Chapter Chapter 12. पृथ्वी, चन्द्रमा एवं सूर्य Class 7 Science Curiosity CBSE notes in hindi Important Notes - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 7 English Medium Science Curiosity All Chapters:
Chapter 12. पृथ्वी, चन्द्रमा एवं सूर्य
2. Important Notes
Chapter 12: पृथ्वी, चन्द्रमा एवं सूर्य
परिचय: पृथ्वी, चन्द्रमा और सूर्य हमारे सौरमंडल के महत्वपूर्ण भाग हैं। इनकी गति और स्थिति के कारण ही दिन-रात, ऋतुएँ और कई प्राकृतिक घटनाएँ होती हैं।
पृथ्वी (Earth): पृथ्वी वह ग्रह है जिस पर हम रहते हैं। यह सूर्य के चारों ओर घूमती है और अपनी धुरी पर भी घूमती है।
घूर्णन (Rotation): पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना घूर्णन कहलाता है।
विशेषताएँ:
- पृथ्वी 24 घंटे में एक बार घूमती है
- इससे दिन और रात होते हैं
उदाहरण: जब पृथ्वी का कोई भाग सूर्य की ओर होता है, तो वहाँ दिन होता है, और जब वह सूर्य से दूर होता है, तो वहाँ रात होती है।
परिक्रमण (Revolution): पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूमना परिक्रमण कहलाता है।
विशेषताएँ:
- पृथ्वी लगभग 365 दिनों में एक चक्कर पूरा करती है
- इससे ऋतुओं में परिवर्तन होता है
धुरी का झुकाव: पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5° झुकी हुई है, जिससे विभिन्न स्थानों पर सूर्य का प्रकाश अलग-अलग पड़ता है और ऋतुएँ बनती हैं।
महत्वपूर्ण समझ: घूर्णन → दिन-रात परिक्रमण → ऋतुएँ
चन्द्रमा (Moon): चन्द्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। यह पृथ्वी के चारों ओर घूमता है और स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करता, बल्कि सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है।
विशेषताएँ:
सूर्य (Sun): सूर्य एक तारा है और यह हमारे सौरमंडल का केंद्र है। यह पृथ्वी को प्रकाश और ऊष्मा प्रदान करता है, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सूर्य का महत्व:
पृथ्वी, चन्द्रमा और सूर्य का संबंध: ये तीनों पिंड एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इनकी गति के कारण कई प्राकृतिक घटनाएँ होती हैं।
दैनिक जीवन में महत्व:
समग्र समझ (Overall Understanding): पृथ्वी, चन्द्रमा और सूर्य की गति और स्थिति को समझकर हम प्रकृति की कई घटनाओं को समझ सकते हैं।
Final Key Concept: सूर्य → ऊर्जा का स्रोत पृथ्वी → जीवन का आधार चन्द्रमा → उपग्रह और कलाएँ तीनों मिलकर → प्रकृति का संतुलन
- चन्द्रमा लगभग 27 दिनों में पृथ्वी की परिक्रमा करता है
- इसका अपना प्रकाश नहीं होता
- पृथ्वी पर जीवन संभव बनाता है
- ऊर्जा का मुख्य स्रोत है
- पौधों में प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक है
- जल चक्र और मौसम को प्रभावित करता है
- पृथ्वी का घूर्णन → दिन-रात
- पृथ्वी का परिक्रमण → ऋतुएँ
- चन्द्रमा की स्थिति → कलाएँ
- तीनों की स्थिति → ग्रहण
- दिन और रात के अनुसार कार्य करना
- कृषि कार्यों में सहायता
- समय और मौसम का निर्धारण
चन्द्रमा की कलाएँ (Phases of Moon): चन्द्रमा हमें हर दिन अलग-अलग आकार में दिखाई देता है, इन्हें चन्द्रमा की कलाएँ कहते हैं।
मुख्य अवस्थाएँ:
- अमावस्या: जब चन्द्रमा दिखाई नहीं देता
- पूर्णिमा: जब चन्द्रमा पूरा दिखाई देता है
यह परिवर्तन चन्द्रमा, पृथ्वी और सूर्य की स्थिति के कारण होता है।
ग्रहण (Eclipse): जब सूर्य या चन्द्रमा का प्रकाश किसी अन्य पिंड द्वारा ढक लिया जाता है, तो उसे ग्रहण कहते हैं।
सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse): जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाता।
चन्द्र ग्रहण (Lunar Eclipse): जब पृथ्वी सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाती है और पृथ्वी की छाया चन्द्रमा पर पड़ती है।
महत्वपूर्ण समझ: ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है और यह सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा की स्थिति पर निर्भर करता है।