Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter Chapter 3. निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम Class 11 Business Study CBSE notes in hindi निजी क्षेत्र - CBSE Study

Chapter Chapter 3. निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम Business Study Class 11 cbse notes निजी क्षेत्र in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter Chapter 3. निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम Class 11 Business Study CBSE notes in hindi निजी क्षेत्र - CBSE Study

कक्षा 11 Business Study के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण Chapter 3. निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक निजी क्षेत्र को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Business Study में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 11 English Medium Business Study All Chapters:

Chapter 3. निजी, सार्वजनिक एवं भूमंडलीय उपक्रम

1. निजी क्षेत्र

Page 1 of 5

chapter-3 निजी, सार्वजानिक एवम भूमंडलीय उपक्रम        . 


निजी क्षेत्र : निजी क्षेत्र की स्थापना निजी स्वामित्व के रुप में होती हैं इस क्षेत्र के उपक्रमों को निजी कहने का अभिप्राय यह हैं की इन पर स्वामित्व पूर्णत निजी लोगो का होता हैं और किसी भी राज्य या केंद्रीय सरकार का स्वामित्व के दृष्टिकोण से कोई हस्तक्षेप नहीं होता | 

निजी क्षेत्र/उपक्रमों की विशेषताएँ : 

(1) लाभ उदेश्य - निजी क्षेत्र का मुख्य उदेश्य लाभ कमाना हैं 

(2) निजी स्वामित्व : इस क्षेत्र के उपक्रमों पर स्वामित्व पूर्णत :निजी लोगो का होता हैं और किसी भी राज्य या केंद्रीय सरकार का स्वामित्व के दृष्टिकोण से कोई हस्तक्षेप नहीं होता |

(3) निजी प्रबंध : इनका प्रबंध स्वयं व्यवसाय के स्वामियों द्वारा किया जाता हैं कम्पनी की दशा में अन्स्धारियों द्वारा मनोनीत संचालक मंडल व्यवसाय की देख रेख करता हैं 

(4) कम राजनितिक हस्तक्षेप : इस क्षेत्र में राजनितिक हस्तक्षेप प्राय: होता हैं |   

                सार्वजनिक क्षेत्र की बदलती भूमिका 

सार्वजनिक उपक्रम देश के आर्थिक विकास के आधार होते है लेकिन इनमे अनेक कमियां भी होती है देश के संतुलित आर्थिक विकास के लिये सार्वजनिक क्षेत्र पर निर्भरता को कम करने से कमियों को दूर किया जा सकता है इसलिए अधिकांश उपक्रम निजी क्षेत्रो को सोंप दिए गये कुछ उद्दोगो को आरक्षित कर लिया गया इस तरह सार्वजानिक क्षेत्र में बदलाव आया |

(1) आरक्षित उद्दोगों की संख्या में कमी : सन 1991 से पहले 17 ऐसे उद्दोग थे जिन्हें केवल सार्वजनिक क्षेत्र ही चला सकता था अब इनकी संख्या घटकर 3 रह गयी है जो इस प्रकार है: (a) परमाणु सकती (b) हथियार (c) रेल यातायात | 

(2) पेशेवर प्रबंध : सार्वजनिक उपक्रमों में प्रबंधकीय अकुशलता को समाप्त करने के लिय आई. ए. एस. अधिकारियों के स्थान पर पेशेवर प्रबंधकों की नियुक्ति की जाने लगी हैं |

(3) एम. ओ. यू. अवधारणा लागू करना : इस अवधारणा के अंतर्गत सरकार इस उपक्रम के लिय एक लक्ष्य निर्धारित करती हैं जिसे पूरा करने के लिय स्वतंत्रता भी प्रदान करती हैं यदि यह लक्ष्य पूरा नही होता तो इसके लिय उतरदायित्व केवल प्रबंधक ही होगा |

(4) सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण : इस समय सरकार निजीकरण पर विशष ध्यान दे रही हैं जो एक अहम कदम हैं इसलिय सरकार सार्वजनिक उपक्रमों का विनिवेश कर रही हैं जिसमें सरकार का केवल 26%या उससे कम की भागीदारी होती हैं सरकार ने कुछ सार्वजनिक उपक्रमों को निजी क्षेत्र में हस्तांतरित किया हैं जैसे: vsnl, mmtc आदि

(5) औद्धोगिक व वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड द्वारा पुनरुद्धार करना : सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की बीमार इकाईयों को पुनः जीवित करने के उद्देश्य से bifr की स्थापना की गयी | 

(6) नेशनल रिन्युवल फंड का प्रावधान : सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा हेतु सरकार द्वारा nrf की स्थापना की गयी हैं| इस फंड की स्थापना 1992 में की गई थी| इस फंड का उद्देश्य मुख्यतः उन कर्मचारियों की सहायता करना हैं जो या तो अतिरिक्त घोषित कर दिए गए हैं अथवा ऐच्छिक सेवानिवृति ले रहे हैं |

                    

Page 1 of 5

Topic Lists Page Wise:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.