5. साम्राज्यों का उदय Class 7 Social Science Part-1 [LATEST] Solutions NCERT Questions With Answers in Hindi - CBSE Study
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Class 7 English Medium Social Science Part-1 All Chapters:
5. साम्राज्यों का उदय
1. NCERT Questions With Answers
NCERT Solutions — साम्राज्यों का उदय
प्रश्न एवं क्रियाकलाप
प्रश्न 1. साम्राज्य की विशेषताएँ क्या हैं और यह राज्य से किस प्रकार भिन्न है? इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर: साम्राज्य एक विशाल राजनीतिक व्यवस्था होती है जिसमें अनेक प्रदेश और विभिन्न जाति, भाषा तथा संस्कृति के लोग शामिल होते हैं। साम्राज्य का शासक व्यापक क्षेत्र पर नियंत्रण रखता है।
राज्य की तुलना में साम्राज्य अधिक बड़ा और शक्तिशाली होता है। राज्य सामान्यतः सीमित क्षेत्र तक होता है, जबकि साम्राज्य कई राज्यों और क्षेत्रों को मिलाकर बनता है। साम्राज्य में मजबूत प्रशासन, सेना और कर व्यवस्था होती है।
प्रश्न 2. राज्यों से साम्राज्यों में परिवर्तन के लिए महत्वपूर्ण कारक क्या हैं?
उत्तर: राज्यों के साम्राज्य में परिवर्तन के लिए कई कारक जिम्मेदार थे —
- शक्तिशाली सेना का विकास
- लोहे के हथियारों का उपयोग
- कृषि उत्पादन में वृद्धि
- व्यापार और नगरों का विकास
- संगठित प्रशासन और कर व्यवस्था
इन कारणों से शासकों की शक्ति बढ़ी और वे बड़े क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित कर सके।
प्रश्न 3. एलेक्जेंडर को विश्व इतिहास में एक महान शासक माना जाता है, आपके विचार से ऐसा क्यों है?
उत्तर: एलेक्जेंडर एक महान विजेता और कुशल सेनापति था। उसने कम आयु में अनेक देशों पर विजय प्राप्त की और विशाल साम्राज्य स्थापित किया। उसकी सैन्य रणनीति और नेतृत्व क्षमता अत्यंत प्रभावशाली थी। उसने विभिन्न संस्कृतियों के बीच संपर्क स्थापित किया, इसलिए उसे विश्व इतिहास में महान शासक माना जाता है।
प्रश्न 4. प्रारंभिक भारतीय इतिहास में मौर्यवंश को महत्वपूर्ण माना जाता है। कारण बताएँ।
उत्तर: मौर्यवंश भारतीय इतिहास का पहला विशाल साम्राज्य था। चंद्रगुप्त मौर्य ने इसकी स्थापना की और अशोक ने इसे अत्यधिक विस्तृत किया। मौर्य शासकों ने संगठित प्रशासन, कर व्यवस्था और सड़क निर्माण को बढ़ावा दिया। अशोक ने धम्म का प्रचार किया और शांति, अहिंसा तथा धार्मिक सहिष्णुता पर बल दिया।
प्रश्न 5. कौटिल्य के कुछ प्रमुख विचार क्या थे? इनमें से कौन-से विचार आप आज भी आस-पास देख सकते हैं?
उत्तर: कौटिल्य ने मजबूत प्रशासन, कर व्यवस्था, गुप्तचर व्यवस्था और जनता के कल्याण पर बल दिया। उन्होंने राज्य की सुरक्षा और आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण माना।
आज भी सरकारें कर वसूलती हैं, प्रशासन चलाती हैं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखती हैं और जनता के कल्याण के लिए योजनाएँ बनाती हैं।
प्रश्न 6. अशोक और उसके साम्राज्य के बारे में असाधारण बातें क्या थीं? उनमें से कौन-सी बातें आज भी भारत को प्रभावित करती रही हैं और क्यों? अपने विचार लगभग 250 शब्दों में लिखिए।
उत्तर: अशोक मौर्यवंश का महान शासक था। कलिंग युद्ध के बाद उसने हिंसा का मार्ग छोड़ दिया और धम्म की नीति अपनाई। उसने अहिंसा, दया, सहिष्णुता और नैतिक जीवन पर बल दिया।
अशोक ने अपने विचारों को शिलालेखों और स्तंभों पर खुदवाया ताकि लोग उनसे प्रेरणा ले सकें। उसने सड़कों, कुओं और विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। पशुओं और मनुष्यों दोनों के कल्याण की व्यवस्था की गई।
अशोक धार्मिक सहिष्णुता में विश्वास करता था। उसने विभिन्न धर्मों का सम्मान किया और लोगों को शांतिपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा दी।
आज भी अशोक के विचार भारत को प्रभावित करते हैं। भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ का अशोक स्तंभ है और राष्ट्रीय ध्वज में अशोक चक्र मौजूद है। अहिंसा, सहिष्णुता और शांति के मूल्य आज भी भारतीय लोकतंत्र और समाज के महत्वपूर्ण आदर्श हैं।
प्रश्न 7. अशोक के उपर्युक्त शिलालेख को पढ़ने के उपरांत, क्या आपको लगता है कि वे अन्य धार्मिक विश्वासों और विचारधाराओं के प्रति सहिष्णु थे? अपने विचार कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर: हाँ, अशोक अन्य धार्मिक विश्वासों और विचारधाराओं के प्रति सहिष्णु थे। उनके शिलालेखों से पता चलता है कि वे सभी संप्रदायों का सम्मान करते थे। उन्होंने विभिन्न धर्मों के लोगों के कल्याण के लिए अधिकारियों की नियुक्ति की थी।
प्रश्न 8. ब्राह्मी लिपि एक लेखन प्रणाली थी जिसका प्राचीन भारत में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता था। इस लिपि के बारे में अधिक जानने का प्रयास कीजिए। जहाँ भी आवश्यक हो, अपने शिक्षक से सहायता लीजिए। एक लघु कार्य परियोजना बनाएँ और इस दौरान आपने ब्राह्मी लिपि के बारे में जो कुछ भी सीखा, उसे संलग्न कीजिए।
उत्तर: ब्राह्मी लिपि प्राचीन भारत की प्रमुख लिपियों में से एक थी। अशोक के अधिकांश शिलालेख इसी लिपि में लिखे गए थे। यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती थी। आगे चलकर अनेक भारतीय लिपियाँ, जैसे देवनागरी, तमिल और बंगाली, ब्राह्मी लिपि से विकसित हुईं।
प्रश्न 9. मान लीजिए कि आपको तीसरी शताब्दी सा.सं.पूर्व में कौशांबी से कावेरीपट्टनम की यात्रा करनी है। आप यह यात्रा कैसे करेंगे? इस यात्रा के दौरान आप कहाँ-कहाँ ठहरेंगे और आपको इसमें कितना समय लगेगा?
उत्तर: मैं यह यात्रा मुख्यतः स्थल मार्ग और नदी मार्ग से करूँगा। यात्रा के दौरान प्रमुख नगरों और व्यापारिक केंद्रों में ठहरूँगा। बैलगाड़ी, घोड़े या पैदल यात्रा का उपयोग किया जा सकता था।
कौशांबी से दक्षिण भारत की ओर जाते हुए मैं उज्जैन, प्रतिष्ठान और अन्य नगरों में रुक सकता हूँ। यह यात्रा कई सप्ताह या महीनों में पूरी होती क्योंकि उस समय परिवहन के साधन सीमित थे।
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