Chapter Chapter 1. समय की शुरुआत से Class 11 History CBSE notes in hindi होमो प्रजाति के मनुष्यों का वर्गीकरण - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 11 English Medium History All Chapters:
Chapter 1. समय की शुरुआत से
2. होमो प्रजाति के मनुष्यों का वर्गीकरण
होमो प्रजाति के मनुष्यों का वर्गीकरण :
होमो प्रजाति के मनुष्यों को तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है |
1. होमो हैबिलिस - औजार बनाने वाले
2. होमो एरेक्टस - सीधे खड़े होकर पैरो के बल चलने वाले
3. होमो सेपियंस - प्राज्ञ या चिंतनशील मनुष्य
होमो प्रजातियों का उद्गम स्थल :
(i) होमो हैबिलिस के जीवाश्म इथियोपिया में ओमो (Omo) और तंशानिया में ओल्डुवई गोर्ज
(Olduvai Gorge) से प्राप्त किए गए हैं।
(ii) होमो एरेक्टस के प्राचीनतम जीवाश्म अफ्रीका और एशिया दोनों महाद्वीपों में पाए गए हैं, यथा- कूबीफोरा (Koobi Fora) और पश्चिमी तुर्काना, केन्या, मोड़ जोकर्तो (Mod Jokerto) और संगीरन (Sangiran), जावा। एशिया में पाए गए जीवाश्म अफ्रीका में पाए गए जीवाश्मों की तुलना में परवर्ती काल के हैं, इसलिए यह अधिक संभव है कि होमीनिड पूर्वी अफ्रीका से चलकर दक्षिणी और उत्तरी अफ्रीका दक्षिणी तथा पूर्वोत्तर एशिया; और शायद यूरोप में भी, 20 से 15 लाख वर्ष पहले गए। ये प्रजातियाँ लगभग दस लाख वर्ष पहले तक जीवित रहीं।
आधुनिक मानव का उद्भव : आधुनिक मानव के उदभव का प्रमाण अफ्रीका से मिलता है | आज जिस मनुष्य को हम देख रहे है यह क्षेत्रीय विविधताओं का परिणाम है | आधुनिक मानव के उद्दभव के विषय में दो मत है -
(i) क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल (Continuity Model) : क्षेत्रीय निरंतरता मॉडल के अनुसार अनेक क्षेत्रों में अलग-अलग मनुष्यों की उत्पति हुई | विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले होमो सेपियंस का आधुनिक मानव के रूप में विकास धीरे-धीरे अलग-अलग रफ़्तार से हुआ | परिणामत: इस मॉडल के अनुसार ऐसा माना जाता है कि आधुनिक मानव दुनिया के भिन्न-भिन्न स्थानों में विभिन्न रूपों में दिखाई दिया |
(ii) प्रतिस्थापन मॉडल (Replacement Model) : इस मॉडल के अनुसार मनुष्य का उद्दभव एक ही स्थान अफ्रीका में हुआ | प्रतिस्थापन मॉडल में यह कल्पना की गई है कि मानव के सभी पुराने रूप, चाहे वे कही भी थे, बदल गए और उनका स्थान पूरी तरह आधुनिक मानव ने ले लिया | इस विचार धारा का समर्थन इस साक्ष्य से होता है कि आधुनिक मानव में सर्वत्र शारीरिक और जननिक समरूपताए पाई जाती है कि उनके पूर्वज एक ही स्थान अफ्रीका में उत्पन्न हुए थे |
शिल्पकृतियाँ (artefacts): मानव निखमत वस्तुएँ होती हैं। इनमें अनेक प्रकार की चीजें शामिल होती हैं जैसे - औजार, चित्रकारियाँ, मूर्तियाँ, उत्कीर्ण चित्रा आदि।
आदि कालीन मानव के भोजन जुटाने के तरीके -
आदि कालीन मानव कई तरीके से भोजन जुटाते थे -
(i) फल कंद-मूल, बीज, गुठलियाँ और बेर आदि का संग्रहण करके
(ii) शिकार करके - आदि मानव कुछ छोटे जानवरों का शिकार भी करते थे | कुछ ऐसे स्थल जैसे कि नदी के पास स्थान बदलने वाले जानवरों रेन्डियर और घोडा आदि का बड़े पैमाने पर शिकार किया जाता था |
(iii) अपमार्जन द्वारा (त्यागी हुई वस्तुओं की सफाई करके) - आदिकालीन होमिनिड अपमार्जन या रसदखोरी के द्वारा उन जानवरों की लाशों से मांस-मज्जा खुरच कर निकालने लगे जो जानवर अपने आप मार जाते थे या हिंसक जानवरों के द्वारा मार दिए जाते थे |
