4. नवारंभ:नगर एवं राज्य Class 7 Social Science Part-1 [LATEST] Solutions NCERT Questions With Answers in Hindi - CBSE Study
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Class 7 English Medium Social Science Part-1 All Chapters:
4. नवारंभ:नगर एवं राज्य
1. NCERT Questions With Answers
NCERT Solutions — नवारंभ : नगर एवं राज्य
प्रश्न एवं क्रियाकलाप
प्रश्न 1. अध्याय के आरंभ में दिए गए उद्धरण पर विचार करें और समूह में चर्चा करें। अपने निरीक्षणों तथा निष्कर्षों की तुलना करें कि कौटिल्य ने एक राज्य के लिए क्या अनुशंसा की थी? क्या यह आज की परिस्थिति से भिन्न है?
उत्तर: कौटिल्य ने राज्य को संगठित, सुरक्षित और समृद्ध बनाने पर बल दिया था। उन्होंने एक शक्तिशाली प्रशासन, न्याय व्यवस्था, कर व्यवस्था और सेना की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार राजा को जनता के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए।
आज भी सरकारें नागरिकों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और विकास के लिए कार्य करती हैं। आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासक जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि प्राचीन समय में राजा शासन करते थे। इसलिए कुछ बातें समान हैं, लेकिन शासन व्यवस्था में काफी परिवर्तन हुआ है।
प्रश्न 2. पाठ के अनुसार प्रारंभिक वैदिक समाज में शासकों का चयन कैसे किया जाता था?
उत्तर: प्रारंभिक वैदिक समाज में शासकों का चयन सभा और समिति जैसे जनसमूहों द्वारा किया जाता था। राजा को लोगों की स्वीकृति प्राप्त करनी पड़ती थी। वह समाज की रक्षा और प्रशासन का कार्य करता था।
प्रश्न 3. कल्पना कीजिए कि आप प्राचीन भारत के इतिहास का अध्ययन करने वाले एक इतिहासकार हैं। महाजनपदों के विषय में अधिक जानकारी हेतु आप कौन-कौन से स्रोतों (पुरातात्त्विक, साहित्यिक इत्यादि) का उपयोग करेंगे? प्रत्येक स्रोत से आपको क्या जानकारी प्राप्त हो सकती है, वर्णन करें।
उत्तर: महाजनपदों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित स्रोतों का उपयोग किया जा सकता है —
- पुरातात्त्विक स्रोत: खुदाई में प्राप्त नगरों के अवशेष, मिट्टी के बर्तन, सिक्के और औजारों से उस समय की जीवनशैली, व्यापार और तकनीक की जानकारी मिलती है।
- साहित्यिक स्रोत: बौद्ध और जैन ग्रंथों, वेदों तथा महाकाव्यों से महाजनपदों की राजनीति, समाज और संस्कृति की जानकारी प्राप्त होती है।
- शिलालेख और अभिलेख: इनसे प्रशासन, कर व्यवस्था और शासकों के बारे में जानकारी मिलती है।
- विदेशी यात्रियों के विवरण: विदेशी यात्रियों द्वारा लिखे गए विवरणों से व्यापार, नगरों और समाज की जानकारी प्राप्त होती है।
प्रश्न 4. प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पूर्व में नगरीकरण हेतु लौह धातु-विज्ञान का विकास इतना महत्वपूर्ण क्यों था? उत्तर देने हेतु आप पाठ में दिए गए तथ्यों के साथ-साथ अपनी जानकारी या कल्पना का भी उपयोग कर सकते हैं।
उत्तर: लौह धातु-विज्ञान के विकास से मजबूत औजार और हथियार बनाए जाने लगे। लोहे के हल और कृषि उपकरणों के कारण खेती अधिक प्रभावी हुई और उत्पादन बढ़ा। इससे लोगों के पास अतिरिक्त अनाज उपलब्ध हुआ।
अतिरिक्त उत्पादन के कारण व्यापार और बाजारों का विकास हुआ तथा नगरों का विस्तार होने लगा। लोहे के हथियारों से राज्यों की शक्ति भी बढ़ी। इस प्रकार लौह धातु-विज्ञान नगरीकरण और महाजनपदों के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
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