Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

1. समकालीन विश्व में लोकतंत्र Class 9 Political Science [LATEST] Solutions मुख्य बिंदु in Hindi - CBSE Study

1. समकालीन विश्व में लोकतंत्र Political Science Class 9 exercise - [LATEST] Solutions मुख्य बिंदु cbse board school study materials like cbse notes in Hindi medium, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

NCERT Solutions

Class 7

NCERT Solutions

Class 8

NCERT Solutions

Class 9

NCERT Solutions

Class 10

NCERT Solutions

Class 11

NCERT Solutions

Class 12

NCERT Solutions

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

1. समकालीन विश्व में लोकतंत्र Class 9 Political Science [LATEST] Solutions मुख्य बिंदु in Hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 9 Political Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 1. समकालीन विश्व में लोकतंत्र with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each मुख्य बिंदु is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 9 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Political Science.

Class 9 English Medium Political Science All Chapters:

1. समकालीन विश्व में लोकतंत्र

1. मुख्य बिंदु

मुख्य बिन्दुएँ :

चिली में तख्तापलट :

  • 11 सितंबर, 1973 को चिले के राष्ट्रपति आयेंदे की सरकार का उन्ही की सेना ने तख्तापलट कर दिया, जिसकी अगुआई जनरल आगस्तो पिनोशे किया किया |
  • तख्तापलट के बाद जनरल आगस्तो पिनोशे चिली के राष्ट्रपति बने |
  • फ़ौज ने राष्ट्रपति आयेंदे के निवास को घेर लिया और बम बरसाने लगे, इस फौजी हमले में राष्ट्रपति आयेंदे की मौत हो गई | 
  • इस तख्तापलट के लिए सैन्य शासकों को अमेरिका का साथ था, क्योंकि अमेरिका की सरकार आयेंदे शासन से खुश नहीं थीं |
  • पिनोशे की सरकार ने आयेंदे के समर्थकों और लोकतंत्र की मांग करने वालों का दमन किया, उनकी हत्या कराई | 
  • वे सभी फौजी अधिकारी जिन्होंने तख्तापलट में शामिल होने से इंकार कर दिया था | उनकी हत्याएँ करा दी गई जिनमें चिले के वायुसेना के प्रमुख जनरल अल्बर्टो बैशेले प्रमुख थे | उनकी पत्नी और बेटी को जेल में डालकर काफी प्रताड़ित किया गया | 

 

चिली में लोकतंत्र की वापसी : 

  • 17 वर्ष के शासन के बाद पिनोशे का सैनिक शासन 1988 में समाप्त हुआ जब उन्होंने जनमत संग्रह कराने का फैसला लिया | लोगों ने उनके सैन्य शासन को नकार दिया |
  • सैन्य शासन के अंत के बाद जनरल बैशेले की बेटी मिशेल बैशेले चिली की राष्ट्रपति चुनी गई जो एक लोकतांत्रिक सरकार है | 
  • लोकतान्त्रिक सरकार द्वारा कराये गए जाँच में पाया गया कि पिनोशे सरकार सिर्फ क्रूर ही नहीं थी अपितु उसने भरी भ्रष्टाचार किया था | 

 

पोलैंड में अलोकतांत्रिक सरकार :

  • 1980 में पोलैंड पर जारुजेल्स्की के नेतृत्व में पोलिश यूनाइटेड वर्कर्स पार्टी का  शासन था, जो मजदुर वर्ग के नाम पर शासन चला रहा था | 
  • पोलिश यूनाइटेड वर्कर्स पार्टी उन साम्यवादी दलों में से एक था जो तब पूर्वी यूरोप के अनेक देशों पर शासन करते थे | 
  • इन साम्यवादी शासन वाले देशों में किसी अन्य राजनितिक दलों को राजनिति में भाग लेने की अनुमति नहीं थी |
  • लोग साम्यवादी शासन या अधिकारीयों का चुनाव अपनी इच्छा से नहीं कर सकते थे |
  • नेताओं या पार्टी या सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को जेल में डाल दिया जाता था |
  • पोलैंड की सरकार को एक बड़े साम्यवादी देश, सोवियत संघ का समर्थन हासिल था और वही इस पर नियंत्रण भी करता था |
  • जनरल जारुजेल्स्की ने आन्दोलनों और अपनी आलोचनाओं से घबराकर दिसंबर 1981 में मार्शल लॉ घोषित कर दिया |  

पोलैंड में लोकतंत्र :

  • लेनिन जहाज कारखाना के मजदूरों ने हड़ताल किया जिसका नेतृत्व बाद में लेक वलेशा ने किया जो एक पेशे से इलेक्ट्रिशियन था | बाद में वह पोलैंड का राष्ट्रपति चुना गया | 
  • पोलैंड में कानून के  अनुसार हड़ताल की इजाज़त नहीं थी क्योंकि देश में शासक दल से अलग किसी स्वतंत्र मजदूर संघ की अनुमति नहीं थी |
  • जब हड़ताल को समर्थन मिलना शुरू हो गया तो मजदूरों ने अन्य बड़ी मांगे शुरू कर दी जो निम्न थी - स्वतंत्र मजदूर संघ बनाने की मांग की, राजनैतिक बंदियों को रिहा किया जाए और प्रेस पर लगी सेंसरशिप हटाई जाए | 

 

Topic Lists:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.