Chapter Chapter 8. जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा Class 6 Science Curiosity CBSE notes in hindi CBSE Full Notes - CBSE Study
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Chapter 8. जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
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Chapter 8. जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा
जल पृथ्वी पर जीवन का आधार है। यह एकमात्र ऐसा सामान्य पदार्थ है जो प्राकृतिक रूप से ठोस, द्रव तथा गैसीय तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है। ताप एवं वातावरण में परिवर्तन के कारण जल एक अवस्था से दूसरी अवस्था में बदलता रहता है। इस अध्याय में इन्हीं परिवर्तनों तथा उनके वैज्ञानिक कारणों का अध्ययन किया गया है।
Detailed Notes (विस्तृत अध्ययन नोट्स)
हम अपने दैनिक जीवन में जल को अनेक रूपों में देखते हैं। फ्रीजर में रखी बर्फ, पीने का पानी, उबलते पानी से निकलने वाली भाप, सुबह घास पर जमी ओस तथा बादलों से होने वाली वर्षा—ये सभी जल की विभिन्न अवस्थाओं एवं अवस्था परिवर्तन के उदाहरण हैं। इन घटनाओं को समझना विज्ञान के साथ-साथ दैनिक जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
जल की तीन अवस्थाएँ (Three States of Water)
जल मुख्यतः तीन अवस्थाओं में पाया जाता है। प्रत्येक अवस्था के गुण अलग-अलग होते हैं।
| अवस्था | उदाहरण | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| ठोस (Solid) | बर्फ | निश्चित आकार एवं निश्चित आयतन |
| द्रव (Liquid) | जल | निश्चित आयतन, लेकिन पात्र का आकार ग्रहण करता है |
| गैसीय (Gas) | जलवाष्प | न आकार निश्चित, न आयतन निश्चित |
ठोस अवस्था (Solid State)
ठोस अवस्था में जल बर्फ के रूप में पाया जाता है। बर्फ का अपना निश्चित आकार तथा आयतन होता है। इसके कण एक-दूसरे के बहुत निकट होते हैं, इसलिए यह आसानी से बहती नहीं है।
विशेषताएँ
- निश्चित आकार होता है।
- निश्चित आयतन होता है।
- कण एक-दूसरे के बहुत पास होते हैं।
- आसानी से संपीड़ित नहीं होती।
द्रव अवस्था (Liquid State)
द्रव अवस्था में जल का आयतन निश्चित होता है, लेकिन यह जिस पात्र में रखा जाता है उसका आकार ग्रहण कर लेता है। इसके कण ठोस की अपेक्षा अधिक स्वतंत्र होते हैं।
विशेषताएँ
- निश्चित आयतन होता है।
- निश्चित आकार नहीं होता।
- पात्र का आकार ग्रहण कर लेता है।
- आसानी से बह सकता है।
गैसीय अवस्था (Gaseous State)
गैसीय अवस्था में जल जलवाष्प के रूप में पाया जाता है। इसके कण बहुत दूर-दूर होते हैं तथा वे स्वतंत्र रूप से सभी दिशाओं में गति करते हैं।
विशेषताएँ
- न आकार निश्चित होता है।
- न आयतन निश्चित होता है।
- पूरे उपलब्ध स्थान में फैल जाती है।
- आसानी से संपीड़ित की जा सकती है।
अवस्था परिवर्तन (Change of State)
जब किसी पदार्थ का ताप बढ़ता या घटता है, तब वह एक अवस्था से दूसरी अवस्था में परिवर्तित हो सकता है। इस प्रक्रिया को अवस्था परिवर्तन कहते हैं।
| परिवर्तन | प्रक्रिया |
|---|---|
| ठोस → द्रव | पिघलना (Melting) |
| द्रव → गैस | वाष्पीकरण (Evaporation) |
| गैस → द्रव | संघनन (Condensation) |
| द्रव → ठोस | हिमीकरण (Freezing) |
ऊष्मा की भूमिका (Role of Heat)
अवस्था परिवर्तन में ऊष्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
- ऊष्मा मिलने पर बर्फ पिघलकर जल बनती है।
- अधिक ऊष्मा मिलने पर जल जलवाष्प में बदल जाता है।
- ऊष्मा निकलने पर जलवाष्प संघनित होकर जल बनती है।
- और अधिक ऊष्मा निकलने पर जल जमकर बर्फ बन जाता है।
दैनिक जीवन के उदाहरण
- फ्रीजर में पानी का बर्फ बनना।
- बर्फ का धूप में पिघलना।
- कपड़ों का सूखना।
- पसीने का सूखना।
- सुबह घास पर ओस की बूंदें बनना।
- ठंडे पानी की बोतल पर जल की बूंदें दिखाई देना।
- बादलों का बनना तथा वर्षा होना।
याद रखने योग्य बातें
- जल तीनों अवस्थाओं में पाया जाता है।
- बर्फ ठोस, जल द्रव तथा जलवाष्प गैसीय अवस्था है।
- अवस्था परिवर्तन ताप एवं ऊष्मा के कारण होता है।
- ठोस का आकार निश्चित होता है।
- द्रव पात्र का आकार ग्रहण करता है।
- गैस पूरे उपलब्ध स्थान में फैल जाती है।
- जल का प्रत्येक रूप प्रकृति एवं जीवन के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।