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3. धातु और अधातु Class 10 Science [LATEST] Solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर in Hindi - CBSE Study

3. धातु और अधातु Science Class 10 exercise - [LATEST] Solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर cbse board school study materials like cbse notes in Hindi medium, all chapters and exercises are covered the ncert latest syllabus 2026 - 27.

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3. धातु और अधातु Class 10 Science [LATEST] Solutions महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर in Hindi - CBSE Study

NCERT Solutions for Class 10 Science are carefully prepared according to the latest CBSE syllabus and NCERT textbooks to help students understand every concept clearly. These solutions cover all important 3. धातु और अधातु with detailed explanations and step-by-step answers for better exam preparation. Each महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर is explained in simple language so that students can easily grasp the fundamentals and improve their academic performance. The study material is designed to support daily homework, revision practice, and final exam preparation for Class 10 students. With accurate answers, concept clarity, and structured content, these NCERT solutions help learners build confidence and score higher marks in their examinations. Whether you are revising a specific topic or preparing an entire chapter, this resource provides reliable and syllabus-based guidance for complete success in Science.

Class 10 English Medium Science All Chapters:

3. धातु और अधातु

4. महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर:


अतिरिक्त प्रश्न हल सहित:

प्रश्न - दो धातुओ के  नाम लिखिए जो ऊष्मा की सर्वाधिक चालक हैं ।
उत्तर - चाँदी एवं कॉपर । 
प्रश्न - दो सबसे अधिक आधातवर्धय धातु का नाम लिखिए।
उत्तर - सोना तथा चाँदी । 
प्रश्न - दो ऐसे धातुओं के नाम लिखिए जिन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता हैं ।
उत्तर - सोडियम तथा पौटेशियम । 
प्रश्न - उन दो धातुओं का नाम लिखिए जिनका गलनांक इतना कम होता है कि हाथ पर रखते ही वे पिघल जाती है। 
उत्तर - गैलियम तथा सीजीयम । 
प्रश्न - एक धातु तथा एक अधातु का नाम बताइए जो कक्ष ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। 
उत्तर - धातु  - पारा 
       अधातु - ब्रोमीन 
प्रश्न - एक ऐसी अधातु का नाम बताइए जिसकी सतह चमकदार होती हैं ।
उत्तर - आयोडिन । 
प्रश्न - धातु एवम् अधातुए किस प्रकृति के ऑक्साइड बनाता है ?
उत्तर - धातु क्षारकीय ऑक्साइड तथा अधातु अम्लीय ऑक्साइड बनाते है। 
प्रश्न - कार्बन के उस अपररूप का नाम बताइए जो अभी तक ज्ञात सर्वाधिक कठोर पदार्थ है। 
उत्तर - हीरा। 
प्रश्न - उन दो धातुओ का नाम लिखिए जो पानी में रखने पर तैरेने लगते हैं । 
उत्तर - कैल्सियम तथा मैग्नीशयम ।
प्रश्न - कौन सी दो धातुएं तनु नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करता है। 
उत्तर - मैग्नीशियम तथा मैग्नीज  । 
प्रश्न - सोडियम तथा पोटैशियम धातु को किरोसीन में क्यों डुबाकर रखा जाता हैं ।
उत्तर - सोडियम तथा पौटेशियम हवा एवं जल के साथ सामान्य ताप पर भी बहुत तेजी से अभिक्रिया करती हैं । यदि इसे खुला में रखा जाए तो वह आग भी पकड़ लेती हैं । अतः इसकी सुरक्षा के लिए इसे किरोसरन तेल में डुबोकर रखा जाता हैं । 

प्रश्न - मैग्नीशियम धातु जब हवा में जलती है तब उसकी लौ का रंग क्या होता हैं । 
उत्तर - हल्का हरा और नीला | 
प्रश्न - दो धातुओं के नाम बताइए जो पानी से अभिक्रिया नहीं करती लेकिन भाप से अभिक्रिया करती हैं ।
उत्तर - ऐल्युमीनियम तथा आयरन |

