Chapter पृथ्वी एक तंत्र: ऊर्जा, द्रव्य और जीवन Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi वायुमंडल, उसकी परतें, ओजोन और हरितगृह प्रभाव - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
पृथ्वी एक तंत्र: ऊर्जा, द्रव्य और जीवन
4. वायुमंडल, उसकी परतें, ओजोन और हरितगृह प्रभाव
अध्याय 13. पृथ्वी एक तंत्र — ऊर्जा, द्रव्य और जीवन
वायुमंडल, उसकी परतें, ओजोन और हरितगृह प्रभाव
पृथ्वी के चारों ओर गैसों का एक आवरण उपस्थित है, जिसे वायुमंडल कहते हैं। यह पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ बनाए रखने के साथ-साथ मौसम, जलवायु और ऊर्जा के प्रवाह को प्रभावित करता है।
वायुमंडल (Atmosphere)
परिभाषा: पृथ्वी के चारों ओर गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा बँधा हुआ वायु और विभिन्न गैसों का आवरण वायुमंडल कहलाता है।
वायुमंडल पृथ्वी के चारों ओर एक सुरक्षात्मक आवरण की तरह कार्य करता है और पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक परिस्थितियों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वायुमंडल की संरचना
वायुमंडल में मुख्य रूप से निम्न गैसें पाई जाती हैं:
- नाइट्रोजन — लगभग 78%
- ऑक्सीजन — लगभग 21%
- आर्गन — थोड़ी मात्रा में
- कार्बन डाइऑक्साइड — थोड़ी मात्रा में
- जलवाष्प — परिवर्तनीय मात्रा में
- अन्य गैसें — बहुत कम मात्रा में
वायुमंडल की प्रमुख परतें
वायुमंडल ऊँचाई के अनुसार विभिन्न परतों में विभाजित है। इन परतों की विशेषताएँ अलग-अलग होती हैं और वे पृथ्वी के मौसम, जलवायु तथा ऊर्जा प्रवाह को अलग-अलग प्रकार से प्रभावित करती हैं। :contentReference[oaicite:3]{index=3}
1. क्षोभमंडल (Troposphere)
ऊँचाई: लगभग 0–12 km
यह वायुमंडल की सबसे निचली परत है और पृथ्वी की सतह के सबसे निकट स्थित है।
- लगभग सभी मौसम संबंधी घटनाएँ इसी परत में होती हैं।
- यह परत मुख्यतः पृथ्वी की सतह से गर्म होती है।
- ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान सामान्यतः घटता है।
- तापमान में कमी की औसत दर लगभग 6.5°C प्रति km है।
- गर्म वायु के ऊपर उठने से तेज हवाएँ और आँधी-तूफान उत्पन्न हो सकते हैं।
- क्षोभमंडल की ऊँचाई भूमध्य रेखा के ऊपर अधिक और ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर कम होती है।
2. समतापमंडल (Stratosphere)
ऊँचाई: लगभग 12–50 km
समतापमंडल क्षोभमंडल के ऊपर स्थित है। इसी परत में ओजोन परत पाई जाती है।
- ओजोन परत: सूर्य से आने वाली हानिकारक UV किरणों को अवशोषित करती है।
- UV विकिरण के अवशोषण के कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान बढ़ता है।
- इस परत में ऊर्ध्वाधर वायु मिश्रण अपेक्षाकृत कम होता है।
- इसी कारण मौसम संबंधी घटनाएँ मुख्यतः क्षोभमंडल तक सीमित रहती हैं।
3. मध्यमंडल (Mesosphere)
मध्यमंडल समतापमंडल के ऊपर स्थित वायुमंडल की एक ऊपरी परत है। यह पृथ्वी की सतह की जलवायु को नियंत्रित करने में क्षोभमंडल और समतापमंडल की तुलना में गौण भूमिका निभाती है।
4. तापमंडल (Thermosphere)
तापमंडल मध्यमंडल के ऊपर स्थित है। यह वायुमंडल की ऊपरी परतों में से एक है और पृथ्वी की सतह की जलवायु पर इसकी भूमिका अपेक्षाकृत गौण है।
5. बहिर्मंडल (Exosphere)
बहिर्मंडल वायुमंडल की सबसे बाहरी परत है और इसके ऊपर बाह्य अंतरिक्ष का क्षेत्र प्रारंभ होता है।
वायुमंडल की प्रमुख परतें — एक नजर में
| परत | लगभग ऊँचाई | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| क्षोभमंडल | 0–12 km | मौसम संबंधी अधिकांश घटनाएँ; ऊँचाई के साथ तापमान घटता है |
| समतापमंडल | 12–50 km | ओजोन परत; UV अवशोषण; ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है |
| मध्यमंडल | समतापमंडल के ऊपर | ऊपरी वायुमंडलीय परत |
| तापमंडल | मध्यमंडल के ऊपर | ऊपरी वायुमंडल का क्षेत्र |
| बहिर्मंडल | सबसे बाहरी क्षेत्र | बाह्य अंतरिक्ष की ओर संक्रमण |
वायुमंडल जीवन की रक्षा कैसे करता है?
वायुमंडल पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा में दो प्रमुख भूमिकाएँ निभाता है।
1. हानिकारक सौर विकिरण से सुरक्षा
सूर्य से आने वाले सभी विकिरण पृथ्वी की सतह तक सीधे नहीं पहुँचते। वायुमंडल की विभिन्न गैसें और बादल सौर विकिरण के कुछ भाग को अवशोषित और प्रकीर्णित करते हैं।
विशेष रूप से समतापमंडल में स्थित ओजोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करके जीवों की रक्षा करती है।
2. पृथ्वी की ऊष्मा को बनाए रखना
पृथ्वी की सतह सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करके बाद में ऊर्जा को अवरक्त विकिरण के रूप में वापस विकिरित करती है। वायुमंडल में उपस्थित कुछ गैसें इस बाहर जाने वाली ऊष्मा को अवशोषित कर लेती हैं।
इस प्रक्रिया के कारण पृथ्वी का तापमान जीवन के लिए अनुकूल बना रहता है। :contentReference[oaicite:4]{index=4}
ओजोन परत (Ozone Layer)
परिभाषा: समतापमंडल में उपस्थित ओजोन की अधिक सांद्रता वाले क्षेत्र को सामान्यतः ओजोन परत कहा जाता है।
ओजोन परत पृथ्वी के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती है। यह सूर्य से आने वाली हानिकारक UV किरणों के बड़े भाग को अवशोषित करती है।
ओजोन परत का महत्त्व
- हानिकारक UV विकिरण को अवशोषित करती है।
- पृथ्वी पर रहने वाले जीवों की रक्षा करती है।
- UV विकिरण की अधिक मात्रा से होने वाली जैविक क्षति को कम करती है।
- UV विकिरण को अवशोषित करने के कारण समतापमंडल के तापमान को प्रभावित करती है।
ओजोन क्षरण और ओजोन छिद्र
ओजोन अणुओं का प्राकृतिक निर्माण और विनाश लगातार होता रहता है। यदि ओजोन का विनाश उसके प्राकृतिक निर्माण की दर से अधिक तेजी से होने लगे, तो ओजोन परत पतली और कम प्रभावी हो सकती है।
बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मानव द्वारा बनाए गए कुछ रसायनों, विशेष रूप से क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), के कारण अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत में अत्यधिक क्षरण देखा गया। इसे सामान्यतः ओजोन छिद्र कहा गया।
CFCs का उपयोग पहले रेफ्रिजरेटर और एरोसॉल जैसे उत्पादों में किया जाता था।
ओजोन क्षरण का प्रभाव
- पृथ्वी की सतह तक पहुँचने वाला UV विकिरण बढ़ सकता है।
- जीवित जीवों के लिए हानिकारक प्रभाव उत्पन्न हो सकते हैं।
- पारितंत्र प्रभावित हो सकते हैं।
- मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एक वैश्विक समझौता है जिसने CFC जैसे ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उपयोग को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके कारण ओजोन परत के धीरे-धीरे पुनर्निर्माण की दिशा में प्रगति हुई है।
यह उदाहरण दिखाता है कि वैज्ञानिक समझ, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सामूहिक प्रयासों द्वारा वैश्विक पर्यावरणीय समस्या का समाधान करने की दिशा में प्रगति की जा सकती है। :contentReference[oaicite:5]{index=5}
हरितगृह प्रभाव (Greenhouse Effect)
परिभाषा: वायुमंडल में उपस्थित कुछ गैसों द्वारा पृथ्वी की सतह से बाहर जाने वाली ऊष्मा को अवशोषित करने और उसे पुनः विकिरित करने की प्रक्रिया को हरितगृह प्रभाव कहते हैं।
पृथ्वी की सतह सूर्य से प्राप्त ऊर्जा को अवशोषित करती है और बाद में उसे अवरक्त विकिरण के रूप में बाहर की ओर विकिरित करती है। वायुमंडल में उपस्थित कुछ गैसें इस ऊष्मा को अवशोषित करती हैं, जिससे उसका पूरा भाग अंतरिक्ष में बाहर नहीं जा पाता।
प्रमुख हरितगृह गैसें
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
- मीथेन (CH4)
- जलवाष्प
प्राकृतिक हरितगृह प्रभाव का महत्त्व
यदि वायुमंडल में हरितगृह गैसें न होतीं, तो पृथ्वी अत्यधिक ठंडी होती और यहाँ जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनना कठिन होता। इसलिए प्राकृतिक हरितगृह प्रभाव पृथ्वी के तापमान को जीवन के अनुकूल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अतिरिक्त हरितगृह प्रभाव
मानवीय गतिविधियों के कारण वायुमंडल में अतिरिक्त CO2 तथा अन्य हरितगृह गैसों की मात्रा बढ़ सकती है। इससे हरितगृह प्रभाव मजबूत होता है और वैश्विक तापमान में वृद्धि हो सकती है।
