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Chapter Chapter 4. धातुओं और अधातुओं का संसार Class 7 Science Curiosity CBSE notes in hindi Important Notes - CBSE Study

Chapter Chapter 4. धातुओं और अधातुओं का संसार Science Curiosity Class 7 cbse notes Important Notes in hindi, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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Chapter Chapter 4. धातुओं और अधातुओं का संसार Class 7 Science Curiosity CBSE notes in hindi Important Notes - CBSE Study

कक्षा 7 Science Curiosity के लिए NCERT समाधान नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम और NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुसार सावधानीपूर्वक तैयार किए गए हैं, ताकि विद्यार्थी प्रत्येक अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझ सकें। इन समाधानों में सभी महत्वपूर्ण Chapter 4. धातुओं और अधातुओं का संसार को विस्तृत व्याख्या और चरण-दर-चरण उत्तरों सहित शामिल किया गया है, जिससे परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सके। प्रत्येक Important Notes को सरल भाषा में समझाया गया है, ताकि विद्यार्थी मूलभूत सिद्धांतों को आसानी से समझकर अपनी शैक्षणिक उपलब्धि में सुधार कर सकें। यह अध्ययन सामग्री दैनिक गृहकार्य, पुनरावृत्ति अभ्यास तथा वार्षिक परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। सटीक उत्तर, स्पष्ट अवधारणाएँ और व्यवस्थित सामग्री विद्यार्थियों को आत्मविश्वास बढ़ाने तथा परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में सहायता करती है। चाहे आप किसी विशेष विषय का पुनरावृत्ति कर रहे हों या पूरे अध्याय की तैयारी कर रहे हों, यह संसाधन Science Curiosity में पूर्ण सफलता के लिए विश्वसनीय और पाठ्यक्रम-आधारित मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Class 7 English Medium Science Curiosity All Chapters:

Chapter 4. धातुओं और अधातुओं का संसार

2. Important Notes

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Chapter 4: धातुओं और अधातुओं का संसार

परिचय: हमारे आसपास की दुनिया में अनेक प्रकार के पदार्थ पाए जाते हैं। इनमें से कुछ पदार्थ चमकदार, कठोर और मजबूत होते हैं, जबकि कुछ मुलायम और कमजोर होते हैं। इन गुणों के आधार पर पदार्थों को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जाता है—धातु और अधातु।

धातु और अधातु दोनों ही हमारे दैनिक जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घर, वाहन, औज़ार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण—हर जगह इनका उपयोग होता है।

धातु (Metals) का विस्तृत अध्ययन: धातु वे पदार्थ हैं जो सामान्यतः चमकदार, कठोर और ऊष्मा व विद्युत के अच्छे चालक होते हैं।

धातुओं के प्रमुख गुण:

  • चमक (Lustre): धातुएँ चमकदार होती हैं, जैसे सोना, चाँदी
  • कठोरता: अधिकांश धातुएँ कठोर होती हैं, जैसे लोहा
  • चालकता: धातुएँ विद्युत और ऊष्मा की अच्छी चालक होती हैं
  • आघातवर्धनीयता: इन्हें पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है
  • तन्यता: इन्हें खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं

उदाहरण: तांबा (Copper) विद्युत तारों में उपयोग होता है क्योंकि यह अच्छा चालक है।

अधातु (Non-metals) का विस्तृत अध्ययन: अधातु वे पदार्थ हैं जो सामान्यतः चमकहीन, मुलायम और विद्युत के कुचालक होते हैं।

अधातुओं के प्रमुख गुण:

  • चमकहीन: ये चमकदार नहीं होते
  • भंगुर: आसानी से टूट जाते हैं
  • कुचालक: विद्युत और ऊष्मा के खराब चालक होते हैं

उदाहरण: कोयला, सल्फर, ऑक्सीजन आदि अधातु हैं।

महत्वपूर्ण समझ: धातु और अधातु के गुणों के आधार पर ही उनका उपयोग निर्धारित किया जाता है।