प्रश्न - सोडियम क्लोराइड में किस प्रकार आबंध होता हैं ?
उत्तर - आयनिक आंबध । 
प्रश्न - निम्न रासायनिक अभिक्रिया में अपचायक का नाम बताइए।  
      Fe2O3 + Al  → Al2O3 + Fe 

उत्तर - ऐल्युमीनियम
प्रश्न - उस विधी का नाम बताइए जिसके द्वारा सक्रियता श्रेणी में सबसे उपर स्थित धातुओं को निष्कर्षित किया जाता है।
उत्तर - विद्युत अपघटनी अपचयन। 
प्रश्न - धातुओं के निष्कर्षण में सामान्यतः उपयोग में लाये जाने वाले एक सस्ते अपचायक का नाम लिखए। 
उत्तर - कार्बन ।
प्रश्न - विद्युत अपघटनी परिष्करण में अशुद्ध धातु से बनी इलेक्ट्रोड कौन सी है तथा शुद्ध धातु से बनी इलेक्ट्रोड कौन सी है?
उत्तर -

(i) अशुद्ध धातु से बनी इलेक्ट्रोड को एनोड बनाते हैं । 
(ii) शुद्ध धातु से बनी इलेक्ट्रोड को कैथोड बनाया जाता है। 

प्रश्न - तांबे के विद्युत अपघटनी परिष्करण में उपयोग होने वाले विद्युत अपघटय का नाम लिखिए। 
उत्तर - अम्लीकृत कॉपर सलफेट का विलयन 
प्रश्न - अमलगम किसे कहते हैं ?
उत्तर - यदि कोई एक धातु पारद है तो इसके मिश्रधातु को अमलगम कहते है।  
प्रश्न - लोहे से स्टेनलेस स्टील कैसे प्राप्त होता है ?
उत्तर - लोहे के साथ निकैल एवं क्रोमियम मिलाने पर हमें स्टेनलेस स्टील प्राप्त होता है । इसको कठोर बनाने के लिए लगभग 0.05 प्रतिशत कार्बन मिलाया जाता है। 
प्रश्न - मिश्रधातु किसे कहते है ?
उत्तर - दो या दो से अधिक धातुओं के समांगी मिश्रण को मिरधातु कहते है। जैसे - स्टेनलेस स्टील , काँसा , पीतल , सोल्डर आदि । 
प्रश्न - ताँबा और जस्ते से बने एक मिश्रधातु का नाम लिखे। 
उत्तर - पीतल। 
प्रश्न - ताँबा और टीन से बने एक मिश्रधातु का नाम लिखे।
उत्तर - काँसा । 
प्रश्न - सीसा तथा टीन से बने मिश्रधातु का नाम लिखे। 
उत्तर - सोल्डर । 
प्रश्न - सोल्डर का उपयोग लिखिए। 
उत्तर -  इसका उपयोग विद्युत तारों की परस्पर वेंिल्ंडग के लिए किया जाता है। 
प्रश्न - शुद्ध सोने का उपयोग आभूषण बनाने के लिए क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर - शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है तथा यह काफी नर्म होता है। इसलिए शुद्ध सोने का उपयोग आभूषण बनाने के लिए नहीं किया जाता है।
प्रश्न - शुद्ध सोने को आभूषण बनाने योग्य कैसे बनाते है ?
उत्तर - शुद्ध सोने में 2% ताँबा मिलाकर कठोर बनाया जाता है । क्योंकि शुद्ध सोना आभूषण बनाने योग्य नहीं होता यह बहुत नर्म होता है। 

प्रश्न - धातु के विद्युत अपघटनी परिष्करण के दौरान ऐनोड के नीचे निक्षेपित अविलयशील अशुद्धियों का नाम लिखिए।
उत्तर - एनोड पंक । 

2 अंक के प्रश्न : (Examination Based) 

