Chapter chapter 5: जन-संघर्ष और आंदोलन Class 10 Political Science CBSE notes in hindi दबाव समूह और राजनितिक दल - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 10 English Medium Political Science All Chapters:
chapter 5: जन-संघर्ष और आंदोलन
2. दबाव समूह और राजनितिक दल
दबाव समूह एवं हित समूह
दबाव समूह के गुण :
(i) ये प्रत्यक्ष रूप से सरकार में भागीदार नहीं होते |
(ii) इनका संगठन ढीला-ढाला होता है |
(iii) इनका प्रभाव सीमित होता है |
(iv) ये निश्चित उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं |
(v) ये सरकार की नीतियों को प्रभावित करते हैं |
दबाव समूह और आन्दोलनों द्वारा राजनिति पर असर डालने के तरीके:
(i) सुचना अभियान चलाकर
(ii) बैठकें आयोजित करके
(iii) मीडिया को प्रभावित करके
दबाव समूहों का राजनिति में प्रभाव :
(i) राजनितिक दल और सरकार पर दबाव डालकर अपनी माँगे मनवाना |
(ii) जन-आन्दोलन द्वारा जनता की सहानुभूति और समर्थन प्राप्त करना |
(iii) सुचना अभियान और मीडिया के द्वारा सरकार और जनता को प्रभावित करना |
(iv) वोट बैंक के लिए राजनितिक दलों द्वारा इन समूहों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करना |
(v) ये बड़े-बड़े नेताओं को अपने संगठन से जोड़ने की कोशिश करते है ताकि इनका प्रभाव बढ़ सके |
(vi) अप्रत्यक्ष रूप से उम्मीदवारों की मदद करते हैं |
दबाव समूहों के उदाहरण:
(i) किसान संघ - अखिल भारतीय किसान यूनियन
(ii) अध्यापक संघ - अखिल भारतीय अध्यापक परिषद्
(iii) छात्र संघ - अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्
(iv) व्यापारी संघ - अखिल भारतीय व्यापार मंडल
दबाव समूहों का राजनितिक संबध :
(i) कुछ मामलों में दबाव समूह राजनितिक दलों द्वारा ही बनाए गए होते हैं |
(ii) बहुत से दबाव समूह राजनितिक दलों के शाखा के रूप में कार्य करते हैं |
(iii) राजनीतिक दलों द्वारा बनाए गए दबाव समूहों के अधिकतर नेता प्राय: किसी न किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता अथवा नेता होते हैं |
(iv) कई बार यही दबाव समूह आन्दोलन से हटकर राजनीतिक दल का रूप ले लेते हैं |
हित समूह के कार्य:
(i) जनमत का निर्माण करना
(ii) हड़तालों और प्रदर्शनों की व्यवस्था करना
(iii) निर्वाचन के समय राजनितिक दलों को समर्थन
राजनीतिक दल
राजनीतिक दलों का गुण :
(i) ये जनता से सीधे जुड़े होते है |
(ii) ये सरकार बनाते है |
(iii) ये पूरी तरह संगठित होते हैं |
(iv) इनका विस्तार क्षेत्र काफी बड़ा होता है |
(v) ये चुनाव प्रक्रिया में भाग लेते है |
राजनीतिक दलों के कार्यक्रम, नीतियाँ एवं उद्देश्य:
सभी राजनीतिक दलों का अपना कार्यक्रम, नीतियाँ एवं उद्देश्य होता है | वे अपनी नीतियों एवं उद्देश्यों को चुनाव के दौरान घोषणा पत्र के द्वारा जनता तक पहुँचती हैं | घोषणा पत्र इनके कार्यक्रम, नीतियाँ एवं उद्देश्यों का विवरण होता है |
घोषणा पत्र का महत्व :
(i) इसके द्वारा किसी दल की आंतरिक या बाहरी नीतियों का पता चलता है |
(ii) चुनाव पश्चात् किये जाने वाले कार्यों की जानकारी मिलती है |
(iii) इनमें वर्णित कार्यों को कराने के लिए जनता सरकार पर दबाव डालती है |
जन-आन्दोलन:
अप्रैल 2006 में नेपाल में हुए जन-आन्दोलन:
कारण:
(i) नेपाल के राजा वीरेन्द्र की अचानक हत्या होने के बाद नेपाल में राजनितिक संकट का पैदा होना |
(ii) नए शासक राजा ज्ञानेंद्र द्वारा लोकतान्त्रिक शासन को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होना |
(iii) तत्कालीन प्रधानमंत्री को अपदस्थ करके जनता द्वारा निर्वाचित सरकार को भंग कर दिया जाना |
परिणाम :
(i) यह बहुत बड़े जन-आन्दोलन का रूप ले लिया |
(ii) हजारों लोग सडकों पर आ गए |
(iii) राजा को सारी माँगे माननी पड़ी |