Your Complete CBSE Learning Hub

Free NCERT Solutions, Revision Notes & Practice Questions

Notes | Solutions | PYQs | Sample Papers — All in One Place

Get free NCERT solutions, CBSE notes, sample papers and previous year question papers for Class 6 to 12 in Hindi and English medium.

Advertise:

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता Class 6 Science Curiosity [LATEST] Solutions Chapter Review (अध्याय-समीक्षा) in Hindi - CBSE Study

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता Science Curiosity Class 6 exercise - [LATEST] Solutions Chapter Review (अध्याय-समीक्षा) cbse board school study materials like cbse notes in Hindi medium, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

• Hi Guest! • LoginRegister

Class 6

NCERT Solutions

Class 7

NCERT Solutions

Class 8

NCERT Solutions

Class 9

NCERT Solutions

Class 10

NCERT Solutions

Class 11

NCERT Solutions

Class 12

NCERT Solutions

Class 6

CBSE Notes

Class 7

CBSE Notes

Class 8

CBSE Notes

Class 9

CBSE Notes

Class 10

CBSE Notes

Class 11

CBSE Notes

Class 12

CBSE Notes

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता Class 6 Science Curiosity [LATEST] Solutions Chapter Review (अध्याय-समीक्षा) in Hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 6 Science Curiosity are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important Chapter 2. सजीव जगत में विविधता with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each Chapter Review (अध्याय-समीक्षा) is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 6 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science Curiosity.

Class 6 English Medium Science Curiosity All Chapters:

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

1. Chapter Review (अध्याय-समीक्षा)

Chapter 2. सजीव जगत में विविधता

यह अध्याय विद्यार्थियों को अपने आसपास पाए जाने वाले पौधों एवं जंतुओं की अद्भुत विविधता से परिचित कराता है। इसमें जीवों का अवलोकन, उनकी समानताओं एवं भिन्नताओं के आधार पर वर्गीकरण तथा जैव विविधता के महत्व को सरल गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया है। साथ ही पौधों के विभिन्न समूह, पत्तियों का शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार तथा बीजपत्रों के आधार पर पौधों का वर्गीकरण भी बताया गया है। :contentReference[oaicite:0]{index=0}

Chapter Review (अध्याय समीक्षा)

इस अनुभाग में अध्याय के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं, वैज्ञानिक शब्दों, परिभाषाओं, परीक्षा उपयोगी तथ्यों तथा त्वरित पुनरावृत्ति सामग्री को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है।

अध्याय परिचय

  • प्रकृति में अनेक प्रकार के पौधे एवं जंतु पाए जाते हैं।
  • सभी जीवों में कुछ समानताएँ तथा अनेक भिन्नताएँ होती हैं।
  • इन समानताओं एवं भिन्नताओं के आधार पर उनका वर्गीकरण किया जाता है।
  • जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन के संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
  • अवलोकन विज्ञान सीखने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।

अध्ययन के उद्देश्य

  • जैव विविधता का अर्थ समझना।
  • पौधों एवं जंतुओं की पहचान करना।
  • समानताओं एवं भिन्नताओं के आधार पर समूह बनाना सीखना।
  • पौधों का वर्गीकरण करना।
  • पत्तियों, जड़ों तथा बीजों की विशेषताओं को समझना।
  • प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होना।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी जीव मिलकर उसकी जैव विविधता बनाते हैं।
  • पौधों का वर्गीकरण शाक, झाड़ी, वृक्ष, आरोही लता एवं विसर्पी लता के रूप में किया जाता है।
  • पत्तियों में जालिकारूपी तथा समांतर शिरा-विन्यास पाए जाते हैं।
  • जड़ों के मुख्य प्रकार— मूसला जड़ एवं रेशेदार (झकड़ा) जड़ हैं।
  • द्विबीजपत्री पौधों में सामान्यतः जालिकारूपी शिरा-विन्यास एवं मूसला जड़ होती है।
  • एकबीजपत्री पौधों में सामान्यतः समांतर शिरा-विन्यास एवं रेशेदार जड़ होती है।
  • प्रत्येक जीव पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • जीवों का संरक्षण मानव का दायित्व है।