प्रश्न - ऐलुमिनियम के अयस्क को कार्बन द्वारा अपचयित करके ऐलुमिनियम क्यों नहीं प्राप्त किया जा सकता हैं ?
उत्तर - क्योंकि ऐलुमिनियम सक्रियता श्रेणी में उच्च हैं । जबकि सक्रियता श्रेणी के मध्य में आने वाले धातुओं के अयस्कों का कार्बन द्वारा अपचयित करके धातु प्राप्त किया जाता है। 

प्रश्न - सक्रियता श्रेणी के मध्य में आने वाले धातुओं के अयस्कों निष्कर्षण कैसे किया जाता है ?
उत्तर - सक्रियता श्रेणी के मध्य में आने वाले धातुओं के अयस्कों का कार्बन द्वारा अपचयित करके धातु प्राप्त किया जाता है। 
प्रश्न - सक्रियता श्रेणी में नीचेें आने वाले धातुओं के अयस्कों निष्कर्षण कैसे किया जाता है ?
उत्तर - गर्म करके । 

प्रश्न -  स्टेनलेस स्टील के दो गुण लिखिए । तथा इसको बनाने में कार्बन क्यों मिलाया जाता है ?
उत्तर -  स्टेनलेस स्टील के दो गुण:- 
(i) यह कठोर होता है। 
(ii) इसमें जंग नहीं लगता है। 
    कार्बन मिलाने से यह अत्यधिक कठोर हो जाता है इसलिए इसको बनाने में कार्बन मिलाया जाता है।

प्रश्न - एक तत्व A ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करने पर ऑक्साइड बनाता है जिसका पानी में विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है । तत्व A धातु है या अधातु |
उत्तर - धातु , चूकिँ लाल लिटमस को नीला करने का गुण क्षारकीय में होता हैं । धातु के आक्साइड की प्रकृति क्षारकीय होता है, अत: A एक धातु है | 

प्रश्न - क्या अधिकांश धातुएं नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन उत्पन्न करती है ? कारण दीजिए ।

उत्तर - नहीं, सभी धातुएँ नाइट्रिक अम्ल के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न नहीं करती है। क्योंकि HNO3 एक प्रबल ऑक्सीकारक होता है जो उत्पन्न H2 को ऑक्सीकृत करके जल में परिवर्तित कर देता है एवं स्वयं नाइट्रोजन के किसी ऑक्साइड में अपचयित हो जाता है।  

प्रश्न - सोडियम क्लोराइड का क्वथनांक उच्च क्यों होता है ?

उत्तर - सोडियम क्लोराइड एक आयनिक यौगिक है इसलिए इसका क्वथनांक उच्च होता है। क्योंकि मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण को तोडने के लिए बहुत अधिक उर्जा की आवश्यकता होती है। 
प्रश्न - आयनिक यौगिकों के गलनांक उच्च क्यों होता है ?
उत्तर - आयनिक यौगिकों के गलनांक उच्च इसलिए होता है क्योंकि मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण को तोडने के लिए बहुत अधिक उर्जा की आवश्यकता होती है।

प्रश्न - आयनिक यौगिक ठोस एवं कठोर क्यों होते है ?
उत्तर - धन एवं ऋण आयनों के बीच मजबूत आकर्षण बल के कारण आयनिक यौगिक ठोस एवं कठोर होत

Q1. - धातु क्या है ?

उत्तर- धातुएँ वे तत्व होती है जो इलैक्ट्रान खोकर धनात्मक आयन बनाते है। धातु के बाह्यतम कोश मे सामान्यत: एक दो या तीन इलैक्ट्रान होते हैं। धातुऐ चमकिली होती है और ठोस होती है। धातु उष्मा तथा विधुत की सुचालक होती है।

Q2. - अधातु क्या है ?
उत्तर - अधातु वे तत्व है जो इलैक्ट्रान लेकर ऋणात्मक आयन बनाती है। अधातुऐं परमाणुओं के बाह्यतम कोश में पॉच, छः, सात तथा आठ इलैक्ट्रान होता है। केवल हाइड्रोजन तथा हीलियम को छोडकर के अधातु ठोस, द्रव्य और गैस तीनो होते है। यह सामान्य ऊष्मा तथा विदुयुत के कुचालक होते है। 

Q3. - खनिज क्या है ?
उत्तर - खनिज पृथ्वी के अन्दर पाए वाले वह प्राकृतिक पदार्थ है जिसमें धातुऐें के यौगिक पाये जाते है। जैसे मैग्निज, बाक्साइड आदि। 

Q4. - अयस्क क्या है ?