अपवाद (Exceptions): सामान्यतः धातुओं और अधातुओं के कुछ निश्चित गुण होते हैं, लेकिन कुछ पदार्थ इन नियमों से अलग व्यवहार करते हैं। इन्हें अपवाद कहा जाता है।

  • पारा (Mercury): यह एक धातु है, लेकिन यह तरल अवस्था में पाया जाता है
  • ग्रेफाइट: यह एक अधातु है, फिर भी यह विद्युत का चालक है

इन अपवादों से हमें यह समझ आता है कि सभी पदार्थ हमेशा सामान्य नियमों का पालन नहीं करते।

संक्षारण (Corrosion): जब धातुएँ वायु, नमी या रसायनों के संपर्क में आती हैं, तो वे धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं। इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।

उदाहरण: लोहे पर जंग लगना

संक्षारण के प्रभाव:

  • धातु की मजबूती कम हो जाती है
  • वस्तुएँ खराब हो जाती हैं
  • आर्थिक नुकसान होता है

जंग लगना (Rusting): यह संक्षारण का एक विशेष प्रकार है जिसमें लोहा ऑक्सीजन और नमी के साथ प्रतिक्रिया करके जंग बनाता है।

आवश्यक शर्तें:

  • ऑक्सीजन (वायु)
  • नमी (पानी)

जंग रोकने के उपाय:

  • पेंटिंग करना
  • तेल या ग्रीस लगाना
  • गैल्वनाइजेशन (जस्ता की परत चढ़ाना)

मिश्रधातु (Alloy): जब दो या दो से अधिक धातुओं या धातु और अधातु को मिलाया जाता है, तो मिश्रधातु बनती है।

मिश्रधातुएँ मूल धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत और उपयोगी होती हैं।

उदाहरण:

  • पीतल (Brass) = तांबा + जस्ता
  • स्टील = लोहा + कार्बन

महत्वपूर्ण समझ: अपवाद, संक्षारण और मिश्रधातुएँ हमें धातुओं के वास्तविक व्यवहार और उनके बेहतर उपयोग को समझने में मदद करती हैं।

दैनिक जीवन में धातु और अधातु का उपयोग: धातु और अधातु दोनों ही हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके गुणों के आधार पर इनका विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है।

धातुओं के उपयोग:

  • निर्माण कार्य में: लोहा और स्टील का उपयोग भवन, पुल और मशीनों में किया जाता है
  • विद्युत उपकरणों में: तांबा और एल्युमिनियम तारों में उपयोग होते हैं
  • गहनों में: सोना और चाँदी आभूषण बनाने में उपयोग होते हैं
  • बर्तन बनाने में: एल्युमिनियम और स्टील के बर्तन बनाए जाते हैं

अधातुओं के उपयोग:

  • जीवन के लिए आवश्यक: ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है
  • ईंधन के रूप में: कोयला और गैस ऊर्जा के स्रोत हैं
  • उर्वरकों में: नाइट्रोजन पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक है
  • जल शुद्धिकरण में: क्लोरीन का उपयोग पानी को शुद्ध करने के लिए किया जाता है

मिश्रधातुओं का महत्व: मिश्रधातुएँ शुद्ध धातुओं की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और उपयोगी होती हैं। इसलिए उद्योगों में इनका व्यापक उपयोग होता है।

उदाहरण: स्टील का उपयोग भवन निर्माण और मशीनों में किया जाता है क्योंकि यह मजबूत और टिकाऊ होता है।

पर्यावरण और सुरक्षा: धातुओं का अधिक उपयोग और उनका गलत निपटान पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकता है। इसलिए हमें पुनर्चक्रण (Recycling) और सही उपयोग पर ध्यान देना चाहिए।

समग्र समझ (Overall Understanding): धातु और अधातु के गुण, उनके उपयोग और उनकी सुरक्षा—ये सभी हमें उनके सही और सुरक्षित उपयोग के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

Final Key Concept: गुण → उपयोग → सुरक्षा → संतुलन

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