Chapter अपने परिवेश में गति का वर्णन Class 9 Science Exploration CBSE notes in hindi सरल रेखीय गति, स्थिति एवं संदर्भ बिंदु - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 9 English Medium Science Exploration All Chapters:
अपने परिवेश में गति का वर्णन
2. सरल रेखीय गति, स्थिति एवं संदर्भ बिंदु
अध्याय 4. अपने परिवेश में गति का वर्णन
हमारे आसपास अनेक वस्तुएँ निरंतर गति करती रहती हैं। किसी वस्तु की गति का सही वर्णन करने के लिए उसकी स्थिति, संदर्भ बिंदु तथा समय के साथ होने वाले परिवर्तन को समझना आवश्यक है। इस भाग में हम सरल रेखीय गति (Linear Motion), स्थिति (Position) तथा संदर्भ बिंदु (Reference Point) जैसी मूलभूत अवधारणाओं का अध्ययन करेंगे।
सरल रेखीय गति, स्थिति एवं संदर्भ बिंदु
सरल रेखीय गति (Linear Motion)
सरल रेखीय गति (Linear Motion) वह गति है जिसमें कोई वस्तु एक सीधी रेखा (Straight Line) के अनुदिश गति करती है। यह गति का सबसे सरल प्रकार माना जाता है।
- वस्तु केवल एक सीधी रेखा में चलती है।
- गति की दिशा स्पष्ट होती है।
- इसका अध्ययन करना अपेक्षाकृत सरल होता है।
- अधिकांश प्रारम्भिक गति संबंधी अवधारणाएँ इसी पर आधारित होती हैं।
सरल रेखीय गति के उदाहरण
- सीधी सड़क पर चलती कार।
- सीधी पटरी पर चलती रेलगाड़ी।
- तैराकी प्रतियोगिता में सीधे मार्ग पर तैरता खिलाड़ी।
- ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर या नीचे जाती गेंद।
स्थिति (Position)
स्थिति (Position) किसी निश्चित समय पर संदर्भ बिंदु (Reference Point) के सापेक्ष किसी वस्तु का स्थान है। किसी वस्तु की स्थिति बताने के लिए केवल दूरी बताना पर्याप्त नहीं होता, उसकी दिशा बताना भी आवश्यक होता है।
- स्थिति हमेशा संदर्भ बिंदु के सापेक्ष बताई जाती है।
- दूरी और दिशा दोनों मिलकर स्थिति का वर्णन करते हैं।
- समय के साथ स्थिति बदलने पर वस्तु गतिशील कहलाती है।
- यदि स्थिति नहीं बदलती तो वस्तु विरामावस्था में होती है।
संदर्भ बिंदु (Reference Point)
संदर्भ बिंदु (Reference Point) वह निश्चित बिंदु होता है जिसके आधार पर किसी वस्तु की स्थिति का निर्धारण किया जाता है। यही बिंदु गति का वर्णन करने का आधार बनता है।
| स्थिति | अर्थ |
|---|---|
| धनात्मक दिशा (+) | संदर्भ बिंदु के दाईं ओर की स्थिति। |
| ऋणात्मक दिशा (−) | संदर्भ बिंदु के बाईं ओर की स्थिति। |
गतिशील एवं विरामावस्था
| गतिशील वस्तु | विरामावस्था में वस्तु |
|---|---|
| समय के साथ स्थिति बदलती रहती है। | समय के साथ स्थिति नहीं बदलती। |
| संदर्भ बिंदु के सापेक्ष स्थान परिवर्तित होता है। | संदर्भ बिंदु के सापेक्ष स्थान स्थिर रहता है। |
Our Concept Builder
मान लीजिए आप रेलवे स्टेशन पर खड़े हैं। यदि कोई ट्रेन आपके सामने से गुजरती है, तो उसकी स्थिति आपके (संदर्भ बिंदु) के सापेक्ष लगातार बदलती रहती है, इसलिए वह गतिशील है। लेकिन यदि प्लेटफ़ॉर्म पर रखा एक बेंच पूरे समय उसी स्थान पर रहता है, तो वह आपके संदर्भ में विरामावस्था में माना जाएगा।
Exam Booster
- सरल रेखीय गति एक सीधी रेखा में होती है।
- स्थिति बताने के लिए दूरी और दिशा दोनों आवश्यक हैं।
- संदर्भ बिंदु के बिना किसी वस्तु की स्थिति नहीं बताई जा सकती।
- स्थिति में परिवर्तन होने पर वस्तु गतिशील कहलाती है।
- संदर्भ बिंदु के दाईं ओर की दिशा धनात्मक (+) तथा बाईं ओर की दिशा ऋणात्मक (−) मानी जाती है।