उत्तर -  अयस्क वह खनिज होते हैं। जिनसे धातुओं का निष्कर्षण लाभप्रद हो और जिनमें धातु की मात्रा अधिक हो |

सभी अयस्क खनिज होती है। परन्तु सभी खनिज अयस्क नही होता है। वह खनिज जो सस्ते से सस्ते विधी से किसी तत्व को प्राप्त करते है वह तत्व का अयस्क कहलाता
है।
Q5. - गैंग किसे कहते है ?

उत्तर - पृथ्वी से प्राप्त खनिज अयस्कों में मिटटी, रेत आदि जैसे कई अशुद्धियाँ होती है जिन्हें गैंग कहते है। 

Q6. - धात्विक या धातुक्रम क्या है ?

उत्तर - अयस्क से धातुओं का निष्कर्षण करने तथा धातुओं को प्राप्त करने की प्रक्रिया को धात्विक या धातु क्रम कहते है । 

Q7. - निस्तापन क्या है ?
उत्तर - कार्बोनेट अयस्कों को वायु कि अनुपस्थिति में अयस्क को गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित करना निस्तापन कहलाता है । 

Q8. - अयस्क का समृद्धिकरण क्या है ?
उत्तर - अयस्कों में से अंवाछनिय अशुद्धियों को दूर करने की प्राक्रिया को अयस्क का समृद्विकरण या साद्ररण कहते हैं । 

Q9. - भर्जन क्या है ?
उत्तर - सल्फाइड अयस्कों को वायु की उपस्थिति में गर्म करके ऑक्साइड में परिवर्तित करना भर्जन कहलाता है
Q10. - धातु परिष्करण क्या है ? धातु परिष्करण की कितनी विधियाँ है। 
उत्तर -
अशुद्ध धातुओं को शुद्ध करना धातु परिष्करण कहलाता है। 

धातु परिष्करण की चार विधियाँ है ।

1. परिसमापन 
2. आसवन 
3. विद्युत अपघट्य परिष्करण 
4. जोन परिष्करण विधि                         

Q11. - धातु का सक्षांरण क्या है ?

उत्तर - धातु का सक्षांरण धातु के क्षय होने की एक धीमी प्रक्रिया है जो अपने आस-पास उपस्थिति वायु (अॅाक्सीजन) तथा नमी तथा प्रदूषको की क्रिया के कारण अपने ऊपर एक धातु ऑक्साइड की परत बना लेता है और जिससे धातु धीरे-धीरे क्षय होने लगता है | यही धातु का संक्षारण कहलाता है | लोहे मे जंग लगना लोहे के संक्षारण का एक उदाहरण है । 

Q12. - रंबड का वाल्वनीकरण क्या है ?
उत्तर - प्राकृतिक रंबड को सल्फर के साथ गर्म करने की प्रक्रिया को रबंड का वाल्वनीकरण कहते है | ऐसा उनके गुणों में सुधार करने के लिए किया जाता है । 

Q13. - अघातवर्ध्यता तथा तन्यता का क्या अभिप्राय है ? 
उत्तर - अघातवर्ध्यता - धातुओं का वह गुण जिनसे उनकों हथौड़े से पीट कर पतली चादर बनाई जा सकती है । धातुओं के इस गुण को अघातवर्ध्यता कहते हैं । सोना तथा चॉदी सबसे अधिक अघातवर्ध्य धातुऐ हैं |

तन्यता - धातुओं का वह गुण जिनसे उनकों खीचकर पतली तार बनाया जा सकता है धातुओं के इस गुण को तन्यता कहते हैं । 

Q14. - मिश्रधातु क्या है ?

