3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय Class 9 History [LATEST] Solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर in Hindi - CBSE Study
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Class 9 English Medium History All Chapters:
3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय
3. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Class 9 History Chapter 3 – नात्सीवाद और हिटलर का उदय
Short Answered Questions
प्रश्न: वाइमर गणराज्य क्या था?
उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध के बाद 1919 में जर्मनी में स्थापित लोकतांत्रिक सरकार को वाइमर गणराज्य कहा जाता है।
प्रश्न: वर्साय संधि क्या थी?
उत्तर: 1919 में मित्र राष्ट्रों द्वारा जर्मनी पर थोपी गई संधि को वर्साय संधि कहा जाता है, जिसमें जर्मनी पर कठोर शर्तें और भारी क्षतिपूर्ति लगाई गई थी।
प्रश्न: हिटलर कौन था?
उत्तर: एडॉल्फ हिटलर जर्मनी का तानाशाह और नात्सी पार्टी का नेता था जिसने 1933 में सत्ता प्राप्त की।
प्रश्न: नात्सी पार्टी का पूरा नाम क्या था?
उत्तर: नात्सी पार्टी का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी था।
प्रश्न: नात्सीवाद से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: नात्सीवाद एक राजनीतिक विचारधारा थी जो तानाशाही, अत्यधिक राष्ट्रवाद और आर्य जाति की श्रेष्ठता पर आधारित थी।
प्रश्न: आर्य जाति से नात्सियों का क्या तात्पर्य था?
उत्तर: नात्सी विचारधारा के अनुसार आर्य जाति शुद्ध और श्रेष्ठ जर्मन नस्ल मानी जाती थी।
प्रश्न: यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) क्या था?
उत्तर: यहूदियों के प्रति घृणा और भेदभाव की नीति को यहूदी-विरोध कहा जाता है।
प्रश्न: हिटलर जर्मनी का चांसलर कब बना?
उत्तर: हिटलर 1933 में जर्मनी का चांसलर बना।
प्रश्न: गेस्टापो क्या था?
उत्तर: गेस्टापो नात्सी शासन की गुप्त पुलिस थी जो विरोधियों को पकड़ने और दमन करने का काम करती थी।
प्रश्न: हिटलर यूथ क्या था?
उत्तर: हिटलर यूथ नात्सी संगठन था जिसमें युवाओं को नात्सी विचारधारा के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता था।
प्रश्न: न्यूरेंबर्ग कानून क्या थे?
उत्तर: 1935 में बनाए गए न्यूरेंबर्ग कानूनों ने यहूदियों से नागरिक अधिकार छीन लिए और उनके साथ भेदभाव को कानूनी बना दिया।
प्रश्न: क्रिस्टलनाख्ट क्या था?
उत्तर: 1938 में यहूदियों के घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों पर किए गए हमलों की घटना को क्रिस्टलनाख्ट कहा जाता है।
प्रश्न: होलोकॉस्ट क्या था?
उत्तर: नात्सी शासन के दौरान लाखों यहूदियों के सामूहिक नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है।
प्रश्न: द्वितीय विश्व युद्ध कब शुरू हुआ?
उत्तर: 1939 में जर्मनी द्वारा पोलैंड पर आक्रमण करने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ।
प्रश्न: नात्सी शासन का अंत कब हुआ?
उत्तर: 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी की हार के साथ नात्सी शासन का अंत हो गया।
अध्याय 3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय
प्रश्न: लोकतंत्र को ध्वंस करने के लिए हिटलर तथा नात्सियों ने क्या कदम उठाए ?
