12. बाजारों की समझ Class 7 Social Science Part-1 [LATEST] Solutions NCERT Questions With Answers in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 7 Social Science Part-1 are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 12. बाजारों की समझ with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each NCERT Questions With Answers is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 7 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Social Science Part-1.
Class 7 English Medium Social Science Part-1 All Chapters:
12. बाजारों की समझ
1. NCERT Questions With Answers
NCERT Solutions — बाजारों की समझ
प्रश्न एवं क्रियाकलाप
प्रश्न 1. बाजार की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं? हाल में जब आप बाजार गए थे, तब आपने वहाँ कौन-कौन सी विशेषताएँ देखीं?
उत्तर: बाजार वह स्थान है जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय होता है। बाजार की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं —
- क्रेता और विक्रेता की उपस्थिति
- वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय
- मूल्य का निर्धारण
- माँग और आपूर्ति का प्रभाव
- प्रतिस्पर्धा
जब मैं हाल में बाजार गया, तब मैंने विभिन्न दुकानों, ग्राहकों की भीड़, वस्तुओं के अलग-अलग मूल्य और मोल-भाव जैसी विशेषताएँ देखीं।
प्रश्न 2. इस अध्याय के आरंभ में दिए गए एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री के उद्धरण को देखिए। इस अध्याय के संदर्भ में उस उद्धरण की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए।
उत्तर: यह उद्धरण बाजार में माँग, आपूर्ति और मूल्य निर्धारण के महत्व को दर्शाता है। बाजार में वस्तुओं की कीमत क्रेताओं और विक्रेताओं की गतिविधियों से प्रभावित होती है। यह उद्धरण बताता है कि बाजार केवल वस्तुओं के आदान-प्रदान का स्थान नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है।
प्रश्न 3. अमरूद के क्रय-विक्रय के दिए गए उदाहरण में यदि विक्रेता को अच्छा मूल्य मिल रहा है, तब वह किसानों से और अधिक अमरूद क्रय करने का प्रयास करेगा, ताकि वह उन्हें उसी मूल्य पर बेचकर अपनी आमदनी बढ़ा सके। ऐसी स्थिति में किसान क्या करेगा? क्या आपको लगता है कि वह अगली ऋतु में अमरूदों की माँग के बारे में सोचना शुरू करेगा? उसकी संभावित प्रतिक्रिया क्या होगी?
उत्तर: यदि किसान को अमरूदों का अच्छा मूल्य मिलेगा, तो वह अगली ऋतु में अधिक अमरूद उगाने का प्रयास करेगा। वह बाजार की माँग को ध्यान में रखकर उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाएगा। इससे उसकी आय बढ़ सकती है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित प्रकार के बाजारों का उनकी विशेषताओं से मिलान कीजिए —
| क्र.सं. | बाजार | मानदंड |
|---|---|---|
| (क) | प्रत्यक्ष बाजार | क्रेता और विक्रेता की प्रत्यक्ष उपस्थिति आवश्यक है। |
| (ख) | ऑनलाइन बाजार | क्रेता और विक्रेता आभासी रूप से मिलते हैं और किसी भी समय लेन-देन कर सकते हैं। |
| (ग) | घरेलू बाजार | किसी राष्ट्र की सीमा के भीतर स्थित। |
| (घ) | अंतर्राष्ट्रीय बाजार | वस्तुएँ और सेवाएँ जो राष्ट्र की सीमा के बाहर भेजी जाती हैं। |
| (ङ) | थोक बाजार | बड़ी मात्रा में सौदे। |
| (च) | खुदरा बाजार | अंतिम उपभोक्ताओं तक वस्तुएँ एवं सेवाएँ पहुँचाना। |
प्रश्न 5. सामान्यतया मूल्य क्रेताओं की माँग और विक्रेताओं की आपूर्ति की अंतःक्रिया द्वारा निर्धारित होता है। क्या आप ऐसे उत्पादों के बारे में सोच सकते हैं, जहाँ किसी उत्पाद की माँग के लिए क्रेताओं की संख्या कम होने के बावजूद उसका मूल्य अधिक होता है? इसके क्या कारण हो सकते हैं?
उत्तर: हाँ, हीरे, प्राचीन वस्तुएँ और लक्जरी कारें ऐसे उत्पाद हैं जिनकी माँग करने वाले लोगों की संख्या कम होती है, फिर भी उनका मूल्य अधिक होता है।
इसके कारण उनकी दुर्लभता, उच्च गुणवत्ता, प्रतिष्ठा और सीमित उपलब्धता हो सकते हैं।
प्रश्न 6. सब्जियों के एक खुदरा विक्रेता की वास्तविक जीवन-स्थिति पर विचार कीजिए — परिवार ने ठेले वाले से मोल-भाव किया लेकिन सुपरमार्केट से अधिक मूल्य पर सब्जियाँ खरीद लीं। क्या कारण है कि परिवार ने ऐसा किया? क्या कीमतों के अतिरिक्त ऐसे कोई कारक हैं, जो क्रय-विक्रय को प्रभावित करते हैं?
उत्तर: परिवार ने सुपरमार्केट से सब्जियाँ इसलिए खरीदीं क्योंकि वहाँ साफ-सफाई, पैकिंग, सुविधा और गुणवत्ता अधिक अच्छी लगी होगी।
कीमतों के अतिरिक्त निम्नलिखित कारक भी क्रय-विक्रय को प्रभावित करते हैं —
- वस्तु की गुणवत्ता
- साफ-सफाई और पैकिंग
- दुकान की सुविधा
- विश्वास और ब्रांड
- ग्राहक सेवा
Topic Lists: