनेक वैज्ञानिकों के शोध के आधार पर कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) विकसित किया गया। यह सिद्धांत जीवों की संरचना और जीवन प्रक्रियाओं को समझने का आधार है।
- सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं।
- कोशिका जीवन की मूल संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
- नई कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं से बनती हैं।
एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीव
कुछ जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं, जबकि कुछ जीवों का शरीर लाखों-करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। कोशिकाओं की संख्या के आधार पर जीवों को दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है।
| एककोशिकीय जीव (Unicellular Organisms) | बहुकोशिकीय जीव (Multicellular Organisms) |
|---|---|
| केवल एक कोशिका से बने होते हैं। | अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं। |
| एक ही कोशिका सभी जीवन क्रियाएँ करती है। | विभिन्न कोशिकाएँ अलग-अलग कार्य करती हैं। |
| उदाहरण – अमीबा (Amoeba), पैरामीशियम (Paramecium) | उदाहरण – मनुष्य, आम का पेड़, कुत्ता |
जीवों में संगठन के स्तर (Levels of Organisation)
बहुकोशिकीय जीवों में समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissue) बनाती हैं। अनेक ऊतक मिलकर अंग (Organ), अनेक अंग मिलकर अंग तंत्र (Organ System) तथा सभी अंग तंत्र मिलकर एक पूर्ण जीव (Organism) का निर्माण करते हैं। यही जीवों के शरीर की संगठनात्मक व्यवस्था कहलाती है।
| संगठन का स्तर | उदाहरण |
|---|---|
| कोशिका (Cell) | पेशी कोशिका (Muscle Cell) |
| ऊतक (Tissue) | पेशी ऊतक (Muscle Tissue) |
| अंग (Organ) | हृदय (Heart) |
| अंग तंत्र (Organ System) | परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) |
| जीव (Organism) | मनुष्य (Human) |
Our Concept Builder
जिस प्रकार एक भवन हजारों ईंटों से बनता है, उसी प्रकार जीवित शरीर लाखों-करोड़ों कोशिकाओं से मिलकर बनता है। यदि ईंट भवन की मूल इकाई है, तो कोशिका (Cell) जीवित शरीर की मूल इकाई है। इसी कारण कोशिका को जीवन का निर्माण खंड (Building Block of Life) कहा जाता है।
Exam Booster
- कोशिका (Cell) जीवन की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई है।
- 1665 में रॉबर्ट हुक (Robert Hooke) ने पहली बार कोशिका का अवलोकन किया।
- कोशिका सिद्धांत (Cell Theory) परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- एककोशिकीय एवं बहुकोशिकीय जीवों में अंतर अवश्य याद रखें।
- कोशिका → ऊतक → अंग → अंग तंत्र → जीव का क्रम महत्वपूर्ण है।