उत्तर:
(i) 28 फ़रवरी, 1933 को अग्नि अध्यादेश (फायर डिक्री) के जरिए अभिव्यक्ति, प्रेस एवं सभा करने की आजादी जैसे अधिकारों को निलंबित कर दिया गया |
(ii) कम्युनिस्टों का बर्बरता पूर्वक दमन किया गया उनकी हत्याएँ करवाई गयी |
(iii) सभी राजनैतिक विरोधियों और गैर-नात्सियों की हत्याएँ की गयी या उन्हें यातना गृह भेज दिया जाता था |
(iv) नात्सी पार्टी तथा उसके संगठनों के अतिरिक्त सभी पार्टियों पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया |
(v) समाज पर निगरानी और नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी और सुरक्षा दस्ते गठित किये गए |
प्रश्न: जर्मनी में आए 1923 के आर्थिक संकट पर टिप्पणी लिखिए |
उत्तर:
(i) प्रथम विश्व युद्ध कर्ज लेकर लड़ा गया |
(ii) जर्मनी को हर्जाना भी स्वर्ण मुद्रा में देना पड़ा |
(iii) बड़ी मात्रा में कागजी मुद्रा छापने से जर्मनी में अति मुद्रास्फीति आ गई | वहाँ की मुद्रा मार्क की कीमत गिर गई |
(iv) महंगाई बहुत बढ़ गई | इस आर्थिक संकट से उबरने के लिए उसे अमेरिका से शर्तों पर आर्थिक सहायता लेनी पड़ी |
(v) जर्मनी का कर्ज और हर्जाना न चुकाए जाने पर फ्रांसिसियों ने जर्मनी के प्रमुख औद्योगिक इलाके पर कब्जा कर लिया और उसके कोयले के भंडार क्षेत्र पर भी कब्जा कर लिया |
प्रश्न: जर्मनी में वाईमर गणराज्य की स्थापना के क्या कारण थे ? वाईमर गणराज्य की विशेषताओं का वर्णन कीजिए |
उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की पराजय और सम्राट के त्यागपत्र के पश्चात् वहाँ की संसदीय पार्टियों ने एक नई राजनितिक व्यवस्था की स्थापना की यही वाईमर गणराज्य था |
(i) यह एक संघीय और लोकतांत्रिक गणराज्य था जिसका एक लोकतान्त्रिक संविधान भी था |
(ii) इसमें प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए औरत सहित सभी व्यस्क नागरिकों को समान और सार्वभौमिक मताधिकार प्राप्त था |
(iii) इसमें अनुपातिक चुनाव प्रणाली की व्यवस्था थी |
(iv) धारा 48 के अंतर्गत राष्ट्रपति को आपातकाल लागु करने, नागरिक अधिकार रद्द करने और अध्यादेश जारी करने का अधिकार था |
प्रश्न: नात्सी जर्मनी में बच्चों और युवाओं के प्रति अपनाई गई निति का वर्णन कीजिए |
उत्तर:
(i) बच्चों के लिए नात्सी विचारधारा की जानकारी आवश्यक थी | उन्हें कठोर अनुशासन में रख कर इसकी शिक्षा दी जाती थी |
(ii) अवांछित बच्चों को स्कुल से निकाल दिया गया |
(iii) जो बच्चे नात्सी टेस्ट में पास हो जाते थे उन्हें पाला जाता था और जो अवांछित थे उन्हें अनाथालय में डाल दिया जाता था |
(iv) नात्सी शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम तैयार किया गया और उन्हें उसी पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती थी | उन्हें यहूदियों से नफ़रत और हिटलर की पूजा करने को कहा जाता था |
(iv) खेलकूद के जरिए भी युवाओं में हिंसा और आक्रामकता की भावना पैदा की जाति थी |
(v) जर्मन बच्चों और युवाओं को राष्ट्रिय समाजवाद की भावना से लैस करने की जिम्मेदारी युवा संगठनों को सौपी गई थी | इसके बाद उन्हें सेना में काम करना पड़ता था और किसी नात्सी संगठन की सदस्यता लेनी पड़ती थी |
प्रश्न: नात्सियों द्वारा यहूदियों के साथ कैसा बर्ताव किया गया ?
उत्तर: नात्सियों द्वारा यहूदियों के साथ किया गया बर्ताव इंसानियत की हद से भी कही बुरा और बर्बरता पूर्ण था | यहूदियों पर जुल्म की दास्तान कई चरणों में था जो निम्न है |
(i) पहले तो यहूदियों को जर्मनी की नागरिकता से बेदखल किया गया | फिर उनसे कहा गया की उन्हें जर्मनों की बीच रहने का कोई अधिकार नहीं है | कई क़ानूनी उपाय कर उन्हें सरकारी सेवाओं से निकाला गया | उनके व्यवसाय का बहिष्कार हुआ और उनकी सम्पति जब्त कर बिक्री कर दी गई | उनके सम्पतियों को लुटा गया और उनके घर जला दिए गए |
(ii) सितम्बर 1941 यहूदियों को हुक्म दिया गया कि वह डेविड का पीला सितारा अपने छाती पर लगा कर रखेंगे | उनके पासपोर्ट, तमाम क़ानूनी दस्तावेजों और घरों के बाहर भी यह पहचान चिन्ह छुपा दिया गया | उन्हें घेटो बस्तियों में कष्टपूर्ण और दरिद्रता की स्थिति में रखा जाता था |
(iii) समूचे यूरोप के यहूदी मकानों, यातना गृहों और घेटों बस्तियों में रहने वाले यहूदियों को मालगाड़ियों में भार-भार कर मौत के कारखानों में लाया जाने लगा | उनगे गैस चैम्बरों में झोंक दिया जाता था |
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