(iv) मछली पकड़ के
(v) पूर्व होमिनिड छोटे स्तनपाई जानवरों - जैसे चूहे, छुछुंदर पक्षियों और सरीसृप आदि कीड़े-मकोड़ों को खाते थे |
आरंभिक मानव का आवास : पूर्व होमिनिड भी, होमो हैबिलिस की तरह सभावत: किसी स्थान विशेष पर पाई गई अधिकांश खाद्य-समाग्री को वही पर खा लेते थे और ज्यादातर समय पेड़ों पर बिताते थे | एक ही क्षेत्र में होमिनिड अन्य प्राइमेटो और मांसभक्षियो के साथ निवास करते थे | 400,000 से 125,000 वर्ष पहले गुफाओं तथा खुले निवास क्षेत्र का प्रचलन शुरू हो गया | इसके साक्ष्य यूरोप के पूरास्थलोंमें मिलते हैं |
दक्षिण फ्रांस स्थित लेजरेट गुफा की दीवार को 12 × 4 मीटर आकार के एक निवास स्थान से सटाकर बनाया गया है। इसके अन्दर दो चूल्हों (Hearths) और भिन्न-भिन्न प्रकार के खाद्य स्रोतों जैसे - फलों, वनस्पतियों, बीजों, काष्ठफलों, पक्षियों के अण्डों और मीठे जल की मछलियों (ट्राउट, पर्च और कार्प) के साक्ष्य मिले हैं ।
केन्या में चेसोवांजा (Chesowanja) और दक्षिणी अफ्रीका में स्वार्टक्रान्स (Swartkrans) में पत्थर के औजारों के साथ-साथ आग में पकाई गई चिकनी मिटटी और जली हुई हड्डियों के टुकड़े मिले हैं जो 14 लाख से 10 लाख साल पुराने है।
आरंभिक मानव द्वारा औजारों का निर्माण और उनका साक्ष्य - पत्थर के औजार बनाने और उनका इस्तेमाल किए जाने का सबसे प्राचीन साक्ष्य इथियोपिया और केन्या के पुरा-स्थलों से प्राप्त होता है। यह संभव है कि आस्ट्रेलोपिथिकस ने सबसे पहले पत्थर के औजार बनाए थे। लगभग 35,000 वर्ष पहले जानवरों को मारने के तरीकों में सुधार हुआ। इस बात का प्रमाण यह है कि फेंक कर मारने वाले भालों तथा तीर-कमान जैसे नए किस्म के औजार बनाए जाने लगे। मांस को सापफ किया जाने लगा। उसमें से हड्डियाँ निकाल दी जाती थी और फिर उसे सुखाकर, हलका सेंकते हुए सुरक्षित रख लिया जाता था। इस प्रकार, सुरक्षित रखे खाद्य को बाद में खाया जा सकता था।
रोएँदार खाल का कपडे की तरह प्रयोग और सिलने के लिए सुई का अविष्कार होना |
सिले हुए कपड़ों का सबसे पहला साक्ष्य लगभग 21,000 वर्ष पुराना है |
छेनी और रुखानी जैसे छोटे-छोटे औजार बनाने के लिए तकनीक शुरू हो गई | इन नुकीले ब्लेडों से हड्डी, सींग, हाथी दाँत या लकड़ी पर नक्काशी करना या कुरेदना अब संभव हो गया |
आल्टामीरा की गुफा की विशेषताएँ -
आल्टामीरा स्पेन में स्थित एक गुफा-स्थल है | यह गुफा इसके छत पर बने चित्रकारियों के लिए प्रसिद्ध है | इसकी चित्रकारियों में रंग की बजाय किसी प्रकार की लेई (पेस्ट) का इस्तेमाल किया गया है | यह चित्रकारीयाँ बहुत ही पुरानी हैं परन्तु देखने में ये आधुनिक लगती है जिस पर पुरातत्वविद भी विश्वास नहीं कर पाते हैं |
हिमयुग का प्रारंभ - हिमयुग का आरंभ लगभग 25 लाख वर्ष पहले, ध्रुवीय हिमाच्छादन से हुआ था | इसमें पृथ्वी के बड़े-बड़े भाग बर्फ से ढक गए | इससे जलवायु तथा वनस्पति की स्थिति में बड़े-बड़े परिवर्तन आए | तापमान और वर्षा में कमी हो जाने के कारण, जंगल कम हो गए और घास का मैदानों का क्षेत्रफल बढ़ गया |
हिमयुग का अंत - लगभग तेरह हजार वर्ष पहले अंतिम हिमयुग का अंत हो गया | जिससे मनुष्यों में अनेक परिवर्तन आए | जैसे - खेती करना, पशुपालन इत्यादि |