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3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय Class 9 History [LATEST] Solutions मुख्य बिंदु in Hindi - CBSE Study

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3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय Class 9 History [LATEST] Solutions मुख्य बिंदु in Hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 9 History are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each मुख्य बिंदु is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 9 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in History.

Class 9 English Medium History All Chapters:

3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय

1. मुख्य बिंदु

​Class 9 History – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

मुख्य बिंदु:- 


  • 30 जनवरी 1933 को जर्मनी के राष्ट्रपति हिंडनबर्ग राष्ट्रपति ने हिटलर को चांसलर का पद-भार संभालने का न्योता दिया | 

  • हिटलर की नस्ली सोच चार्ल्स डार्विन और हर्बर्ट स्पेंसर के सिद्धांतों की मनमानी व्याख्या पर आधारित थी|

  • नात्सियों का विचार था कि जो नस्ल सबसे ताकतवर हैं वह जिन्दा रहेंगी, कमजोर नसले खत्म हो जाएगी|

  • आर्य नस्ल सर्वश्रेष्ठ हैं| उसे अपनी शुद्धता बनाए रखनी हैं, ताकत हासिल करनी हैं और दुनिया पर वर्चस्व कायम करना हैं| 

  • यहूदियों के प्रति हिटलर की घृणा नस्ल के छदम वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित थी|

  • 30 जनवरी 1933 को जर्मनी के राष्ट्रपति हिंडनबर्ग ने राष्ट्रपति ने हिटलर को चांसलर का पद-भार संभालने का न्योता दिया |

  • द्वितीय विश्व युद्ध में सोवियत संघ पर हमला करना हिटलर की ऐतिहासिक बेवकूफी मानी जाती है|

  • द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ जर्मनी, इटली और जापान ने दिया  | इन्हें धूरी राष्ट्र कहा जाता है | 

  •  फ्रांस, इंग्लैंड और रूस को मित्र राष्ट्र कहा जाता है | 

  • वाइमर गणराज्य के समर्थकों को 'नवम्बर का अपराधी' कहकर बुलाया जाता था | 

  • जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर पर अमेरिका के बम गिराने के साथ द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हो गया |

  • महात्मा गाँधी ने पत्र के माध्यम से एल्डोफ़ हिटलर को नसीहत दी कि "हमें अहिंसा के रूप में एक ऐसी शक्ति प्राप्त हो गई है जिसे यदि संगठित कर लिया जाय तो वह संसार भर की प्रबलतम हिंसात्मक शक्तियों के गठजोड़ का मुकाबला कर सकतीं हैं | 

Class 9 History – नात्सीवाद और हिटलर का उदय

50 Quick Revision Points (One Line)

  1. प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की स्थिति बहुत खराब हो गई थी।

  2. 1919 की वर्साय संधि (Treaty of Versailles) ने जर्मनी को कमजोर कर दिया।

  3. इस संधि के कारण जर्मनी को भारी युद्ध क्षतिपूर्ति देनी पड़ी।

  4. जर्मनी की सेना को बहुत सीमित कर दिया गया।

  5. जर्मनी के कई क्षेत्रों को उससे छीन लिया गया।

  6. युद्ध के बाद जर्मनी में वाइमर गणराज्य की स्थापना हुई।

  7. वाइमर गणराज्य को शुरू से ही कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

  8. जर्मनी में आर्थिक संकट और बेरोजगारी बढ़ गई।

  9. 1923 में जर्मनी में भयंकर मुद्रास्फीति (Hyperinflation) हुई।

  10. लोगों की बचत और संपत्ति का मूल्य गिर गया।

  11. इस समय जर्मनी में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही थी।

  12. इसी परिस्थिति में एडॉल्फ हिटलर का उदय हुआ।

  13. हिटलर नात्सी पार्टी (Nazi Party) का नेता था।

  14. नात्सी पार्टी का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी था।

  15. हिटलर एक प्रभावशाली वक्ता था।

  16. उसने लोगों को राष्ट्रवाद और गर्व की भावना से प्रेरित किया।

  17. नात्सी विचारधारा अत्यधिक राष्ट्रवाद और तानाशाही पर आधारित थी।

  18. नात्सी लोग आर्य जाति को श्रेष्ठ मानते थे।

  19. वे यहूदियों को जर्मनी की समस्याओं के लिए जिम्मेदार मानते थे।

  20. यहूदियों के खिलाफ घृणा को यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) कहा जाता है।

  21. 1933 में हिटलर जर्मनी का चांसलर बना।

  22. सत्ता में आने के बाद उसने लोकतांत्रिक व्यवस्था समाप्त कर दी।

  23. जर्मनी में तानाशाही शासन स्थापित हो गया।

  24. हिटलर ने सभी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया।

  25. नात्सी पार्टी ही एकमात्र राजनीतिक दल बन गई।

  26. हिटलर ने अपनी नीतियों को लागू करने के लिए गेस्टापो (गुप्त पुलिस) का उपयोग किया।