उत्तर - किसी धातु का अन्य धातु या अधातु के साथ समांगी मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं | उन्हे पिघली अवस्था मे रख कर प्राप्त किया जाता है । 

Q15. - धातुओं की संक्षारण रोकने की दो विधियो को लिखों। 

उत्तर -

1. रोधी विधि द्वारा - वायु तथा धातु के बीच में रोधी का परत लगाकर धातु का संक्षारण रोका जा सकता है। यह पेन्ट, वारनिस या टिन, कॉपर, क्रोनियम, निकेल का विद्युत लेपन करके किया जाता है।
2. उत्सर्ग विधि द्वारा - इस प्रक्रिया में जिंक की परत से उस तत्व को ढ़ककर उस धातु का संक्षारण रोका जा सकता हैं । इस प्रक्रिया को गैल्वीनीकरण (यशदलेपन) कहते है।
Q16. - यशद् लेपन या जस्तीकरण या  गैल्वीनीकरण किसे कहते है ?
उत्तर - किसी धातु पर जस्ता लेपन की प्रक्रिया को जस्तीकरण या गैल्वीनीकरण कहते है।

Q17. - अयस्क को समृधि करने की विधियो का वर्णन करो । 

उत्तर -

1. द्रव्य चालित ढुलाई - इस विधि का उपयोग आक्साइड अयस्क को समृद्ध करने के लिए किया जाता है । गैग कण समान्यता अयस्क कणों के सपेक्षा हल्के होते हैं। इस प्रक्रम मे संक्षालित एंव बारिक पीसेे हुऐ अयस्क को जल धारक द्वारा धुलाई करते है । जिसके फलस्वरूप हमे हल्के गेंग कण जल धारा के साथ बहने के उपरांत भारी अयस्क कण प्राप्त होते है ।
2. फेन प्लवन प्रक्रम - यह विधि विशेष रुप से कॉपर जिंक एंव लेड के सल्फाइड अयस्को को गैग से पृथक करने के लिए उपयोग मे लाई जाती है। इस प्रक्रम मे बारिक हुऐ अयस्क एक बडे टेक मे जल  के साथ मिश्रत करके कर्दम बना लेते है। तत्पश्चात उसमे चीड का तेल डालते है। इस कर्दम मे जब तीव्र गति से वायु प्रवाहित की जाती है तो उसके फलस्वरूप हल्का तेल फेन जिसमें प्रमुख्यता सल्फाइड अयस्क होता है। ऊपर उठ कर टैक की ऊपरी सतह पर मलफेन के रूप मे तैरता है। जिसे अपमलन करके सुखा लेते है। चूँकि अयस्क गेंग भारी होते है। इसलिए जल मे डुबोकर टैंक के तल पर जमा हो जाते है। 

3. विधुत चुम्बकिय पृथक्करण - इस विधी से चुम्बकिय अयस्कों अलग किया जाता है। चुम्बकिय पृथ्क्करण मे एक चमडे का पट्टा होता है जो दो रोलरो पर घूमता है जिसमे से एक रोलर विधुत चुम्बकीय होता है बारीक पिसे हुऐ अयस्क को घुमते हुऐ पटटे के एक सिरे पर डालते है। तो अयस्क का चुम्बकिय भाग , चुंबक से आकर्षित होकर उसके समीप एक ढेर के रूप में इक्कठा हो जाता बनाती हैं।
4. रासायनिक पृथ्क्करण - रासायनिक पृथ्क्करण प्रक्रम मे अयस्क एंव गैंग के रासायनिक गुणधर्मो के भिन्नता के आघार पर बानाने है, इस प्रक्रम से शुद्ध घातु प्राप्त कराने के लिए विभिन्न रासायनिक प्रक्रिया का उपयोग करते है।
Q17. -  अपचयन क्या हैं ?
उत्तर -  धातु यौगिको से धातुओं को प्राप्त करने के प्रक्रम को अपचयन कहते है।


1 अंक वाले प्रश्न (Examination Based) : 

 

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