Chapter 4. नवारंभ:नगर एवं राज्य Class 7 Social Science Part-1 CBSE notes in hindi Quick Revising Notes - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 7 English Medium Social Science Part-1 All Chapters:
4. नवारंभ:नगर एवं राज्य
1. Quick Revising Notes
Quick Revision Notes — नवारंभ : नगर एवं राज्य
• द्वितीय नगरीकरण भारत में नगरों के पुनः विकास की प्रक्रिया थी।
• हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद लंबे समय तक नगरीय जीवन कमजोर रहा।
• प्रथम सहस्राब्दी ईसा पूर्व में नए नगरों का विकास प्रारंभ हुआ।
• गंगा के मैदान द्वितीय नगरीकरण का प्रमुख केंद्र बने।
• पुरातात्विक उत्खनन से प्राचीन नगरों के प्रमाण मिले हैं।
• बौद्ध और जैन साहित्य में नए नगरों का वर्णन मिलता है।
• जनपद ऐसे क्षेत्र थे जहाँ कोई जन या समुदाय निवास करता था।
• प्रत्येक जनपद का अपना शासक होता था।
• व्यापारिक मार्गों के विकास से जनपद समृद्ध हुए।
• महाजनपद बड़े और शक्तिशाली राज्य थे।
• 16 महाजनपद प्राचीन भारत में प्रसिद्ध थे।
• मगध सबसे शक्तिशाली महाजनपदों में से एक था।
• कोसल, वत्स और अवंति भी महत्वपूर्ण महाजनपद थे।
• महाजनपदों की राजधानियाँ मजबूत किलों से घिरी होती थीं।
• परिखा सुरक्षा के लिए बनाई गई गहरी खाई होती थी।
• सभा और समिति प्रारंभिक शासन संस्थाएँ थीं।
• राजा मंत्रियों और सभा से परामर्श लेकर निर्णय लेता था।
• कुछ महाजनपदों में गणतांत्रिक शासन प्रणाली थी।
• वज्जि और मल्ल प्रारंभिक गणराज्य माने जाते हैं।
• गणराज्य में राजा का चयन सभा द्वारा किया जाता था।
• इस काल में बौद्ध और जैन धर्म का विकास हुआ।
• लौह धातु के प्रयोग से कृषि और युद्ध में प्रगति हुई।
• लोहे के औजारों से खेती का विस्तार हुआ।
• लोहे के हथियार कांस्य की तुलना में अधिक प्रभावशाली थे।
• इस समय भारत में सिक्कों का प्रयोग शुरू हुआ।
• प्रारंभिक सिक्के चाँदी के बने होते थे।
• आहत सिक्के प्रतीकों को अंकित करके बनाए जाते थे।
• व्यापार के विस्तार से मुद्रा का महत्व बढ़ा।
• समाज विभिन्न वर्गों और समूहों में विभाजित होने लगा।
• जाति विशेष व्यवसाय से जुड़ा सामाजिक समूह था।
• कौशल पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होते थे।
• वर्ण व्यवस्था में चार प्रमुख वर्ण थे।
• ब्राह्मण ज्ञान और धार्मिक कार्यों से जुड़े थे।
• क्षत्रिय रक्षा और शासन का कार्य करते थे।
• वैश्यों का कार्य व्यापार और कृषि था।
• शूद्र सेवा और शिल्प कार्यों में लगे रहते थे।
• प्रारंभिक समाज में व्यवसाय बदलना संभव था।
• समय के साथ वर्ण-जाति व्यवस्था कठोर होती गई।
• उत्तरापथ महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था।
• दक्षिणापथ उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता था।
• शिशुपालगढ़ पूर्वी भारत का प्रमुख नगर था।
• दक्षिण भारत में चोल, चेर और पांड्य राज्यों का उदय हुआ।
• दक्षिण भारत मसालों और बहुमूल्य वस्तुओं के लिए प्रसिद्ध था।
• लगभग 300 ईसा पूर्व तक पूरा उपमहाद्वीप व्यापार से जुड़ चुका था।
• महाजनपदों के बाद नए साम्राज्यों का उदय हुआ।