  27. विरोध करने वालों को गिरफ्तार कर कंसन्ट्रेशन कैंप में भेज दिया जाता था।

  28. नात्सी शासन ने प्रचार का व्यापक उपयोग किया।

  29. जोसेफ गोएबल्स नात्सी प्रचार मंत्री था।

  30. शिक्षा और मीडिया पर भी नात्सियों का नियंत्रण था।

  31. बच्चों और युवाओं को नात्सी विचारधारा सिखाई जाती थी।

  32. हिटलर यूथ संगठन के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित किया जाता था।

  33. नात्सी विचारधारा में महिलाओं की भूमिका घर तक सीमित मानी जाती थी।

  34. महिलाओं को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था।

  35. शुद्ध आर्य नस्ल को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई।

  36. यहूदियों के अधिकार धीरे-धीरे छीन लिए गए।

  37. 1935 में न्यूरेंबर्ग कानून लागू किए गए।

  38. इन कानूनों के तहत यहूदियों की नागरिकता छीन ली गई।

  39. 1938 में क्रिस्टलनाख्ट (टूटे कांच की रात) की घटना हुई।

  40. इसमें यहूदियों के घरों और दुकानों को नष्ट कर दिया गया।

  41. हजारों यहूदियों को गिरफ्तार किया गया।

  42. नात्सी शासन ने लाखों यहूदियों का नरसंहार किया।

  43. इस नरसंहार को होलोकॉस्ट कहा जाता है।

  44. नात्सी विस्तारवादी नीति के कारण यूरोप में तनाव बढ़ गया।

  45. 1939 में जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण किया।

  46. इसके साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया।

  47. युद्ध में जर्मनी को अंततः हार का सामना करना पड़ा।

  48. 1945 में हिटलर ने आत्महत्या कर ली।

  49. नात्सी शासन का अंत हो गया।

  50. नात्सीवाद मानव इतिहास का एक अत्यंत क्रूर और विनाशकारी अध्याय माना जाता है।

Class 9 History – Chapter 3: नात्सीवाद और हिटलर का उदय

25 Quick Revision Points (One-Line Sentences)

  1. प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी।

  2. 1919 की वर्साय संधि ने जर्मनी को भारी क्षतिपूर्ति और अपमानजनक शर्तें स्वीकार करने के लिए मजबूर किया।

  3. युद्ध के बाद जर्मनी में वाइमर गणराज्य की स्थापना हुई।

  4. वाइमर गणराज्य को आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ा।

  5. 1923 में जर्मनी में भयंकर मुद्रास्फीति (Hyperinflation) हुई।

  6. 1929 की महामंदी (Great Depression) ने जर्मनी की स्थिति और खराब कर दी।

  7. बेरोजगारी और गरीबी बढ़ने से जनता सरकार से असंतुष्ट हो गई।

  8. इसी समय एडॉल्फ हिटलर और नात्सी पार्टी का प्रभाव बढ़ने लगा।

  9. हिटलर एक प्रभावशाली वक्ता था और उसने राष्ट्रवाद का प्रचार किया।

  10. नात्सी पार्टी का पूरा नाम नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी था।

  11. नात्सी विचारधारा में आर्य जाति को सर्वोच्च माना गया।

  12. हिटलर यहूदियों को जर्मनी की समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराता था।

  13. यहूदियों के प्रति घृणा को यहूदी-विरोध (Anti-Semitism) कहा जाता है।

  14. 1933 में हिटलर जर्मनी का चांसलर बना।

  15. सत्ता में आने के बाद उसने लोकतंत्र को समाप्त कर तानाशाही स्थापित की।

  16. सभी राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध लगा दिया गया और केवल नात्सी पार्टी को अनुमति थी।

  17. विरोधियों को दबाने के लिए गेस्टापो (गुप्त पुलिस) का उपयोग किया गया।

  18. नात्सी सरकार ने शिक्षा, मीडिया और प्रचार पर नियंत्रण स्थापित किया।

  19. बच्चों और युवाओं को नात्सी विचारधारा सिखाने के लिए हिटलर यूथ संगठन बनाया गया।

  20. महिलाओं की भूमिका को घर और परिवार तक सीमित माना गया।

  21. 1935 में न्यूरेंबर्ग कानून लागू कर यहूदियों के अधिकार छीन लिए गए।

  22. 1938 में क्रिस्टलनाख्ट की घटना में यहूदियों की संपत्ति नष्ट कर दी गई।

  23. नात्सी शासन ने लाखों यहूदियों का नरसंहार किया जिसे होलोकॉस्ट कहा जाता है।

  24. जर्मनी की विस्तारवादी नीति के कारण 1939 में द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हुआ।

  25. 1945 में जर्मनी की हार के साथ नात्सी शासन का अंत हो गया।

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