यदि इस वृद्धि को नियंत्रित नहीं किया जाए, तो पृथ्वी की जलवायु और जीवन के लिए गंभीर चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। :contentReference[oaicite:6]{index=6}
शुक्र ग्रह का उदाहरण
बुध ग्रह सूर्य के अधिक निकट होने के बावजूद शुक्र ग्रह उससे अधिक गर्म है। इसका एक प्रमुख कारण शुक्र का घना वायुमंडल और वहाँ होने वाला अनियंत्रित हरितगृह प्रभाव है।
यह उदाहरण बताता है कि किसी ग्रह का तापमान केवल सूर्य से उसकी दूरी पर निर्भर नहीं करता, बल्कि उसके वायुमंडल की प्रकृति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वायुमंडल — ऊर्जा प्रवाह और जलवायु
वायुमंडल केवल गैसों का आवरण नहीं है। यह सौर विकिरण के अवशोषण, पृथ्वी की ऊष्मा के पुनर्वितरण, मौसम और जलवायु की प्रक्रियाओं तथा जीवन के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वायुमंडल में होने वाले परिवर्तन मौसम, जलवायु और पृथ्वी के ऊर्जा संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इस प्रकार वायुमंडल पृथ्वी तंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है। :contentReference[oaicite:7]{index=7}
Concept Builder
वायुमंडल → गैसों का आवरण → मौसम + जलवायु + जीवन
क्षोभमंडल → मौसम की घटनाएँ
समतापमंडल → ओजोन → UV अवशोषण
ओजोन → सुरक्षा कवच → जीवों की रक्षा
पृथ्वी की सतह → सौर ऊर्जा अवशोषण → IR विकिरण
CO2 + CH4 + जलवाष्प → ऊष्मा अवशोषण → हरितगृह प्रभाव
अतिरिक्त CO2 → अधिक हरितगृह प्रभाव → वैश्विक ताप में वृद्धि
CFCs → ओजोन क्षरण → UV में वृद्धि का खतरा
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल → CFC में कमी → ओजोन परत के पुनर्निर्माण में सहायता
Exam Booster
- वायुमंडल क्या है? — पृथ्वी के चारों ओर गुरुत्वाकर्षण द्वारा बँधा हुआ गैसों का आवरण।
- वायुमंडल में सबसे अधिक कौन-सी गैस है? — नाइट्रोजन, लगभग 78%।
- क्षोभमंडल की औसत ऊँचाई कितनी है? — लगभग 12 km।
- अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ किस परत में होती हैं? — क्षोभमंडल में।
- समतापमंडल में तापमान ऊँचाई के साथ क्यों बढ़ता है? — ओजोन परत द्वारा UV विकिरण के अवशोषण के कारण।
- ओजोन परत कहाँ स्थित है? — समतापमंडल में।
- ओजोन परत का मुख्य कार्य क्या है? — सूर्य की हानिकारक UV किरणों को अवशोषित करके जीवन की रक्षा करना।
- ओजोन छिद्र किसे कहते हैं? — किसी क्षेत्र में ओजोन परत के अत्यधिक क्षरण से उत्पन्न अत्यधिक पतले क्षेत्र को सामान्यतः ओजोन छिद्र कहा जाता है।
- CFCs का ओजोन परत पर क्या प्रभाव पड़ा? — इनके कारण ओजोन क्षरण बढ़ा और अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत में अत्यधिक क्षरण हुआ।
- मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल क्यों महत्त्वपूर्ण है? — इसने CFC जैसे ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उपयोग को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- हरितगृह प्रभाव क्या है? — हरितगृह गैसों द्वारा पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मा को अवशोषित करने की प्रक्रिया।
- प्रमुख हरितगृह गैसें कौन-सी हैं? — CO2, CH4 और जलवाष्प।
- प्राकृतिक हरितगृह प्रभाव क्यों आवश्यक है? — यह पृथ्वी का तापमान जीवन के लिए अनुकूल बनाए रखने में सहायता करता है।
- अतिरिक्त CO2 से क्या प्रभाव हो सकता है? — हरितगृह प्रभाव बढ़ सकता है और वैश्विक तापमान में वृद्धि हो सकती है।
- शुक्र ग्रह बुध से अधिक गर्म क्यों है? — शुक्र के घने वायुमंडल में अनियंत्रित हरितगृह प्रभाव के कारण।
Topic Lists Page Wise:
- 1. Chapter Review and Key Points
- 2. पृथ्वी एक तंत्र
- 3. सौर विकिरण, अल्बिडो और असमान ऊष्मीकरण
- 4. वायुमंडल, उसकी परतें, ओजोन और हरितगृह प्रभाव
- 5. ग्रहीय पवन और महासागरीय धाराएँ
- 6. जैव-भूरासायनिक चक्र जल चक्र और कार्बन चक्र
- 7. नाइट्रोजन चक्र और ऑक्सीजन चक्र
- 8. पृथ्वी की प्रक्रियाओं पर मानवीय प्रभाव और सतत जीवनशैली
- 9. Final Revision Notes
- 10. Assignments - What Have You Learned?