Chapter 2. मौसम को समझना Class 7 Social Science Part-1 CBSE notes in hindi Quick Revising Notes - CBSE Study
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CBSE NOTES:
Class 7 English Medium Social Science Part-1 All Chapters:
2. मौसम को समझना
1. Quick Revising Notes
अध्याय 2 — मौसम को समझना
1. मौसम किसी स्थान की वायुमंडलीय दशाओं को कहते हैं।
2. पृथ्वी के सबसे निकट वाली वायुमंडलीय परत को क्षोभमंडल कहते हैं।
3. लगभग सभी मौसम संबंधी घटनाएँ क्षोभमंडल में होती हैं।
4. तापमान मौसम का एक महत्वपूर्ण तत्व है।
5. वर्षण में वर्षा, हिम और ओले शामिल होते हैं।
6. वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी की सतह पर महसूस होने वाला वायु का दबाव है।
7. पवन वायु का संचलन है जिसमें गति और दिशा शामिल होती है।
8. आर्द्रता वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा को कहते हैं।
9. प्राचीन काल से लोग प्रकृति के संकेतों से मौसम का अनुमान लगाते रहे हैं।
10. चींटियों का अंडे ऊपर ले जाना भारी वर्षा का संकेत माना जाता है।
11. मौसम विज्ञान मौसम और उसके विकास का अध्ययन है।
12. तापमापी तापमान मापने का उपकरण है।
13. सेल्सियस और फॉरेनहाइट तापमान मापने के प्रमुख पैमाने हैं।
14. डिजिटल तापमापी अधिक सटीक माने जाते हैं।
15. भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 1875 में हुई थी।
16. वर्षा मापने वाले उपकरण को वर्षामापी कहते हैं।
17. वायुमंडलीय दबाव ऊँचाई बढ़ने पर कम हो जाता है।
18. निम्न दबाव कभी-कभी तूफान या चक्रवात का रूप ले सकता है।
19. वायुदाबमापी को बैरोमीटर कहा जाता है।
20. पवन उच्च दबाव क्षेत्र से निम्न दबाव क्षेत्र की ओर बहती है।
21. पवन की दिशा मापने के लिए वात दिक्सूचक यंत्र का उपयोग किया जाता है।
22. पवन की गति मापने वाले उपकरण को एनीमोमीटर कहते हैं।
23. समुद्र के निकट क्षेत्रों में आर्द्रता अधिक होती है।
24. आर्द्रता को सापेक्षिक आर्द्रता के रूप में मापा जाता है।
25. आर्द्रतामापी को हाइग्रोमीटर कहा जाता है।
26. मौसम केंद्र में मौसम मापने के सभी उपकरण लगे होते हैं।
27. स्वचालित मौसम केंद्र मौसम के आँकड़े स्वयं रिकॉर्ड करते हैं।
28. मौसम वैज्ञानिक आँकड़ों के आधार पर मौसम का पूर्वानुमान लगाते हैं।
29. मौसम का सटीक पूर्वानुमान आपदाओं से बचाव में मदद करता है।
30. तापमान, वर्षण, पवन, आर्द्रता और वायुदाब मिलकर मौसम बनाते हैं।