15. हमारे चारों ओर वायु Class 6 Science [LATEST] Solutions अध्याय समीक्षा in Hindi - CBSE Study
NCERT Solutions for Class 6 Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 15. हमारे चारों ओर वायु with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each अध्याय समीक्षा is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 6 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science.
Class 6 English Medium Science All Chapters:
15. हमारे चारों ओर वायु
1. अध्याय समीक्षा
अध्याय-समीक्षा
-
वायु में जलवाष्प विद्यमान होती है। जब वायु किसी ठंडे पृष्ठ के संपर्क में आती है तो इसमें उपस्थित जलवाष्प ठंडी होकर संघनित हो जाती है तथा जल की बूँदें ठंडे पृष्ठ पर दिखाई देती हैं। - वायु प्रत्येक स्थान पर मिलती है। हम वायु को देख नहीं सकते परंतु इसे अनुभव कर सकते हैं।
- गतिशील वायु को पवन कहते हैं।
- वायु का द्रव्यमान होता है और वायु जगह घेरती है।
- जल तथा मिट्टी में वायु उपस्थित होती है।
- वायु नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प तथा कुछ अन्य गैसों, का मिश्रण है। इसमें कुछ धूल-कण भी हो सकते हैं।
- ऑक्सीजन ज्वलन में सहायक तथा श्वसन के लिए आवश्यक है।
- वायु की वह परत, जो पृथ्वी को घेरे हुए हैं, उसे वायुमंडल कहते हैं।
- पृथ्वी पर जीवन के लिए वायुमंडल आवश्यक है।
- जलीय-प्राणी श्वसन के लिए जल में घुली वायु का उपयोग करते हैं।
- वायु से ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड के विनिमय के लिए पौधे तथा जंतु एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।
- पवन चक्की पवन से चलने वाली युक्ति है जो डायनेमों की सहायता से विद्युत उत्पन्न करता है |
- जल में वायु की उपस्थिति के कारण बुलबुले उठते है |
- वायु का कोई रंग नहीं होता। हम इसके आर-पार देख सकते हैं। यह पारदर्शी होती है।
- पर्वतारोही ऊँचे पर्वतों पर चढ़ाई के समय ऑक्सीजन सिलिंडर अपने साथ इसलिए ले जाते है क्योंकि अत्यधिक ऊंचाई पर वायु में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है |
- प्रकृति में जलचक्र के लिए वायु में जलवाष्प का उपस्थित होना अनिवार्य है।
- जलने की क्रिया केवल ऑक्सीजन की उपस्थिति में ही संभव है।
- वायु का लगभग 4/5 वाँ भाग नाइट्रोजन होता है |
- पादप एवं जंतु श्वसन प्रक्रिया में ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड बनाते हैं।
- कार्बोन-डाइऑक्साइड गैस की उपस्थिति में घुटन महसूस होती है |
- कोई भी पदार्थ जब जलता है तो कार्बन-डाइऑक्साइड गैस निकलती है |
- ईंधन तथा पदार्थों के जलने से धुँआ भी उत्पन्न होता है। धुंएँ में कुछ गैसें एवं सूक्ष्म धूल कण होते हैं जो प्रायः हानिकारक होते हैं।
- कंपनियों में लगी चिमनियाँ धुएँ में उपस्थित हानिकारक पदार्थों को हमारी नाम से दूर ले जाता है |
- हमारी नाक में छोटे-छोटे बाल तथा श्लेष्मा उपस्थित होते हैं जो धूल के कणों को श्वसन-तंत्र में जाने से रोकते हैं |
- नाइट्रोजन और ऑक्सीजन जैसी गैसें मिलकर वायु का 99% भाग बनाती हैं। शेष 1% में कार्बन डाइऑक्साइड, कुछ अन्य गैसें, जलवाष्प तथा धूल के कण होते हैं |
Topic Lists: