Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter Chapter 2. एक दल ले प्रभुत्व का दौर Class 12 Political Science-II CBSE notes in hindi भारतीय जनसंघ - CBSE Study

Chapter Chapter 2. एक दल ले प्रभुत्व का दौर Political Science-II Class 12 cbse notes भारतीय जनसंघ in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter Chapter 2. एक दल ले प्रभुत्व का दौर Class 12 Political Science-II CBSE notes in hindi भारतीय जनसंघ - CBSE Study

कक्षा 12 Political Science-II के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण Chapter 2. एक दल ले प्रभुत्व का दौर को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक भारतीय जनसंघ को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Political Science-II में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 12 English Medium Political Science-II All Chapters:

Chapter 2. एक दल ले प्रभुत्व का दौर

3. भारतीय जनसंघ

Page 3 of 3

कांग्रेस का गठबंधनी स्वाभाव : 

(i) कांग्रेस की गठ्बंधनी स्वाभाव ने उसे एक असाधारण ताकत दी है | 

(ii) किसी भी पार्टी का स्वाभाव गठ्बंधनी हो तो अंदरूनी मतभेदों को लेकर उसमें सहनशीलता भी ज्यादा होती है | ये ऐसा गुण कांग्रेस में था | 

(iii) कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान इन दोनों ही बातों पर अमल किया था | और आज़ादी मिलने के बाद भी इसे जरी रखा |

(iv) इसी कारण अगर कोई समूह पार्टी के अपने रुख से अथवा सत्ता में प्राप्त अपने हिस्से से नाखुश हो तो तब भी वह पार्टी में ही बना रहता था | 

(v) अपने गठ्बंधनी स्वाभाव के कारण कांग्रेस विभिन्न गुटों के प्रति सहनशील थी और इस स्वाभाव से विभिन्न गुटों को बढ़ावा मिला | 

भारतीय जनसंघ : 

(i) भारतीय जनसंघ का गठन 1951 में हुआ था | श्यामा प्रसाद मुखर्जी इसके संस्थापक-अध्यक्ष थे | इसकी जड़े आज़ादी से पहले राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ (RSS) और हिन्दू महासभा में खोजा जा सकता है |

(ii) जनसंघ अपनी विचारधारा और कार्यक्रमों के लिहाज से बाकी दलों से भिन्न थी | 

(iii) जनसंघ ने एक देश एक संस्कृति और एक राष्ट्र के विचार पर जोर दिया | इसका मानना था कि देश भारतीय संस्कृति और परंपरा के आधार पर आधुनिक, प्रगतिशील और ताकतवर बन सकता है | 

(iv) जनसंघ ने भारत और पाकिस्तान को एक करके अखंड भारत की बात कही | अंग्रेजी को हटाकर हिंदी को  राष्ट्रभाषा बनाने के आन्दोलन में यह पार्टी सबसे आगे थी | 

(v) चीन ने 1964 में अपना परमाणु परिक्षण किया तो जनसंघ ने भी भारत को अपने परमाणु हथियार तैयार करने की पैरोकारी की | 

(vi) यही जनसंघ कालांतर में चल कर भारतीय जनता पार्टी के रूप में उभरा है जिसके नेता पं० दीनदयाल उपाध्याय जी थे | 

विपक्षी दलों का उद्भव और लोकतंत्र में उनकी भूमिका : 

(i) भारत में बहुदलीय लोकतंत्र व्यवस्था है लेकिन यहाँ कई वर्षों तक एक ही दल का प्रभुत्व रहा | आज़ादी के समय भी बहुत से जिवंत विपक्षी पार्टियाँ थी जो स्वतंत्र रूप से चुनाव में भाग ले रही थी | 

(ii) इनमें से कई पार्टियाँ का अस्तित्व 1952 के आम चुनाव के पहले से भी था | इनकी भूमिका 60 और 70 के दशक में महत्वपूर्ण रही है | 

(iii) इन पार्टियों की मौजूदगी ने स्वास्थ्य लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया है जो लोकतंत्र के लिए जनता को जागरूक किया है | 

(iv) इन दलों की मौजूदगी ने हमरी शासन-व्यवस्था के लोकतान्त्रिक चरित्र को बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाई है | 

(v) विपक्षी दलों ने शासक-दल पर अंकुश रखा और बहुधा इन दलों के कारण कांग्रेस पार्टी के अन्दर शक्ति-संतुलन बदला और एक दल के प्रभुत्व को जोरदार चुनौती दी है | 

 

 

 

Page 3 of 3

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.