महत्वपूर्ण परिभाषाएँ

  • जैव विविधता : किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले सभी प्रकार के पौधों, जंतुओं एवं अन्य जीवों की विविधता।
  • वर्गीकरण : समान गुणों के आधार पर जीवों को समूहों में बाँटना।
  • शाक : कोमल एवं हरे तने वाले छोटे पौधे।
  • झाड़ी : कठोर तने वाले मध्यम आकार के पौधे जिनकी शाखाएँ भूमि के निकट निकलती हैं।
  • वृक्ष : ऊँचे तथा मोटे कठोर तने वाले पौधे।
  • आरोही लता : सहारे के साथ ऊपर चढ़ने वाला पौधा।
  • विसर्पी लता : भूमि पर फैलकर बढ़ने वाला पौधा।
  • शिरा-विन्यास : पत्ती की शिराओं का विन्यास।
  • मूसला जड़ : एक मुख्य जड़ तथा उससे निकलने वाली पार्श्व जड़ें।
  • रेशेदार जड़ : समान आकार की अनेक पतली जड़ों का समूह।
  • एकबीजपत्री : जिन बीजों में एक बीजपत्र होता है।
  • द्विबीजपत्री : जिन बीजों में दो बीजपत्र होते हैं।

महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शब्द

  • जैव विविधता
  • वर्गीकरण
  • अवलोकन
  • शाक
  • झाड़ी
  • वृक्ष
  • आरोही लता
  • विसर्पी लता
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास
  • समांतर शिरा-विन्यास
  • मूसला जड़
  • रेशेदार जड़
  • एकबीजपत्री
  • द्विबीजपत्री

याद रखने योग्य तथ्य

  • जैव विविधता किसी क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि का संकेत है।
  • सभी जीव एक-दूसरे पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं।
  • जालिकारूपी शिरा-विन्यास सामान्यतः मूसला जड़ से संबंधित होता है।
  • समांतर शिरा-विन्यास सामान्यतः रेशेदार जड़ से संबंधित होता है।
  • प्रकृति का अवलोकन वैज्ञानिक सोच विकसित करता है।

सामान्य गलतियाँ

  • शाक, झाड़ी और वृक्ष में भ्रम करना।
  • मूसला एवं रेशेदार जड़ों में अंतर न समझ पाना।
  • जालिकारूपी एवं समांतर शिरा-विन्यास को पहचानने में गलती करना।
  • जैव विविधता और केवल जीवों की संख्या को एक ही समझ लेना।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • जैव विविधता की परिभाषा।
  • पौधों का वर्गीकरण।
  • शाक, झाड़ी एवं वृक्ष में अंतर।
  • मूसला एवं रेशेदार जड़ में अंतर।
  • एकबीजपत्री एवं द्विबीजपत्री पौधों में अंतर।
  • शिरा-विन्यास के प्रकार।
  • जीवों के वर्गीकरण का महत्व।

त्वरित पुनरावृत्ति

  • जीवों में विविधता पाई जाती है।
  • समान विशेषताओं के आधार पर वर्गीकरण किया जाता है।
  • वृक्ष, झाड़ी और शाक पौधों के प्रमुख समूह हैं।
  • पत्तियों में दो प्रमुख प्रकार के शिरा-विन्यास होते हैं।
  • जड़ों के दो मुख्य प्रकार होते हैं।
  • बीजपत्रों की संख्या के आधार पर पौधों का वर्गीकरण किया जाता है।
  • जैव विविधता का संरक्षण आवश्यक है।

अध्याय सारांश

इस अध्याय में जीव-जगत की विविधता, पौधों एवं जंतुओं का अवलोकन, उनके वर्गीकरण के आधार, पौधों के विभिन्न समूह, पत्तियों के शिरा-विन्यास, जड़ों के प्रकार, बीजपत्रों के आधार पर पौधों का वर्गीकरण तथा जैव विविधता के महत्व का अध्ययन किया गया। यह अध्याय विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरण संरक्षण की भावना तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करता है।

Topic Lists:

Disclaimer:

This website's domain name has included word "CBSE" but here we clearly declare that we and our website have neither any relation to CBSE and nor affliated to CBSE organisation.